15/04/2026
सादगी, समर्पण और सच्ची जनसेवा की मिसाल!
बाड़मेर-जैसलमेर-बालोतरा के लोकप्रिय सांसद श्री उम्मेदाराम बेनीवाल जी का यह संदेश न केवल उनकी विनम्रता को दर्शाता है, बल्कि एक सच्चे जनप्रतिनिधि की परिभाषा भी तय करता है।
"लोकतंत्र में नेता नहीं, जनता मालिक होती है" — उनका यह विचार राजनीति में एक बेहद सकारात्मक और आदर्श बदलाव का प्रतीक है। अक्सर हम सम्मान प्रकट करने के लिए साफे और गुलदस्ते का सहारा लेते हैं, लेकिन उनका यह आग्रह कि आमजन उपहार की बजाय अपने विचार, सुझाव और भावनाएं लेकर आएं, उनके हृदय की विशालता और जनता के प्रति उनके गहरे जुड़ाव को प्रमाणित करता है।
राजस्थान जाट महासभा,(महिला) अध्यक्ष के नाते, मैं उनके इस सादगीपूर्ण और प्रेरणादायक दृष्टिकोण का हृदय से स्वागत और सम्मान करती हूँ। जब एक नेता अपने लोगों को परिवार मानता है और दिखावे से दूर रहकर उनके हक़ और विचारों को प्राथमिकता देता है, तो ऐसे जननेता पर पूरे समाज और प्रदेश को गर्व होता है।
आइए, हम सब उनके इस आत्मीय आह्वान का सम्मान करें और अपने सकारात्मक विचारों व सुझावों के माध्यम से एक सशक्त समाज और क्षेत्र के निर्माण में भागीदार बनें।
Rajaram Meel
Santosh Sahharan
Santosh Chouudhary
Ummeda Ram Beniwal