21/07/2022
🙏🙏 *जय बाबास्वामी* 🙏🙏
कल गुरु पुर्णिमा समापन प्रवचन gurutatv you tube से निकल गया है,जीसने नहीं सुना उसके लिए
*स्वामीजी :-* मेरे जीवन में अब पाने को कुछ बाकी ही नहीं रहा एकदम तृप्त हूं , फिर भी सुक्ष्म में ऐक असमाधान है, *की आपकी आध्यात्मिक प्रगति नहीं हो पा रही है,*
मेरा इस बार जन्म लेने का उद्देश्य केवल और केवल आप हो,में आध्यात्मिकता के उस उच्च शिखर से आप ही के लिए वापस आया हु ताकी आपको उस उच्च शिखर तक मेरे ही जीवनकाल में पहुंचा शकु,आप उस शिखर की ओर चढ़ते भी हो, लेकिन आपकी प्रगति सांप-सीढ़ी सरीखी है,बीस कदम चढ़ते हो तो वापस बीस कदम उतरते हो,आप सभी कार्यक्रमों में आते हो,गुरुशक्तिधाम में दर्शन करने आते हो,गुरु कार्य करते हो,और आपको यह सब करता देख मेरे भीतर आशा रहती है की आज नहीं तो कल यह मेरे साथ उस उच्च शिखर तक पहुंच ही जायेगा,लेकिन आप पहुंच नहीं पा रहे हैं,इस गुरु पुर्णिमा में मैंने आपकी इसका कारण क्या है उसका बड़ा सुक्ष्म अध्ययन किया और आपको यह आखरी चान्स मील रहा है
*"आपने इतनी गुरु पुर्णिमा की वैसी इस बार की भी की और उर्जा प्राप्त की, लेकिन आप उर्जा को संभाल नहीं पा रहे हो,आप गुरु पुर्णिमा में बोलते हो स्वामीजी मेरा संपुर्ण समर्पण लेकिन होता है क्या, होता तो आप मेरी कार्बन कोपि होते,आपके भीतर की उस बारीयो को खोजने में इस उर्जा का उपयोग करो जहां से चैतन्य गंवा देते हो,अभी आप इस गुरु पुर्णिमा से प्राप्त उर्जा का उपयोग बाहरी समस्या,बाहरी परिस्थितियों को ठीक करने में कर दोगे,आपकी बाहर की परिस्थिति तो आपकी भीतरी स्थिति का प्रतीक है,
- दुसरा आपने आज भी अपना भुतकाल ज्योका त्यों संभाल के रखा है,आज भी भुतकाल के खराब व्यक्ति,घटना सब कोन्सेस माइन्ड में भरी है,जरा आंख बंद करके थोड़ा याद करो की पुर्व जन्म में तुमने भी तो उसको दुख दिया था,धोखा दिया था,तो इस जन्म में उसने तुजे दिया हिसाब बराबर, लेकिन आप उन व्यक्तियों को भी क्षमा नहीं कर पा रहे हो
- यदि आपकी यही स्थिति रही तो आप ऐक ओर जन्म लेने की तैयारी कर रहे हो इस प्रक्रिया में में भी कुछ नहीं कर सकता सिर्फ देख सकता हु,
- शरीरभाव बढ़ने से सहनशीलता की कमी हो रही है,आपकी अधिकतर उर्जा आंखों के माध्यम से गंवा रहे हो, पहले के समय में मोबाइल,टीवी का उपयोग आज के जीतना नहीं हो रहा था,
- जो दुसरे को क्षमा कर पाता हो वही क्षमा मांगने का अधिकारी है
आइए अभी हम आंखें बंद कर ध्यान करके परमात्मा से प्रार्थना करेंगे
*"से परमात्मा आज में उन सभी घटनाओं को , व्यक्तियों को हदय से क्षमा करता हूं,जीनके कारण मुझे तकलीफ़ या दुख हुआ है,"*
*"हे परमात्मा आज में उन सभी व्यक्तियों से क्षमा मांगता हु जीनको मेरे कारण दुख या तकनीफ हुई हो"*
*"हे परमात्मा आप मेरी उन सभी गलतीयो को अपराध को क्षमा कर देना जो अज्ञानता के कारण मुझे से हुई है मुझे आपकी क्षमा करुणा पर संपूर्ण विश्वास है कि मुझे परमात्मा माफ कर ही देंगे"*
बस यह सब संपूर्ण भाव से करो
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🙏मुजे जीतना याद रहा आप सभी के साथ शेर कीया हो सकता है मेरी शब्द रचना में कुछ गलती हुई हो
*"जय बाबास्वामी*"