11/04/2026
Link💪 की लंबाई चाहिए ऐसी की सामने वाली दंग रह जाये
तिiलाअ जाiदू असर जदीद (मज़बूत हrर्बल तेल)
नक्कालों से सावधान सिर्फ cure Ayurveda का
Jatoon का असiली Oil से ही तैयार किया गया है आप भी उसी का ईस्तेमाल करे
एक दिन की मेहiनत के बाद यह खास हर्बल तिiलाअ तैयार किया गया है, जिसे कiई हiकीम अपने मतब (क्लिiनिक) में इस्तेमाल कर चुके हैं।
यह नुस्खा मrर्दाना कमiजोरी और नसों की ढीलापन जैसी समस्याओं में इस्तेमाल किया जाता है।
🌿 सामग्री (Ingredients)
1. रोगन जैतून (Extra Virgin Olive Oil) – 10 तोला
2. देसी मुर्गी के अंडे की जर्दी – 2
3. लौंग – 1 तोला
4. रोगन दालचीनी – 1 तोला
5. मगज जमालगोटा – 20 दाने
6. भिलावा – 4 दाने
7. रोगन मालकंगनी – 20 ग्राम
8. रोगन बहेर बहूटी – 20 ग्राम
9. बहेर बहूटी – 20 ग्राम
10. मालकंगनी साबुत – 20 ग्राम
11. मगज जायफल – 1 तोला
🌿 संभावित फायदे
यह तिलाअ परंपरागत यूनाuनी/हर्बल तरीके से इन समस्याओं में उपयोग किया जाता है:
हस्tतमैथुन से आई कमजोरी
पुरुष अंग की कमजोरी
नसों का ढीलापन
अंnग का पतलापन
टेढ़ापन
नामर्दी
कठोरता की कमी
🌿 बनाने की विधि
1. सबसे पहले एक कढ़ाही में रोगन जैतून को धीमी आंच पर गर्म करें।
2. इसके बाद बारी-बारी से ये चीजें डालें:
अंडे की जर्दी
लौंग
रोगन दालचीनी
मगज जमालगोटा
मालकंगनी
3. अंत में भिलावा डाल दें।
4. अब बर्तन का ढक्कन हटा दें और आंच धीमी रखें।
5. जब धुआँ निकलना बंद हो जाए तो बर्तन को उतार लें।
6. इसके बाद इसमें रोगन बहेर बहूटी और जाफरान मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें।
7. ठंडा होने के बाद इसे कांच की बोतल में भरकर रख लें।
🌿 इस्तेमाल का तरीका
यह पूरा कोर्स लगभग 21 दिन का बताया जाता है।
पहले 7 दिन उपयोग करें
फिर 5 दिन का आराम दें
फिर 7 दिन दोबारा उपयोग करें
अंत में 2 दिन का विराम रखें
⚠️ जरूरी सावधानियां
अंnग के ऊपरी हिस्से (हशiफा) पर न लगाएं।
अंnग के निचले हिस्से पर भी लगाने से बचें।
लगाने के बाद लगभग 1 घंटे तक वुvजू न करें।
इलाज के दौरान संmभोग से परहेज रखें।
जिन्हें दवाvओं की जानकारी नहीं है, वे खुद बनाने की बजाय किसी हकीiम या वैiद्य से बनवाएं।
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