Aghor Dham- दिव्य ज्योतिष तंत्र

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✨ Divya Jyotish Ta**ra – दिव्य ज्योतिष तंत्र

An initiative of Aghor Dhaam

🔮 Guiding Souls through the Divine Sciences of Jyotish & Ta**ra-Mantra
🕉️ Remedies for life’s challenges through authentic spiritual practices

30/04/2026

पॉडकास्ट पर बैठकर वायरल होने के लिए लोग क्या-क्या झूठ नहीं बोलते —
कभी सनातन के नाम पर,
कभी तंत्र-मंत्र के नाम पर,
तो कभी आध्यात्मिकता को केवल दिखावा बना देते हैं।

सत्य कभी शोर नहीं करता,
सत्य प्रमाण मांगता नहीं, स्वयं प्रमाण बन जाता है।

अघोरधाम से जुड़िए —
जहाँ न भ्रम बेचा जाता है,
न डर फैलाया जाता है,
सिर्फ सत्य, साधना और सनातन की वास्तविक अनुभूति की बात होती है।

जो जानना है, उसे अनुभव से जानिए,
ना कि वायरल क्लिप्स और झूठे दावों से।

🔱 अघोरधाम — जहाँ शब्द नहीं, सत्य बोलता है। 🔱

**ra

Trust the timing.Even delays have a purpose.What feels like a delay todaymay become your greatest lesson tomorrow.In the...
29/04/2026

Trust the timing.
Even delays have a purpose.

What feels like a delay today
may become your greatest lesson tomorrow.

In the divine order of Mahakaal and Kala Bhairava,
nothing happens without meaning.
Every pause, every test,
is guiding you toward the right path.

So do not be impatient—
have faith.
What truly belongs to you
will arrive at the perfect time.

॥ Om Kalabhairavaya Namah ॥

29/04/2026

Jai Shree Ram Jai Hanuman

29/04/2026

स्वयं पर विश्वास ही सबसे बड़ी ताकत है और सिर्फ महाकाल पर विश्वास ही अघोर की ताकत है

श्री अघोरधाम चैरिटेबल ट्रस्ट

#अघोरधाम #अघोरी

29/04/2026

महाविद्या केवल ज्ञान नहीं, आत्मा के जागरण का द्वार है।
महामाया केवल भ्रम नहीं, ईश्वर की वह लीला है जिसमें समस्त सृष्टि बंधी है।
महामेधा वह बुद्धि है जो सत्य और असत्य का भेद कराती है।
महास्मृति वह शक्ति है जो हमें हमारे वास्तविक स्वरूप का स्मरण कराती है।
महामोह वही बंधन है, जिससे मुक्त होकर साधक शिवत्व को प्राप्त करता है।

मां ही महादेवी हैं, मां ही महासुरी।
वही सृजन हैं, वही संहार।
वही बंधन हैं, वही मुक्ति।

जय मां आदिशक्ति 🔱

29/04/2026

मैं ही यज्ञ हु , मैं ही समस्त विष्णु हु मै ही काली हु, मै ही ब्रह्मा हु।

29/04/2026

दस महाविद्याओं में सर्वप्रथम माँ काली की आराधना होती है।
माँ काली केवल शक्ति नहीं, बल्कि साधक के भीतर छिपे अज्ञान, भय, वासना और अहंकार के विनाश का प्रतीक हैं।

जिस मनुष्य की दृष्टि हर स्त्री में केवल देह और कामना देखती है, वह कभी भी दिव्य चेतना को स्पर्श नहीं कर सकता।
सच्ची साधना तब प्रारंभ होती है, जब दूसरी स्त्री में माँ, बहन और शक्ति का स्वरूप दिखाई देने लगे।

माँ काली की आराधना बाहरी अनुष्ठान से अधिक, भीतर के विकारों के दहन की साधना है।
काम के भाव का लोप, दृष्टि की पवित्रता, और मन की निर्मलता—यही माँ के आशीर्वाद का द्वार है।

जहाँ वासना समाप्त होती है, वहीं से भक्ति जन्म लेती है।
और जहाँ भक्ति जागती है, वहीं माँ काली स्वयं साधक का हाथ थाम लेती हैं।

24/04/2026

जब धर्म का लोप हो रहा था,
जब वेदों की वाणी मौन होने लगी थी,
जब सनातन के अर्थ को मिटाने का प्रयास हो रहा था—
तब ब्राह्मण ने ही अपने कंठ में शास्त्रों को जीवित रखा।

ऋषियों, आचार्यों, पंडितों और पुरोहितों ने
अपने तप, त्याग और साधना से
संस्कृति की ज्योति को बुझने नहीं दिया।

लेकिन आज वही समाज
पंडित और पुरोहित को दक्षिणा देने में
हिचकता है, प्रश्न करता है, तर्क करता है।

याद रखिए—
दक्षिणा केवल धन नहीं,
वह ज्ञान, परंपरा और गुरु-ऋण के प्रति सम्मान है।

जिसने यज्ञ कराया, संस्कार कराया,
जिसने जन्म से मृत्यु तक धर्म का मार्ग दिखाया,
उसके प्रति कृतज्ञ होना ही सनातन है।

जहाँ ब्राह्मण का सम्मान समाप्त होता है,
वहाँ धर्म की जड़ें सूखने लगती हैं।

श्री अघोरधाम

24/04/2026

🔱 अघोर ज्ञान 🔱

"सत्व और तम, प्रकृति के दो छोर हैं।
जैसे नदी के दो किनारे कभी एक नहीं होते,
वैसे ही जहां ज्ञान का प्रकाश है वहां अज्ञान का अंधकार टिक नहीं सकता।

जहां सत्य और न्याय है, वहां अन्याय का कोई स्थान नहीं होता।
इन दोनों के बीच जो सेतु है, वही रजोगुण है—
जो इच्छा और कर्म की धारा को प्रवाहित करता है।

यही धारा जीवन में शुभ और अशुभ फल उत्पन्न करती है।"

🔱 श्री अघोरधाम 🔱

23/04/2026

🔱 ‘Dreadful Truth’ (भयानक सच) 🔱

प्राचीन प्रश्न मार्ग (Prashna Marga) के अनुसार —
जब आप घर से निकलते समय पीछे मुड़कर देखते हैं, तो आप अपनी सफलता को वहीं रोक देते हैं।

⚫ खौफनाक सच:
चौराहा राहु-केतु का मिलन बिंदु माना जाता है। यहाँ खड़े होकर पैसे का लेन-देन या हाथ मिलाना, अपनी बरकत को श्मशान की राख में बदलने जैसा है।

⚫ लक्षण:
अगर घर से निकलते ही आपका मन भारी हो जाए, तो समझ लें आपकी ऊर्जा चौराहे पर बंध गई है।

⚫ काट (उपाय):
घर से निकलते समय हमेशा दायां पैर पहले बाहर रखें और पीछे मुड़कर न देखें।

✨ ऊर्जा को सही दिशा दें — सफलता अपने आप मार्ग ढूंढ लेगी।

23/04/2026

भैरव की शक्ति — अडिग, अजेय और निरंतर जागृत… 🔱

जहाँ भय समाप्त होता है,
वहीं से भैरव का आरंभ होता है।

भैरव केवल विनाश नहीं,
बल्कि रक्षा, साहस और सत्य का प्रतीक हैं।

जो भैरव के शरण में है,
उसे किसी अंधकार का भय नहीं…

हमें क्या डर…
हम हैं काल भैरव के भक्त।

जय भैरव 🔥

23/04/2026

The path of Aghor — simple, yet deeply profound…
It teaches a life of equality, service, and truth.

Carrying this divine tradition forward,
Shree Aghordham Charitable Trust is dedicated to spreading the teachings of Aghor.

Through humanitarian service, women empowerment, child welfare, and animal care,
the wisdom of Aghorpanth is reaching every section of society.

Aghor is not just a spiritual practice —
it is the highest way of living.

Come, be a part of this noble mission…
and help spread the light of Aghor to every heart.

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