03/12/2025
कुंडली के 5 भाव में लिखी संख्या ईष्ट देव के बारे में बताती है✨️☘️🌈
Ishtdev (इष्टदेव) in Astrology
Vedic astrology (Jyotish) में इष्टदेव का मतलब होता है — वह देवता जो आपकी जन्म कुंडली के अनुसार आपको सुरक्षा, मार्गदर्शन, सफलता और आध्यात्मिक संतुलन देता है।
हर व्यक्ति का एक अलग इष्टदेव होता है जो उसकी कुंडली के ग्रहों, लग्न, चंद्र राशि और नवांश (D9) से तय किया जाता है।
पांचवें घर संबंधित देवता (इष्टदेव)
सूर्य [5] भगवान शिव, श्री राम
चंद्र [4] देवी पार्वती, भगवान कृष्ण
मंगल[1,8] भगवान हनुमान, भगवान नरसिंह
बुध[3,6] भगवान विष्णु, नारायण ,गणेश
बृहस्पति[9,12] भगवान शिव, दत्तात्रेय, ब्रह्मा
शुक्र [2,7] माँ लक्ष्मी, दुर्गा
शनि[10,11] भगवान हनुमान, भैरव, शनि देव
राहु। देवी दुर्गा, काल भैरव
केतु। गणेशजी
2️⃣ Atmakaraka ग्रह (जैमिनि astrology अनुसार)
Atmakaraka = आपकी आत्मा का ग्रह
👉 जिस देवता का संबंध उस ग्रह से है, वही इष्ट देव भी माना जा सकता है।
3️⃣ Navamsa (D9 chart) में 12th Lord का देवता
D9 chart का 12th lord जिस ग्रह से जुड़ा हो, उसके देवता को “इष्टदेव” माना जाता है।
4️⃣ Ishta Devata through Karakamsa Lagna
जैमिनि astrology में —
Karakamsa lagna से 12th house का स्वामी आपका इष्टदेव बताता है।
Example:
अगर करकाम्सा से 12th lord केतु है → आपका इष्ट देव गणेशजी।
अगर राहु है → देवी दुर्गा / भैरव।
आपका इष्टदेव =
✔ जो आपके कर्मों को संतुलित करता है ।
✔ कठिन समय में रक्षा करता है ।
✔ आध्यात्मिक शक्ति देता है ।
✔ मन को स्थिर करता है ।
✔ आपकी कुंडली के कमजोर ग्रहों को मजबूत करता