CARE & CURE Advanced Multi Speciality Clinic

CARE & CURE Advanced Multi Speciality Clinic Consultant Physician & Psychiatrist

Happy Mahashivratri.
11/03/2021

Happy Mahashivratri.

It's true..
21/09/2020

It's true..

23/08/2020

It's time for work out

27/06/2020
संशोधितसम्भागीय जनसंपर्क कार्यालय,भोपालमध्यप्रदेश शासनसमाचार _*भोपाल में होम्योपैथी चिकित्सा से आशा की नई किरण*_ *होम्यो...
26/05/2020

संशोधित
सम्भागीय जनसंपर्क कार्यालय,
भोपाल
मध्यप्रदेश शासन
समाचार

_*भोपाल में होम्योपैथी चिकित्सा से आशा की नई किरण*_

*होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय से 6 कोरोना संक्रमित व्यक्ति स्वस्थ होकर घर को रवाना*

*भोपाल: 25 मई 2020*

शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल जो कि प्रदेश का पहला होम्योपैथिक अस्पताल कोविड केयर सेंटर के रूप में कार्यरत है। होम्योपैथिक पद्धति से कोविड पॉजिटिव मरीजों के इलाज में बड़ी सफलता हाथ लगी है आज 6 कोरोना संक्रमित मरीज जो 14 मई को भर्ती हुए थे, सभी पूर्णता: स्वस्थ होकर घर लौट रहे है, इनमें 2 बच्चे भी शामिल है जिनके माता-पिता पॉजिटिव थे और इन बच्चो को भी होम्योपैथिक दवा दी गई और 10 दिनों तक अपने माता-पिता के साथ रहने के बावजूद इनमें कोई भी कोरोना के लक्षण नहीं देखे गए। बच्चों को कोई भी एलोपैथिक दवा नहीं दी गई थी, बच्चों को सिर्फ होम्योपैथिक दवा ही दी गई थी।

डॉ.मनोज ने बताया इन सभी मरीजों की डिटेल हिस्ट्री लेने के बाद कुछ विशिष्ट लक्षणों के आधार पर होम्योपैथिक दवा का चयन किया गया था इन मरीजों को stannum met, bryonia alba ,camphor, आर्सेनिक एल्बम, इत्यादि लक्षणों के आधार पर प्रत्येक मरीज को उचित डोज में खिलाई गई। परिणाम बहुत आश्चर्यजनक थे , होम्योपैथिक दवा के सेवन के बाद मरीजो की हालत में तेजी से सुधार देखा गया और किसी भी मरीज को ऑक्सीजन की जरुरत नहीं पड़ी.. कोरोना मरीजों का इलाज अस्पताल की सुपरिटेंडेंट डॉ.सुनीता तोमर मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ.प्रवीण जायसवाल , प्रोफेसर डॉ.संजय गुप्ता के गाइडलाइन एवं देखरेख में किया गया ।

कोविड मरीजों का इलाज कर रही पूरी टीम में मेडिकल आफिसर डॉ.देवेन्द्र गुप्ता, डॉ. नमिता सक्सेना, डॉ आशिष जैन , पीजी स्कॉलर डॉ. मनोज कुमार साहू, डॉ.मुकेश मर्सकोले , डॉ कृष्णपाल जाटव, डॉ. संदीप विश्वकर्मा, एवं डॉ. रोहित सामिल रहे।

डॉ.मनोज कुमार साहू ने बताया कि उन्होंने स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल के तहत मरीजों की देखभाल की तथा बहुत ही सावधानी पूर्वक होम्योपैथिक दवा का चयन करके मरीजों तक पहुंचाया उन्होंने बताया की वे सुबह प्रत्येक मरीज से फोन पर बात करके हिस्ट्री कलेक्ट करते थे तथा प्रत्येक मरीज की दवा का चयन विशिष्ट लक्षणों के आधार पर करते थे डॉ मनोज ने बताया कि कुछ पेशेंट में सीने में खालीपन का सेंसेशन स्वाद का ना आना खांसी चलना मितली होना सुगंध या दुर्गंध का ना आना, तेज बुखार आना, खाने का मन ना करना अत्यधिक कमजोरी महसूस होना गले में खर-खर आहट महसूस होना इत्यादि लक्षण विभिन्न ने पेशेंट में देखे गए थे होम्योपैथिक चिकित्सा इंडिविजुअलाइजेशन के सिद्धांत पर आधारित है इसी आधार पर प्रत्येक पेशेंट के लक्षणों के अध्ययन कर दवाई का चयन किया जाता है तथा पीपी किट पहनकर प्रत्येक पेशेंट का राउंड लिया जाता था, जिसमें पेशेंट की जनरल कंडीशन का एसेसमेंट करना पेशेंट के वाइटल जैसे टेंपरेचर पल्स रेट रेस्पिरेशन रेट तथा ब्लड प्रेशर लिया जाता था और उसी दौरान पेशेंट को होम्योपैथिक दवा के सेवन के निर्देश भी दिए जाते थे अगले दिन फोन पर डॉ.मनोज द्वारा प्रत्येक पेशेंट का फॉलोअप लिया जाता था अगर किसी पेशेंट को आराम नहीं मिलता था तो दोबारा हिस्ट्री लेकर अध्ययन कर उसकी मेडिसिन लक्षणों के आधार पर दोबारा चेंज करके दी जाती थी ट्रीटमेंट के दौरान स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल की सभी गाइडलाइन का पालन किया जाता था सभी डॉक्टर रेड लाइन एरिया में पीपी किट पहन कर के राउंड लेते थे तथा प्रॉपर डॉनिंग एवं डोपिंग भी करते थे। 2 से 3 दिन के अंदर सभी मरीजों की हालत में सुधार देखा गया। इसमें से ज्यादातर मरीज भर्ती होने के समय सिम्टम्स लैस थे या बहुत ही माइल्ड सिस्टम वाले थे कुछ मरीजों में सिग्निफिकेंट लक्षण के साथ भर्ती किया गया था।
सबसे अच्छी बात यह है कि इन 12 दिनों में एक भी मरीज की हालत में गिरावट नहीं आई किसी भी मरीज को हायर सेंटर रेफर नहीं किया गया किसी भी मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ी तथा सभी किस हालत में मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से सुधार नोटिस किया गया
कल भी 3 कोरोना संक्रमित व्यक्ति स्वस्थ होकर घर जा चुके है। अभी होम्योपैथी चिकित्सालय महाविद्यालय कालियासोत डेम परिसर में 47 कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को इलाज के लिए रखा गया है

होम्योपैथी आज इस वैश्विक महामारी में बहुत ही कारगर पैथी है, अन्य प्रदेशों में भी हो चुके शोध कार्यों में इसके प्रमाण सामने आ चुके है।

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  is the role of Homeopathy?Homeopathy & COVID-19 (Corona Virus)There can be 3 approaches in Homoeopathy management of C...
15/05/2020

is the role of Homeopathy?

Homeopathy & COVID-19 (Corona Virus)
There can be 3 approaches in Homoeopathy management of COVID-19

Epidemicus:
“GENUS EPIDEMICUS” termed used for the medicine which is indicated in the majority of the patients affected by an epidemic disease (which attacks many persons with very similar sufferings from the same cause).

Approach:
A medicine that has been working well in the patient previously. We can think of remedies like Pulsatilla, Calcarea Carb, and Lycopodium as long-acting and also have a marked action on the chest and it has worked with the patient to relieve most of the conditions. Constitutional medicine is known to improve immunity.

- Miasmatic/Nosode:
When no other symptoms are available. Remedies like Tuberculinum, Tuberculinum Aviare, and Carcinocin can be used with a specific action on the lungs. Such an approach can definitely help the patient to recover faster in some of the difficult cases who are not responding to the normal line of treatment COVID-19

शिशु और बाल मृत्यु दर कम करने का प्रशिक्षण ।                           अनूपपुर । राष्ट्रीय बाल  स्वास्थ्य कार्यक्रम के अ...
03/03/2020

शिशु और बाल मृत्यु दर कम करने का प्रशिक्षण । अनूपपुर । राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आशा व आशा सहयोगिनी की बैच के लिए अर्ली चाइल्ड हुड डेवलपमेंट (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम ) के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया। इसमें गर्भावस्था की तैयारी, पोषण, गर्भधारण तथा गर्भावस्था, प्रसव, नवजात शिशु प्रथम १ घंटा, पहला दिन,शिशुकी बुनियादी देखभाल, टीकाकरण, ई सी डी हेतु मातृ शिशु सुरक्षा कार्ड का प्रयोग,पूरक आहार,अन्नप्राशन , साथ ही शिशु में होने वाले गंभीर लक्षणों की पहचान व उन्हें रेफर करने के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिशु मृत्यु दर और बाल मृत्यु दर को कम करना है। साथ ही (४डी)विकृतियों का पता लगाकर उन्हें उपचार हेतु उच्च स्तर पर रेफर करना,ताकि बच्चे को सही समय पर उपचार के साथ हि बेहतर भविष्य मिल पाए। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. आर. के. वर्मा (बीएमओ,डी एच ओ १) के मार्गदर्शन में डॉ. एस. एन. पिटानिया (मास्टर ट्रेनर व डेमोस्ट्रेटर ) , डॉ. राजकुमार प्रसाद, श्री नरेंद्र पटेल (बीएएम,बीपीएम, बीसीएम) श्री अमरेंद्र प्रताप सिंह (डीएमओ) श्री रविन्द्र शर्मा (फार्मासिस्ट), श्रीमती पूजा मिश्रा (एल.टी.) , ने किया। प्रशिक्षण को सफल बनाने में हमारे आफिस सहयोगी श्री दद्दू जी ने तन मन से सहयोग प्रदान किया ।साथ ही उन सभी प्रशिक्षर्थियो का हृदय से सधन्यवाद ।
"सत्या पाटिल ,,

29/01/2020

वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड की 64 वीं बैठक में आज कोरोना वायरस पर विस्तृत चर्चा
भारत में कोरोना वायरस को फैलने से रोकेगी होम्योपैथिक दवा
चीन में फैल रहे जानलेवा कोरोना वायरस से लोगों में फैले डर को होम्योपैथिक दवा से कम किया जा सकता है। आज केंद्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद मुख्यालय में वैज्ञानिक सलाहाकार बोर्ड की बैठक में आयुष मंत्रालय के कहने पर मुख्य लक्षणों के आधार पर होम्योपैथिक दवा का चयन किया गया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे डाॅ. वी.के. गुप्ता जी ने कहा कि जहाँ पर कोई दवा की प्रूविन्ग नहीं हो लक्षणों के आधार पर दवा का चयन उचित होगा परिषद के डायरेक्टर जनरल डाॅ. अनिल खुराना के कहने पर लक्षणों के आधार पर रेपर्टराईस करके आर्सेनिक अल्बम नामक होम्योपैथिक दवा का चयन किया गया जिस पर सभी सदस्यों की सहमति के बाद आयुष मंत्रालय को अनुसंधान परिषद् की तरफ से एडवाइजरी भेजी गई।
कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति को सबसे पहले सांस लेने में दिक्कत, गले में दर्द, जुकाम, खांसी और बुखार होता है. फिर यह बुखार निमोनिया का रूप ले सकता है और निमोनिया किडनी से जुड़ी कई तरह की दिक्कतों को बढ़ा सकता है। इस वायरस कि सबसे खास बात यह है कि यह किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। कोरोनवायरस को रोकने के लिए कोई टीका उपलब्ध नहीं है, इसलिए डॉक्टर जोखिम को कम करने के लिए अन्य महत्वपूर्ण दवाओं का उपयोग कर रहे हैं. कोरोनो वायरस अगर लंबे समय तक अपना प्रभाव बनाए रखने में सफल हो जाए या घातक स्तर पर पहुंच जाए तो जान के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
चीन में अब तक 80 मौतें हो चुकी हैं। 11 देशों में फैल चुके इस वायरस की दस्तक अब भारत में भी हो गई है। यह वायरस उत्तर प्रदेश, बिहार के बाद अब दिल्ली, राजस्थान तक भी पहुँच गया है। बिहार से कोरोना वायरस के चार जबकि उत्तर प्रदेश से एक संदिग्ध मरीज मिला है। दिल्ली तथा राजस्थान में भी संदिग्ध मरीजे मिले रहें हैं जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराकर उनका जाँच व इलाज जारी है।
डाॅ. ए.के. द्विवेदी ने बताया कि नई दिल्ली में बैठक चल ही रही थी इसी, बीच आयुष मंत्रालय से निर्देश, आया कि कोरोना वायरस पर होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में क्या बेहतर किया जा सकता है जिस पर तुरन्त विस्तृत चर्चा सभी सदस्यों ने किया। डाॅ. ए.के. द्विवेदी ने बैठक में अपनी राय बुखार के साथ खाँसी तथा स्वांस की परेशानी में आर्सेनिक अल्बम सबसे बेहतर होम्योपैथिक दवा बताया है जो बचाव तथा इलाज में कारगर साबित होगी।
बैठक में डाॅ. वी.के. गुप्ता (दिल्ली), डाॅ. एन. गुप्ता (तिरुवनन्तपुरम्), डाॅ. एम.पी. आर्य (पुणे), डाॅ. के.एम. धवले (मुम्बई), डाॅ. अश्विनी कुमार द्विवेदी (इन्दौर, म.प्र.), प्रो. (डाॅ.) कंजक्षा घोष (मुम्बई), डाॅ. एल.के. नन्दा (भुवनेश्वर, उड़ीसा), डाॅ. जे.डी.दरयानी (जयपुर, राजस्थान), डाॅ. एस.पी.सिंह (गाजियाबाद, उ.प्र.), प्रो.(डाॅ.) सी. नायक (जयपुर) आदि सदस्य
शामिल हुये, तथा सी सी आर एच के पदाधिकारी एवं रीसर्च अफसर उपस्थित थे







Dr S.N.Pitania

District Hospital Anuppur mp India..!
24/01/2020

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11/01/2020

Today Ippi training blòck anuppur

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