29/12/2025
भारत संतों की भूमि है, संतों के साथ बैठना, उनका सान्निध्य पाना, उनके मौन को समझना, इन सबका अपना ही आध्यात्मिक महत्व है। और मेरा सौभाग्य रहा है कि मुझे निरंतर अनेक महान संतों का सान्निध्य प्राप्त होता रहा है। कोई संत मुझे अपने हृदय से लगा लेते हैं, तो कोई कहते हैं “डॉक्टर साहब, आप सनातन संस्कार के सर्वोत्तम स्वर्णिम काल हो।
कुछ संत यह भी कहते हैं कि - तुम्हारा कर्म, तुम्हारी साधना और तुम्हारी निःस्वार्थ सेवा कई धामों के मुख्य पुजारियों से भी ऊँची है।
संतों का सान्निध्य जीवन को दिव्यता से भर देता है। सच्चे संतों की संगति कोई सामान्य अवसर नहीं, वह तो ईश्वर की विशेष कृपा से ही प्राप्त होती है।
कहा जाता है, यदि कोई सच्चा संत किसी के सिर पर प्रेम से हाथ रख दे, तो केवल आशीर्वाद नहीं मिलता - उस व्यक्ति का भाग्य, उसकी दिशा और उसका जीवन ही बदल जाता है।