26/08/2023
विजन 2030 के लिए प्रबुद्धजनों ने रखे विचार, चिकित्सा क्षेत्र में बदलाव के लिए बनेगा दस्तावेज
विकसित राजस्थान 2030 विजन डॉक्यूमेंट के लिए पाली में स्वास्थ्य विभाग ने लिए सुझाव, संभाग स्तरीय हितधारक परामर्श कार्यक्रम राजकीय बांगड़ चिकित्सालय के सभागार में आयोजित
राजस्थान विजन डॉक्यूमेंट 2030 को तैयार करने के लिए चिकित्सा विभाग का हितधारक परामर्श कार्यक्रम शनिवार को पाली के राजकीय बांगड़ चिकित्सालय सभागार में शनिवार को पाली संभाग व जिला स्तरीय हितधारक परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
करीब दो घंटे से अधिक समय तक चले इस कार्यक्रम में पाली संभाग के पाली, सिरोही, जालोर व सांचौर जिलों से आए सीएमएचओ व साथ आए चिकित्सा अधिकारियों व स्टाफ के साथ प्रबुद्ध नागरिकों ने 2030 में विकसित राजस्थान के लक्ष्य के साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य परिदृश्य के लिए विजन डॉक्युमेंट 2030 के लिए सुझाव संकलित किए गए है। 2030 तक चिकित्सा व स्वास्थ्य महकमे का आधारभूत ढांचा, मानव संसाधन, स्वास्थ्य सेवाएं, योजनाएं तथा सर्विस डिलीवरी जैसे मुद्दों पर स्वास्थ्य से संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ संवाद कर यह संकलन तैयार किया गया। शनिवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित लोगों ने अपने विचार रखे और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और बदलाव के क्षेत्र में दस्तावेज बनाने के लिए अहम योगदान दिया। चिकित्सा विभाग जोधपुर जोन के संयुक्त निदेशक डॉ. जोगेश्वर प्रसाद की उपस्थिति में आमंत्रित सदस्यों ने खुलकर अपने विचार रखे और 2030 तक चिकित्सा क्षेत्र में मूल आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला।
पाली सीएमएचओ डॉ इन्दरसिंह राठौड़ ने कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी आगंतुकों का स्वागत कर पीपीटी के माध्यम से विजन 2030 डॉक्यूमेंट की विस्तृत जानकारी देकर आमजन से विचार मांगे। इस दौरान मौजूद प्रबुद्ध नागरिक, स्वयंसेवी संस्थान, सेवानिवृत्त अधिकारियों, व्यापार मंडल, विभिन्न एसोसिएशन के अध्यक्ष, विभिन्न क्लब के सदस्य सहित पाली, जालोर, सिराही व सांचौर जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।
सीएमएचओ डॉ राठौड़ ने बताया कि सभी विचारों को संकलित किया जाएगा। जिन्हें निदेशालय भेजा जाएगा। वहां से पूरे राज्य के विजन को एकत्रित किया जाएगा, इसके पश्चात राज्य सरकार द्वारा विजन के अनुरूप कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2030 तक चिकित्सा विभाग में क्या अहम बदलाव किए जा सकते है, जिससे आमजन में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो, इसका विशेष ख्याल रखते हुए डॉक्यूमेंट्री तैयार की जाएगी। डब्ल्यूएचओ भी इन सुझावों में अमल करेगा। इसके लिए प्रतिनिधि डॉ कीर्ति पटेल भी मौजूद रही। कार्यक्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष विभाग के अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में प्रदेश भर में चलाए जा रहे विजन 2030 अभियान के पुनीत उद्देश्यों लक्ष्य व सोच पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने सभी हितधारकों को विकासवादी सोच के साथ अपने सुझाव प्रस्तुत करने का आह्वान किया, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सके और राजस्थान भारत का नंबर वन राज्य बन सके। इस मौके पर पाली मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ.दीपक वर्मा ने चिकित्सा शिक्षा पर वर्तमान उपलब्धि व 2030 की मांग अनुरूप विचार व्यक्त किए।
इस मौके पर प्रबूद्ध नागरिक महावीरसिंह राजपुरोहित, नीलम बिड़ला, यशपालसिंह कुंपावत, शिशुपालसिंह निम्बाड़ा, जीवराज बोराणा, मांगीलाल गांधी, आमीन अली रंगरेज, डॉ.केएम शर्मा, कन्हैयालाल परिहार, जोगाराम सोलंकी, प्रकाश सांखला, दिलीप कुमार ओड, देवीदास चंदनानी, गजेन्द्रसिंह मंडली आदि उपस्थित रहकर उपयोगी सुझाव दिए। इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जोधपुर जोन के संयुक्त निदेशक डॉ.जोगेश्वर प्रसाद नारवाल, डब्ल्यूएचओकी प्रतिनिधि डॉ.कीर्ति पटेल, राजमेस जयपुर सेे डॉ.अशोक यादव, पाली मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ.दीपक वर्मा, सिरोही मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ.ललित कुमार रेगर, पाली सीएमएचओ डॉ इन्दरसिंह राठौड़, जालोर सीएमएचओ डॉ.आरएस भारती, सांचौर सीएमएचओ डॉ.एमएल कटारिया, सिरोही से डिप्टी सीएमएचओ डॉ. महेश गौतम, बांगड़ अस्पताल के अधीक्षक डॉ.पीसी व्यास, अतिरिक्त अधीक्षक डॉ.आरके बिश्नोई, आरसीएचओ डॉ.सूर्यवीरसिंह, एएनएम प्रशिक्षण केंद्र के प्रिंसीपल केसी सैनी, डीपीएम भवानीसिंह, एपिडेमियोलोजिस्ट डॉ.अंकित माथुर, यूपीएम जितेन्द्र परमार, डीपीसी रामप्रकाश गढ़वाल, जिला आईईसी समन्वयक नंदलाल शर्मा, पारसमल कुमावत व स्वास्थ्य भवन पाली की टीम, आयुर्वेद विभाग पाली के अतिरिक्त निदेशक डॉ.रमेश श्री वैष्णव, उपनिदेशक डॉ.केके भारद्वाज, सहायक निदेशक डॉ.बजरंगलाल शर्मा, जिला आयुर्वेद विभाग के पीएमओ डॉ.शिवकुमार शर्मा, दयालाल भूंगरिया सहित पाली, जालोर, सिरोही व सांचौर जिले के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों का सराहनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन एएनएम प्रशिक्षण केंद्र के प्रिंसीपल केसी सैनी ने किया। अंत में राजकीय बांगड़ चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ.पीसी व्यास ने सभी का आभार जताया।
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