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05/10/2025

5 अक्टूबर

तटस्थ रहना

दो लोगों के बीच झगड़ा जब आपके दिल के दो कोनों को छूता हो, तब तटस्थ रहना आसान नहीं होता। यह वह स्थिति होती है जहाँ आप न पूरी तरह किसी के साथ हो सकते हैं, न पूरी तरह अलग। एक पुराना दोस्त है, जिसके साथ आपकी यादें हैं, वो वक़्त है जो आपको अब भी भीतर से जोड़ता है। और दूसरा, जो उतना पुराना नहीं, लेकिन फिर भी इतना क़रीबी है कि उसकी तकलीफ़ आपको अपनी लगती है। ऐसे में जब दोनों के बीच मतभेद होता है, तो सबसे मुश्किल स्थिति आपकी होती है क्योंकि आप बीच में खड़े हैं, और हर दिशा में उम्मीदें फैली हुई हैं। तटस्थ रहना लोग अक्सर कमजोरी समझ लेते हैं, लेकिन असल में यह बहुत हिम्मत मांगता है। क्योंकि इसके लिए आपको अपने मन की भावनाओं से लड़ना पड़ता है। किसी एक का पक्ष लेना आसान होता है, एक साफ़ रास्ता देता है, मन को यक़ीन दिला देता है कि आप सही कर रहे हैं। लेकिन जब आप तटस्थ रहते हैं, तो आप खुद के भीतर के शोर से जूझते हैं, हर बार खुद को यह समझाते हैं कि सच्चाई हमेशा एक तरफ़ नहीं होती। कभी-कभी सच्चाई के हिस्से दोनों के पास होते हैं, बस देखने का नज़रिया अलग होता है।
आपका तटस्थ रहना ग़लत नहीं है। यह इस बात की निशानी है कि आप दोनों की परवाह करते हैं, और किसी को दुखी नहीं करना चाहते। लेकिन हाँ, इससे एक जोखिम ज़रूर जुड़ा है कि आपके दोस्त आपको समझें या न समझें। शायद उन्हें लगे कि आपने साथ नहीं दिया, शायद वे सोचें कि आपकी चुप्पी का मतलब दूरी है। मगर जो सच में आपको जानते हैं, वे समझेंगे कि यह चुप्पी डर की नहीं, ईमानदारी की है। आप न्याय करना नहीं चाहते, बस दिलों के बीच की दरार और चौड़ी नहीं करना चाहते।
क्या आपको बुरा महसूस करना चाहिए? शायद थोड़ा, क्योंकि आप इंसान हैं, और भावनाओं से ऊपर उठना आसान नहीं होता। लेकिन उस अपराधबोध में मत डूबिए। हर लड़ाई में कोई एक सही और एक ग़लत नहीं होता, और हर दोस्ती में उम्मीदों का बोझ अलग-अलग होता है। आपको सिर्फ़ इतना याद रखना चाहिए कि आपका तटस्थ रहना किसी का विरोध नहीं है, बल्कि रिश्तों को बचाने की एक कोशिश है। आपके दोस्त अगर सच्चे हैं, तो वक़्त के साथ उन्हें यह समझ आ जाएगा कि तटस्थ रहना निष्क्रिय होना नहीं है, यह परिपक्वता है। यह उस समझ का प्रतीक है जो कहती है कि कभी-कभी सबसे बड़ा साथ वही होता है, जब आप किसी के ख़िलाफ़ नहीं,

04/10/2025

4 अक्टूबर

कभी हार नहीं मानना

ज़िंदगी में ऐसे अनगिनत पल आते हैं जब लगता है कि अब सब ख़त्म हो गया, अब और आगे बढ़ना नामुमकिन है। हालात बिखरे हुए दिखाई देते हैं, कोशिशें नाकाम लगती हैं और सपनों का बोझ इतना भारी लगता है कि इंसान का मन बैठ जाता है। लेकिन यही वो मोड़ होते हैं जहाँ असली हिम्मत की परीक्षा होती है। हार मान लेना आसान है, सिर झुका लेना आसान है, लेकिन सिर उठाकर डटे रहना ही असली जीत की शुरुआत है। कभी हार न मानने का मतलब यह नहीं कि इंसान हमेशा जीतता है, बल्कि इसका मतलब यह है कि वह हार को आख़िरी पड़ाव नहीं मानता। ठोकरें खाकर भी खड़ा होना, गिरने के बाद भी चलना, यही जज़्बा ज़िंदगी को असल मायने देता है। क्योंकि जीत और हार हमेशा दूसरों की नज़रों से तय नहीं होती, कई बार जीत सिर्फ़ इतनी होती है कि आप कल से बेहतर आज खड़े हैं। दुनिया में हर बड़ी कहानी, हर बड़ा बदलाव, हर कामयाबी उसी पल से जन्मी है जब किसी ने हार मानने से इनकार कर दिया। चाहे वह एक खिलाड़ी हो जो चोटिल होकर भी मैदान में उतरा, चाहे वह एक लेखक हो जिसने असंख्य बार रिजेक्शन झेलकर भी लिखना जारी रखा, या फिर वह आम इंसान जो मुश्किल हालात के बावजूद अपनी ज़िम्मेदारियाँ निभाता रहा।

असल में हार मान लेना इंसान की सबसे बड़ी हार है, क्योंकि यह उसके सपनों और उसकी मेहनत को वहीं रोक देता है। और कभी हार न मानना इंसान को उन मंज़िलों तक पहुँचा देता है जिनकी उसने कल्पना भी नहीं की थी। तो चाहे हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, चाहे रास्ते कितने भी उलझे हुए क्यों न लगें, एक बात याद रखनी चाहिए, अगर साँसें चल रही हैं तो उम्मीद भी चल रही है। और जब तक उम्मीद है, तब तक रास्ता भी है। यही रास्ता हमें बार-बार सिखाता है कि गिरकर उठना ही असल ज़िंदगी है, और कभी हार नहीं मानना ही उसका सबसे बड़ा राज़ है।

27/09/2025

Big shout out to my newest top fans! Sanjay Arya

Agar sahi lge to post ko share jarur kriye
01/08/2025

Agar sahi lge to post ko share jarur kriye

परीक्षाएँ ज्ञान और मेहनत का निष्पक्ष परीक्षण होती हैं, पर आजकल ये भ्रष्टाचार और बेईमानी का अड्डा बन गई हैं। सोचिए, दिन-रात पढ़ाई कर, नींद और आराम त्याग कर, और फिर किसी और की धोखाधड़ी / सिस्टम में खराबी से आपकी मेहनत पर पानी फिर जाए। ये सिर्फ़ व्यक्तिगत सपनों का टूटना नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य पर प्रहार है। जब योग्यता को दरकिनार कर अयोग्य लोग आगे बढ़ते हैं, तो हम असली प्रतिभा को खो देते हैं।जिम्मेदार अधिकारी और मंत्री, जिनका काम शिक्षा प्रणाली की पवित्रता की रक्षा करना है, वे हमें निराश कर रहे हैं। उनकी लापरवाही और कई बार मिलीभगत ने इस सड़न को फैलने दिया है। पर हम चुप नहीं रह सकते। अब समय है पारदर्शिता, कड़े नियमों और सिस्टम से खिलवाड़ करने वालों के लिए कड़ी सज़ा की मांग करने का।आइए, मिलकर परीक्षाओं की पवित्रता को बहाल करें और सुनिश्चित करें कि मेहनत और योग्यता को सही सम्मान मिले। अपनी आवाज़ उठाएँ, एक निष्पक्ष भविष्य के लिए लड़ें!

परीक्षाएँ ज्ञान और मेहनत का निष्पक्ष परीक्षण होती हैं, पर आजकल ये भ्रष्टाचार और बेईमानी का अड्डा बन गई हैं। सोचिए, दिन-र...
01/08/2025

परीक्षाएँ ज्ञान और मेहनत का निष्पक्ष परीक्षण होती हैं, पर आजकल ये भ्रष्टाचार और बेईमानी का अड्डा बन गई हैं। सोचिए, दिन-रात पढ़ाई कर, नींद और आराम त्याग कर, और फिर किसी और की धोखाधड़ी / सिस्टम में खराबी से आपकी मेहनत पर पानी फिर जाए। ये सिर्फ़ व्यक्तिगत सपनों का टूटना नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य पर प्रहार है। जब योग्यता को दरकिनार कर अयोग्य लोग आगे बढ़ते हैं, तो हम असली प्रतिभा को खो देते हैं।जिम्मेदार अधिकारी और मंत्री, जिनका काम शिक्षा प्रणाली की पवित्रता की रक्षा करना है, वे हमें निराश कर रहे हैं। उनकी लापरवाही और कई बार मिलीभगत ने इस सड़न को फैलने दिया है। पर हम चुप नहीं रह सकते। अब समय है पारदर्शिता, कड़े नियमों और सिस्टम से खिलवाड़ करने वालों के लिए कड़ी सज़ा की मांग करने का।आइए, मिलकर परीक्षाओं की पवित्रता को बहाल करें और सुनिश्चित करें कि मेहनत और योग्यता को सही सम्मान मिले। अपनी आवाज़ उठाएँ, एक निष्पक्ष भविष्य के लिए लड़ें!

05/09/2023

किसी ने शिक्षक से पूछा _
क्या करते हो आप???
शिक्षक का सुंदर जवाब देखिए
सुंदर सुर सजाने का साज बनाता हूं
नौसिखिए परिंदों को बाज बनाता हूं
चुपचाप सुनता हूं शिकायते सबकी
तब दुनिया बदलने की आवाज बनाता हूं
समंदर तो परखता हौसले कस्तियों के
और मैं डूबती कश्तियों के जहाज बनाता हूं
बनाएं कोई चांद पे बुर्ज ए खलीफा
अरे मैं कच्ची ईट से ही ताज बनाता हूं
सभी शिक्षकों को समर्पित HAPPY TEACHERS DAY

25/07/2023

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18/06/2023

"पिताजी आप जिस तरह से मेरे हरेक असफलता में साथ होते है और सफल होने पर पीछे खड़े होकर मुस्कुरा देते है 😊 आप दुनिया के सभी बैंको से बड़े है ,आप तो 🙏🏻सर्वस्व न्यौछावर कर रहे है.. जल्दी ही आपको दुनिया के तमाम मंच पर साथ लेकर चलूँगा.
आप तो सुरज है जो संबल, साथ और प्रकाश के साथ सुरक्षा के चौमुखी प्रतिक है , वैसे तो आपके बिना दिन कहा संभव है बसआपका एक फोन काल जोश से प्रफुल्लित कर देता है .आप पर कितना लिखूँ मेरी उतनी औकात ही नही आपके अंश से मेरा सरवंश है."
𝙷𝚊𝚙𝚙𝚢 𝙵𝚊𝚝𝚑𝚎𝚛'𝚜 𝙳𝚊𝚢 पापा💝💝
✍️

27/03/2023

For my grandmother
दादी मां नहीं है ,आपके प्यार का कोई मोल
हां मैं नादान समझ ना पाया था आपका मोल
आपकी वो बाते भी थी कितनी अनमोल
अब समझ में आता है आपके प्यार का मोल
आपकी सादगी और आपका वो ,तप नमन करता हु आपको
हां अब आप साथ नहीं हो मेरे पर आप प्रेम और आशीष अब भी है ,हम सब में
सत सत नमन है आपको
✍️..कृष्ण प्रताप सिंह

24/03/2023

आवाम की आवाज को कैसे दबाया जा रहा है
चंद टुकड़ो के लिये , गुण गान गाया जा रहा है
दीखनी चहिये जहा हालात हिंदुस्तान की
देखिये साहब वहाँ क्या क्या दिखाया जा रहा है

भुखमरी बेरोजगारी खेत मे मरता किसान
छोड़िये महलों को आकर देखिये हिंदोस्तान

आइये फिर देखिये हालात उस इंसान का
लोग कहते है जिसे भगवान हिंदुस्तान का

जो ब्यवस्था कर रहा है शहर के पकवान का
सूखी रोटी से है लगता भोग उस भगवान का

सेठ साहूकार की फटकार जिसकी जिंदगी है
और उसका पूर्ण जीवन उन पगों की बंदगी है

बेटियाँ होती जवां इसकी भी उसको फिक्र है
इस खबर की सिर्फ और बस सिर्फ उसको जिक्र है

इस खबर को कोई भी अखबार लायेगा नही
और न ही किसी चैनल पर ये छायेगा कही

क्योकि इस खबर मे कोई मसाला नही है
और इस पे कोई खास टीआरपी मिलने वाला नही है

इसकी खबर सिर्फ उस इंसान के दिमाग पर चलती है
जिसमे हिंदुस्तान की असली तस्वीर पलती है

यह एक छोटी सी खबर है
जिस से टी.बी. और अखबार दोनो बेखबर है

यह कोई खास खबर नही पल रही है ,
ऐसी बहुत सी खबरे हिंदुस्तान मे चल रही है
,
लेकिन उनपे कोई खास टीआरपी मिलने वाला नही है
, इसलिये पत्रों और अखबारों मे ये चलने वाला नही है ,

मै ठहरा कवि मैने सोचा अभी
जहाँ न पहुँचे रवि वहाँ पहुचे कवि
,इस बात को चरितार्थ किया जाये
और देश के यथार्थ को यथार्थ किया जाये

शायद किसी महासय के दिमाग मे मेरी बात पल जाये
और एक दिन टी.बी. और अखबारों मे टीआरपी खबरों की जगह
देश की असली तस्वीर चल जाये

अखिलेन्द्र
इलाहाबाद विश्वविद्यालय

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Allahabad

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