30/01/2026
~ चंद्र राशि क्या है और इसे कुंडली में कैसे जानें? ~
नमस्कार मित्रों।
वैदिक ज्योतिष में चंद्र राशि को आपकी असली अंदरूनी राशि माना गया है यानी जन्म के समय आपकी कुंडली में चंद्रमा जिस राशि में बैठा होता है वही आपकी चंद्र राशि कहलाती है। चंद्रमा मन, भावनाओं और मूड का कारक है इसलिए आप चीजों को कैसे महसूस करते हैं, किस बात से जल्दी हर्ट हो जाते हैं, कहाँ पर सहज महसूस करते हैं, ये सब चंद्र राशि से समझ आता है, जबकि सूर्य राशि ज़्यादा आपकी बाहरी पहचान, ईगो और महत्वाकांक्षाओं को दिखाती है। इसी वजह से वैदिक ज्योतिष में जब भी किसी का नेचर, मानसिक संतुलन, स्ट्रेस हैंडलिंग या इमोशनल पैटर्न देखना हो तो सबसे पहले चंद्र राशि पर ही नज़र डाली जाती है। हर ढाई दिन में चंद्रमा राशि बदलता है, इसलिए दो लोग एक ही सूर्य राशि के हों फिर भी उनकी चंद्र राशि अलग होने से उनकी सोच और रिएक्शन काफी अलग हो सकते हैं।
अब सवाल आता है कि अपनी चंद्र राशि पता कैसे करें। इसके लिए आपको बस अपनी सही जन्म तिथि, जन्म का समय और जन्म स्थान चाहिए - इनसे बनी कुंडली में देखा जाता है कि चंद्रमा किस राशि में स्थित है। वही आपकी चंद्र राशि है। पारंपरिक तौर पर शादी से पहले गुण मिलान में वर वधू की चंद्र राशियों को ज़रूर देखा जाता है ताकि यह समझा जा सके कि दोनों के स्वभाव, भावनात्मक ज़रूरतें और सोचने का ढंग आपस में कितना मैच करेगा। यहीं से दांपत्य सुख या चुनौतियों के संकेत भी निकाले जाते हैं। सिर्फ विवाह ही नहीं, कई परिवार आज भी बच्चे का नाम चंद्र राशि और नक्षत्र देखकर रखते हैं ताकि नाम और ग्रहों की ऊर्जा आपस में मेल खा सके। इस तरह चंद्र राशि सिर्फ एक शब्द नहीं बल्कि हमारी भावनाओं, रिश्तों और जीवन के कई महत्वपूर्ण फैसलों को दिशा देने वाला एक व्यावहारिक टूल है, जो वैदिक ज्योतिष की रीढ़ की हड्डी की तरह आज भी सक्रिय है।
धन्यवाद
(कमेंट में लिंक है)