01/02/2026
यशोदा मेडिसिटी के ‘A Match That Saves Lives’ नामक जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से स्टेम सेल डोनेशन में मैने भी रेजिस्ट्रेशन कर जांच के लिए सैंपल दिया।
यशोदा मेडिसिटी द्वारा आयोजित यह अभियान DATRI स्टेम सेल डोनेशन रजिस्ट्री और जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के सहयोग से संपन्न हुआ। डॉ Nivedita Dhingra जी की कल्पना द्वारा ही यह पूरा कार्यक्रम सुसज्जित किया गया।
आसपास की आवासीय सोसायटियों से बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया कि समाज अब जीवनरक्षक प्रयासों के प्रति पहले से कहीं अधिक जागरूक और संवेदनशील हो रहा है।
यह सहभागिता भारत में स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्री के विस्तार की आवश्यकता को भी स्पष्ट रूप से रेखांकित करती है।
ल्यूकेमिया, लिम्फोमा, थैलेसीमिया और अन्य गंभीर रक्त विकारों से जूझ रहे अनेक मरीजों के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट ही एकमात्र उपचारात्मक विकल्प होता है।
दुर्भाग्यवश, 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों को परिवार के भीतर उपयुक्त डोनर नहीं मिल पाता। असंबंधित डोनर से मेल मिलने की संभावना भी अत्यंत कम ( लगभग दस हजार में एक ) होती है, क्योंकि इसके लिए HLA का अत्यधिक सटीक मेल आवश्यक होता है।
यही वह चुनौती है, जिसे यह अभियान सामूहिक प्रयासों से कम करना चाहता है। अभियान के केंद्र में रहा बकल स्वाब टेस्ट, एक अत्यंत सरल, सुरक्षित, त्वरित और पूरी तरह दर्दरहित प्रक्रिया।
लोगों को यह समझाया गया कि जीवन बचाने की दिशा में पहला कदम किसी जटिल प्रक्रिया से नहीं, बल्कि एक छोटे से स्वाब से शुरू हो सकता है। साथ ही, स्टेम सेल डोनेशन को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने पर विशेष बल दिया गया, ताकि डर के स्थान पर विश्वास और जानकारी के साथ लोग आगे आ सकें।
‘A Match That Saves Lives’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि यह संदेश है कि अस्पताल की जिम्मेदारी चारदीवारी तक सीमित नहीं होती। जब चिकित्सा सेवा समाज से जुड़ती है, तब हर जागरूक नागरिक संभावित जीवनरक्षक बन सकता है और यही इस पहल की सबसे बड़ी उपलब्धि है।