28/04/2021
*आज से शुरू है वैशाख महीना आइए जानें वैशाख माह की विशेषता और उपाय......!!!!*
वैशाख मास, हिंदू कैलेंडर का दूसरा महीना है, हिंदू-धर्म में वैशाख को एक पवित्र माह माना जाता है।
वैशाख महीने में तीर्थ में स्नान करने, पितरों को तर्पण करने फल और जल का दान करने का विशेष महत्व है।
वैशाख महीने में भगवान शिव जी, विष्णु भगवान की पूजा और पीपल को पानी चढ़ाने का बहुत महत्व है। भगवान विष्णु की तुलसी पत्र से पूजा की जाती है।
वैशाख माह 28 अप्रैल 2021 से शुरू होकर 26 मई 2021 तक रहेगा।
बैसाख में भगवान शिव की पूजन विधि-:
शिवलिंग ब्रम्हांड का प्रतीक हैं। वैशाख माह में शिवलिंग के ऊपर पानी का कलश या घड़ा स्थापित करना चाहिए। इस घड़े से पानी शिवलिंग पर जिस तरह बूंद-बूंद गिरता है, वैसे ही आपकी समस्याएं पानी की तरह बहकर दूर हो जाती हैं।
मान्यता है कि वैशाख माह में प्रात: काल स्नान करके भगवान शिव का जल और दूध से अभिषेक करने से ग्रह बाधाएं दूर होती हैं। सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। भगवान भोलेनाथ जल्द प्रसन्न होने वाले देवता हैं। थोड़े से पूजन से ही वे भक्तों पर कृपा बरसाने लगते हैं।
वैशाख माह में शिवजी के जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक के साथ उन्हें उनका प्रिय पुष्प आक, धतूरा और बेलपत्र आदि अर्पित करना चाहिए। शिवजी को ऋतु फलों का भोग अर्पित करना चाहिए। इस महीने में घड़ा, सत्तू, तरबूज आदि दान करने से शारीरिक व्याधियों से छुटकारा मिलता है।
वैशाख मास में करें यह उपाय-:
- वैशाख माह में किसी सुहागिन को साड़ी, चूडिय़ां, कुमकुम आदि सुहाग की सामग्री उपहार में दें। जो लोग यह उपाय करते हैं, उनके वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर होती हैं।
- जल में केसर मिलाएं और ये जल शिवलिंग पर चढ़ाएं। इस उपाय से विवाह और वैवाहिक जीवन से जुडी समस्याएं खत्म होती हैं।
- बीमारियों के कारण परेशानियां खत्म ही नहीं हो रही हैं, तो पानी में दूध और काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। यह उपाय चमत्कारी है।
- शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय इसमें काले तिल मिलाएं। इस उपाय से शनि दोष और रोग दूर होते हैं।
- बैसाख महीने में किसी जरूरतमंद या सुपात्र ब्राम्हण को सवा किलो या सवा पांच किलो या 11 किलो या 21 किलो गेहूं या चावल का दान करें।
- बिल्वपत्रों पर चंदन से ऊं नम: शिवाय या श्रीराम लिखें। इसके बाद इन पत्तों की माला बनाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं,