16/02/2026
जिरर्यान नाशक विशेष चूर्ण 🌿
प्राकृरतिक देसी नुस्रखा — धाլतु दुर्बलता व जिrरयान के लिए लाभकारी
🧪 सामग्री
✅ कौंच के बीज — 1 माशा
✅ तालमखाना — 1 माशा
✅ काली मूसली — 1 माशा
✅ सफेद मूसली — 1 माशा
✅ बोजवद — 1 माशा
✅ गोखरू — 1 माशा
✅ उटंगन के बीज — 1 माशा
✅ तेजबल — 1 माशा
✅ इक्लीलुलमलिक (नाखूना) — 1 माशा
✅ साठी चावल — 1 माशा
✅ कमरकस — 1 माशा
✅ काहू के बीज — 1 माशा
✅ मीठा इन्द्रजौ — 1 माशा
✅ शतावर — 1 माशा
✅ समुद्रसोख — 1 माशा
✅ सिंघाड़े का आटा — 1 माशा
✅ तुख्म सरवाली (सिरियारी के बीज) — 1 माशा
✅ ऊंटकटारा जड़ की छाल — 1 माशा
✅ बंग भस्म — 3 माशा
✅ चीनी — 10 तोला
⚙️ बनाने की विधि
सभी औषबधियों को अलग-अलग कूट-पीस लें।
फिर सबको मिलाकर बराबर मात्रा में खाण्ड (चीनी) मिलाकर चूरर्ण बना लें।
साफ व सूखे बर्तन में सुरक्षित रखें।
🥄 सेवन विधि
🔹 प्रतिरदिन सुबह 6 माशा चूर्ण
✔ गाय के दूवध के साथ सेւवन करें।
🌟 लाभ (संक्षेप में)
✔ जिչर्यान व धातु दुर्बलता में लाभकारी।
✔ शरीर को शլक्ति व पोषօण देता है।
✔ अंदւरूनी कլमजोरी दूर करने में सहायक।
✔ शारीծरिक व पुरुլष शլक्ति को मजबूत करता है।
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