Shagufta Hospital

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15/10/2024
15/10/2024

आयुष मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, यदि मंकीपॉक्स से जुड़े गंभीर लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो रोगी को तुरंत पास के उच्च चिकित्सा सुविधा में रेफर किया जाना चाहिए, ताकि समय पर उचित इलाज मिल सके और संक्रमण को रोका जा सके। मंकीपॉक्स संक्रमित व्यक्ति के शरीर पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

06/10/2024

एक अध्ययन में अश्वगंधा (विदानिया सोम्निफेरा) से मिलने वाले विथाफेरिन ए को टीबी के इलाज में सहायक पाया गया है। विथाफेरिन ए शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करता है साथ ही टीबी के खिलाफ जंग में ये प्रभावी साबित हुआ है। अधिक जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करें।

06/10/2024

आयुष से संबंधित दवाईयों की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, आयुष राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार)श्री प्रतापराव जाधव ने 26 अगस्त, 2024 को घोषणा की कि सरकार प्रत्येक तहसील स्तर पर विशेष मेडिकल स्टोर खोलने के लिए प्रयासरत है। इन स्टोर्स के माध्यम से लोगों को विभिन्न हर्बल और पारंपरिक दवाएं उपलब्ध होंगी।

06/10/2024

पीसीओडी क्या होता है

यह महिलाओं को प्रभावित करने वाली एक कॉमन समस्या है जो मुख्य रूप से हार्मोन में असंतुलन के कारण होती है। इससे पीड़ित महिला के शरीर में पुरुष हार्मोन यानी एण्ड्रोजन का स्तर बढ़ जाता है एवं अंडाशय पर सिस्ट बनने लगते हैं।

पीसीओडी के कारण (Causes of PCOD) : पीसीओडी के अनेक कारण हो सकते हैं, लेकिन निम्नलिखित को इसके मुख्य कारणों में गिना जाता है:

* अस्वस्थ जीवनशैली
* निष्क्रिय जीवनशैली
* खान-पान में लापरवाही
* शारीरिक गतिविधि नहीं करना
* पीरियड्स में असंतुलन होना
* पोषक तत्वों से भरपूर भोजन नहीं करना
* आनुवंशिक कारण
* शरीर में इंसुलिन की मात्रा अधिक होना
* अचानक से वजन बढ़ना यानी मोटापा होना
* सिगरेट और शराब का अत्यधिक सेवन करना

पीसीओडी के लक्षण (Symptoms of PCOD) :

* पीरियड्स अनियमित होना
* शरीर पर एक्स्ट्रा बाल आना
* बाल झड़ना
* श्रोणि में दर्द होना
* वजन बढ़ना
* मुहांसे आना
* बांझपन की शिकायत होना
* त्वचा तैलीय होना
* ब्लड प्रेशर बढ़ना
* दूसरे हार्मोन में असंतुलन होना
* नींद नहीं आना
* थकान महसूस करना
* सिर में दर्द होना
* मूड में अचानक बदलाव आना

अगर आप ऊपर दिए गए लक्षणों को खुद में अनुभव करती हैं तो जल्द से जल्द स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए।

पीसीओडी की जटिलताएं (Complications of PCOD)

* बांझपन की शिकायत होना
* गर्भपात या समय से पहले जन्म होना
* उपापचय की समस्या होना
* गर्भाशय से असामन्य रक्तस्राव होना
* चिंता या अवसाद से ग्रस्त होना
* दुर्लभ मामलों में ब्रेस्ट कैंसर होना
* टाइप 2 डायबिटीज या प्रीडायबिटीज होना
* एंडोमेट्रियल कैंसर होना (गर्भाशय के अस्तर का कैंसर)
* मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा होना
* गर्भकालीन मधुमेह और प्री-एक्लेमप्सिया होना

पीसीओडी से बचाव (Prevention of PCOD) : कुछ बातों को ध्यान में रखकर पीसीओडी की रोकथाम की जा सकती है। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

* हाई कोलेस्टेरोल, हाई फैट और हाई कार्बोहाइड्रेट से परहेज करना
* नियमित रूप से व्यायाम करना
* समय पर दवाओं का सेवन करना
* शराब और सिगरेट के सेवन से बचना
* अपनी वजन का खास ध्यान रखना
* अधिक तैलीय और मसालेदार चीजों से दूर रहना

पीसीओडी का उपचार (Treatment For PCOD) : पीसीओडी एक हार्मोनल समस्या है, इसलिए इसका उपचार लंबा चलता है। पीसीओडी के कारकों के आधार पर उपचार प्रक्रिया का चयन किया जाता हैं।

02/12/2022

आप पार्टी दिल्ली सरकार मे केबिनेट मंत्री महोदय माननीय श्री गोपाल राय जी ने मेरे गृह नगर dharamjaigarh मे आकर मुझसे व्यक्तिगत मुलाकात की ,,,,, एक तस्वीर

प्रति जिम्मेदार अधिकारी  महोदय Homaeopathy  Dr  जो  RBSk  के तहत school  और  आँगन बाडी  मे बच्चो का  स्वास्थ्य  परीक्षण ...
19/10/2022

प्रति जिम्मेदार अधिकारी महोदय Homaeopathy Dr जो RBSk के तहत school और आँगन बाडी मे बच्चो का स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिये संविदा पर नियुक्त है भास्कर pathology मे सुबह दस बजे से रात्रि आठ बजे तक मिलने का समय निर्धारित कर रखा है आखिर कब अपनी duty करता है? Homaeopathy dr और संविदा dr को private practice का अधिकार नही है फ़िर कैसे practice कर रहा है nursing home act के तहत पंजीकृत भी नही है Homaeopathy dr को अंग्रेजी दवाई लिखने का भी अधिकार नही है फ़िर भी अंग्रेजी दवाई लिखा कर मरीजो के जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है, इसकी posting chc मे नही है फ़िर भी आम जनता को गुमराह कर letterpad मे chc अन्कित किया गया है, जनहित मे उचित कार्यवाही अपेक्षित है,,

Early Signs of Diabetes: शरीर में दिख रहे ये 10 लक्षण हैं डायबिटीज के शुरुआती संकेत, समय रहते ऐसे करें कंट्रोलअगर बिना व...
02/10/2022

Early Signs of Diabetes: शरीर में दिख रहे ये 10 लक्षण हैं डायबिटीज के शुरुआती संकेत, समय रहते ऐसे करें कंट्रोल
अगर बिना वजह आपका वजन कम हो रहा है तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें, क्योंकि यह डायबिटीज का लक्षण हो सकता है।
Written by Shagufta Hospital Heath Tips Dr khursheed khan

Early Signs of Diabetes: शरीर में दिख रहे ये 10 लक्षण हैं डायबिटीज के शुरुआती संकेत, समय रहते ऐसे करें कंट्रोल
मधुमेह के लक्षण दिखें तो तुरंत करा लें जांच
मधुमेह एक लाइलाज बीमारी है। यह एक ऐसी स्थिति है जहां शरीर पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन बंद कर देता है या शरीर में मौजूद इंसुलिन का उपयोग करना बंद कर देता है। इससे ब्लड में ग्लूकोज के रूप में पाई जाने वाली शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है। मधुमेह तीन प्रकार का होता है। टाइप -1 डायबिटीज, टाइप -2 डायबिटीज और जेस्टेशनल डायबिटीज, जो हाई ब्लड शुगर की समस्याएं हैं जो गर्भावस्था के दौरान होती हैं।

शरीर में ब्लड शुगर का स्तर कितना होना चाहिए
ग्लूकोज शरीर की ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। इसलिए रक्त में शर्करा की मात्रा पर्याप्त होनी चाहिए। एक स्वस्थ व्यक्ति का भोजन पूर्व रक्त शर्करा का स्तर 100 mg/dl से कम होना चाहिए। वहीं, मधुमेह के रोगियों का भोजन पूर्व रक्त शर्करा का स्तर 80-130 मिलीग्राम/डीएल होना चाहिए। एक स्वस्थ व्यक्ति का खाना या कुछ भी खाने के बाद उसका ब्लड शुगर लेवल 140 mg/dl से कम होना चाहिए, जबकि डायबिटिक व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल 180 mg/dl से कम होना चाहिए।

मधुमेह के लक्षण कौन-कौन से हैं?
सामान्य तौर पर मधुमेह के लक्षण मुंह में देखे जा सकते हैं। इनमें मसूड़ों में कैविटी का बनना, सांसों की दुर्गंध, मसूड़ों से सूजन या मवाद निकलना, दांतों से खून निकलना शामिल हैं। इसके अलावा मधुमेह के रोगी को रात में बार-बार पेशाब आना, प्यास लगना, थकान, वजन घटना, धुंधली दृष्टि, गुप्तांगों में खुजली, घाव भरने में देरी जैसी समस्याओं का भी अनुभव होता है।

बनी रहती है थकान तो जांच करा लें
अगर आप पर्याप्त नींद लेने के बाद भी थकान महसूस करते हैं तो यह भी चिंता का विषय हो सकता है। दरअसल, डायबिटीज से पीड़ित लोगों के शरीर में कार्बोहाइड्रेट ठीक से नहीं टूट पाता है। इससे शरीर को भोजन से पूरी तरह ऊर्जा नहीं मिल पाती है। ऊर्जा की कमी के कारण शरीर में थकावट का अहसास होता है। अगर आपको भी ज्यादा थकान महसूस होती है तो बेहतर होगा कि आप अपनी जांच करा लें।

टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए रामबाण साबित हो सकती है कलौंजी, ऐसे करें सेवन
मधुमेह का इलाज क्या है ?
टाइप 1 मधुमेह का कोई निश्चित इलाज नहीं है। इससे पीड़ित व्यक्ति को जीवन भर रोगी रहना पड़ता है। टाइप 2 रोगियों में, आहार, व्यायाम, दवा, और नियमित जांच और उपचार इसके प्रभाव को रोक सकते हैं या देरी कर सकते हैं। एक स्वस्थ आहार, नियमित शारीरिक गतिविधियां, शरीर के सामान्य वजन को बनाए रखना और धूम्रपान बंद करना ही टाइप 2 मधुमेह को रोकने का एकमात्र तरीका है।

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