Rajendra Institute of Medical Sciences, Ranchi

Rajendra Institute of Medical Sciences, Ranchi RIMS Ranchi is the premier medical institute of Jharkhand.

Buddha Birsa Association of Pediatric Surgeons द्वारा शिशु शल्य चिकित्सा का द्वितीय वार्षिक सम्मेलन का आयोजन 27 एवं 28 फ...
27/02/2026

Buddha Birsa Association of Pediatric Surgeons द्वारा शिशु शल्य चिकित्सा का द्वितीय वार्षिक सम्मेलन का आयोजन 27 एवं 28 फरवरी 2026 को रिम्स में किया जा रहा है।

सम्मेलन के पहले दिन झारखंड, बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 50-60 शिशु शल्य चिकित्सकों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य शिशु शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, अनुसंधान एवं अनुभवों का आदान-प्रदान करना तथा आपसी शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देना था।

सम्मेलन के दौरान पीडियाट्रिक यूरोलॉजी एवं हाइपोस्पेडियोलॉजी, पीडियाट्रिक मिनिमल इनवेसिव सर्जरी, पीडियाट्रिक सॉलिड ट्यूमर्स एवं वैस्कुलर पैथोलॉजीज़, तथा नए केंद्रों में AI आधारित पीडियाट्रिक सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए और जटिल मामलों के प्रबंधन से संबंधित अपने अनुभव साझा किए।

सम्मेलन के संरक्षक (Patron) प्रो. डॉ. बिंदे कुमार रहे। सह-संरक्षक (Co-Patron) के रूप में प्रो. डॉ. हिरेंद्र बिरुआ एवं प्रो. डॉ. विजेंद्र कुमार ने मार्गदर्शन दिया।

आयोजन की मुख्य जिम्मेदारी ऑर्गनाइजिंग प्रेसीडेंट प्रो. डॉ. विनीत कुमार ठाकुर एवं ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अभिषेक रंजन ने निभाई। सह-आयोजन समन्वयक के रूप में डॉ. संदीप कुमार राहुल, डॉ. श्याम सुंदर साहू, डॉ. दिगंबर चौबे एवं डॉ. शिशिर कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

रिम्स शासी परिषद (Governing Body) की बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में मृत मरीजों के परिजनों को अंतिम संस्कार हेतु ₹500...
26/02/2026

रिम्स शासी परिषद (Governing Body) की बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में मृत मरीजों के परिजनों को अंतिम संस्कार हेतु ₹5000 की सहायता राशि प्रदान किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

तकनीकी कारणों से UPI में आ रही बाधाओं के मद्देनज़र लाभुकों के खातों में राशि का ट्रांसफर NEFT के माध्यम से किया गया है, ताकि सहायता राशि समय पर संबंधित परिजनों तक पहुंच सके।

इसके अतिरिक्त, संस्थान द्वारा मृत मरीजों के पार्थिव शरीर को उनके गृह स्थान तक पहुंचाने हेतु 5 “मोक्ष वाहन” की भी व्यवस्था है एवं 5 और मोक्ष वाहन की खरीद की प्रक्रिया चल रही है। मोक्ष वाहन की सुविधा परिजनों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है, जिससे शोक की इस घड़ी में उन्हें अनावश्यक आर्थिक एवं व्यवस्थागत कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

Budha Birsa Association of Pediatric Surgeons (BBAPS) द्वारा द्वितीय वार्षिक सम्मेलन का आयोजन 27 एवं 28 फरवरी को रिम्स, ...
25/02/2026

Budha Birsa Association of Pediatric Surgeons (BBAPS) द्वारा द्वितीय वार्षिक सम्मेलन का आयोजन 27 एवं 28 फरवरी को रिम्स, रांची में किया जा रहा है। इस दो दिवसीय सम्मेलन के संबंध में आज एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक एवं शिशु शल्य चिकित्सक प्रो (डॉ.) हिरेंद्र बिरुआ ने कहा कि, "यह झारखंड के लिए गर्व का विषय है कि राज्य में पहली बार शिशु शल्य चिकित्सा (पीडियाट्रिक सर्जरी) पर इस स्तर का सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। BBAPS, बिहार और झारखंड के पीडियाट्रिक सर्जनों का संयुक्त संगठन है तथा 27 और 28 फरवरी को आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के ख्यातिप्राप्त शिशु शल्य चिकित्सक भाग लेंगे।"

सम्मेलन के आयोजन सचिव और रिम्स शिशु शल्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अभिषेक रंजन ने जानकारी दी कि इस सम्मेलन में केवल बिहार और झारखंड ही नहीं, बल्कि कोलकाता, लखनऊ, वाराणसी, दिल्ली, गुरुग्राम, पांडिचेरी, विभिन्न एम्स सहित देश के अन्य हिस्सों से प्रतिष्ठित शिशु शल्य चिकित्सक भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि, "लगभग 60–70 प्रतिनिधि दूसरे राज्यों से इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं| इस दो दिवसीय सम्मेलन के माध्यम से राज्य के चिकित्सकों को देश के अग्रणी विशेषज्ञों से सीधे संवाद और अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। नई तकनीकों, आधुनिक उपकरणों, रोबोटिक सर्जरी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर चर्चा से झारखंड में चिकित्सा सेवाओं के आधुनिकीकरण को गति मिलेगी।"

डॉ. अभिषेक ने कहा कि, “ज्ञान के आदान-प्रदान से नई सोच और पीडियाट्रिक सर्जरी के भविष्य को नई दिशा प्राप्त होगी| इस प्रकार के वैज्ञानिक सम्मेलनों से न केवल विशेषज्ञों का कौशल उन्नत होता है, बल्कि युवा चिकित्सकों को प्रेरणा मिलती है और राज्य में सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार होता है।"

विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की शल्य चिकित्सा वयस्कों से पूर्णतः भिन्न होती है और इसके लिए विशेष प्रशिक्षण, उपकरण एवं अनुभव की आवश्यकता होती है। यदि राज्य में अधिक प्रशिक्षित शिशु शल्य चिकित्सक उपलब्ध होंगे तो गंभीर बीमारियों का उपचार स्थानीय स्तर पर ही संभव होगा, जिससे बड़े महानगरों की ओर रेफरल और आर्थिक बोझ दोनों में कमी आएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा।

आज के प्रेस वार्ता में रिम्स शिशु शल्य विभाग से डॉ श्याम सुन्दर साहू, डॉ अभिषके कुमार सिंह, अंकुर हॉस्पिटल से डॉ जैनेन्द्र कुमार और रानी चिल्ड्रन हॉस्पिटल से डॉ इमरान भी उपस्थित रहें|

मानवता का सर्वोच्च उपहार।
23/02/2026

मानवता का सर्वोच्च उपहार।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर रिम्स में आज एक उच्च-स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक...
16/02/2026

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर रिम्स में आज एक उच्च-स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, झारखण्ड राज्य के अभियान निदेशक श्री विद्यानंद शर्मा पंकज, आयुष्मान भारत के संयुक्त निदेशक (समन्वय) व ABDM की राज्य-स्तरीय टीम के सदस्य उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता रिम्स निदेशक प्रो (डॉ) राजकुमार ने किया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य रिम्स में ABDM के सभी घटकों के उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु दिशा-निर्देश प्रदान करना तथा इसके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं का समाधान करना था। अभियान निदेशक श्री पंकज ने कहा कि रिम्स राज्य का प्रमुख संस्थान है, अतः ABDM के क्रियान्वयन में भी इसे अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा, "संस्थान से अपेक्षा है कि संस्थान इस दिशा में शीघ्र प्रभावी कदम उठाएगा।"

रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार ने सभी बिंदुओं का संज्ञान लेते हुए आश्वस्त किया कि संस्थान द्वारा जल्द ही ABDM के कार्यान्वयन में बेहतर प्रदर्शन किया जाएगा।

बैठक में C-DAC द्वारा विकसित HMIS प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा की गई। निदेशक ने निर्देश दिया कि डिस्चार्ज समरी का नियमित क्रियान्वयन, हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज को बढ़ावा, ई-प्रिस्क्रिप्शन को प्राथमिकता, IPD विभाग में एडमिशन से डिस्चार्ज तक HMIS का अनिवार्य उपयोग तथा डायनामिक बेड मैनेजमेंट प्रणाली को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि यह न केवल प्रशासनिक रूप से आवश्यक है, बल्कि इससे आम जनता को कम समय में उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

इसके अतिरिक्त, तकनीक में रुचि रखने वाले फैकल्टी सदस्यों को अपने-अपने विभाग में ABDM के सभी घटकों के सफल क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दी जाएगी। निदेशक द्वारा यह भी आदेश जारी किया गया कि क्रिटिकल केयर, मेडिसिन, न्यूरोसर्जरी, इमरजेंसी, सर्जरी एवं ऑर्थोपेडिक विभागों में “स्कैन-एंड-शेयर” सुविधा तत्काल प्रभाव से प्रारंभ की जाए।

संस्थान परिसर में BSNL द्वारा सभी तकनीकी कार्यों के सफल निष्पादन हेतु एक SPOC (Single Point of Contact) नियुक्त किया जाएगा तथा शीघ्र ही परिसर को पूर्णतः Wi-Fi सक्षम बनाया जाएगा।

बैठक में रिम्स चिकित्सा अधीक्षक प्रो (डॉ) हिरेंद्र बिरुआ, अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ शैलेश त्रिपाठी, संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष (HODs), आईटी टीम, ABDM के नोडल पदाधिकारी, ABDM संबंधित फैकल्टी, BSNL एवं Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC) के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

10/02/2026

सोशल मीडिया के माध्यम से रिम्स प्रबंधन के संज्ञान में यह मामला आया है कि एक मरीज को कथित रूप से एक्सपायरी दवा दी गई है। इस प्रकार की घटना गंभीर चिंता का विषय है तथा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। मरीजों की सुरक्षा रिम्स की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मामले की तत्काल जांच के आदेश दे दिए गए हैं, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि एक्सपायरी दवा मरीज को किन परिस्थितियों में दी गई। इसके साथ ही, दवा के स्टॉक की जांच भी की जा रही है। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित व्यक्ति/व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रकरण के संबंध में चिकित्सा अधीक्षक, अपर चिकित्सा अधीक्षक एवं उपाधीक्षक ने उपचाररत चिकित्सक के साथ, ब्रेन हैमरेज से पीड़ित इस मरीज से मिले। उपचाररत चिकित्सक द्वारा जानकारी दी गई कि उक्त दवा दिए जाने के बाद मरीज की स्थिति में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं पाया गया है तथा मरीज का उपचार निरंतर चिकित्सकीय निगरानी में किया जा रहा है।

रिम्स प्रबंधन यह स्पष्ट करना चाहता है कि मरीजों की सुरक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार के प्रति संस्था पूर्णतः प्रतिबद्ध है और भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

31/01/2026

दिनांक 31 जनवरी 2026 को एक समाचार पत्र में “रिम्स में अव्यवस्था, गर्भवती की ट्राली को 800 मीटर तक ढकेलकर ले गए स्वजन” शीर्षक से प्रकाशित खबर के संदर्भ में रिम्स प्रबंधन यह स्पष्ट करता है कि संबंधित घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं शर्मनाक है। किसी भी मरीज, विशेषकर गर्भवती महिला को इस प्रकार की पीड़ा का सामना करना पड़े, यह रिम्स प्रबंधन के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

यह और भी चिंताजनक है कि MRI जांच से संबंधित भर्ती एवं OPD मरीजों के परिवहन हेतु जारी स्पष्ट आदेशों का कुछ विभागों द्वारा पालन नहीं किया जा रहा है। चिकित्सा उपाधीक्षक-1 द्वारा पत्रांक 184, दिनांक 30 दिसंबर 2025 के माध्यम से सभी विभागाध्यक्षों एवं यूनिट प्रभारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि नए क्षेत्रीय नेत्र संस्थान भवन में अधिष्ठापित MRI सुविधा हेतु मरीजों को एम्बुलेंस उपलब्ध कराना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होगी। उक्त पत्र के माध्यम से एम्बुलेंस चालकों के संपर्क नंबर भी साझा किए गए थे।

उक्त प्रकरण में संबंधित विभागाध्यक्ष, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग से पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि इस प्रकार की कोई भी घटना घटित होती है, तो संबंधित विभाग पर नियमसंगत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

रिम्स प्रबंधन मरीजों की सुविधा एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस प्रकार की लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी।

31/01/2026

रिम्स में Annapurna Utility Services के कर्मियों द्वारा वेतन भुगतान को लेकर सेवाएं कुछ समय के लिए बाधित की गई थी। इस संदर्भ में रिम्स प्रबंधन द्वारा स्थिति स्पष्ट करना आवश्यक है।

यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि रिम्स एक आवश्यक सेवा (Essential Service) की श्रेणी में आता है, और किसी भी परिस्थिति में भ्रामक सूचना के आधार पर सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न किया जाना पूर्णतः अस्वीकार्य है। रिम्स प्रबंधन इस प्रकार की गतिविधियों को गंभीरता से लेता है।

यह स्पष्ट किया जाता है कि Annapurna Utility Services के कर्मियों का वेतन नवंबर 2025 तक रिम्स द्वारा जारी किया जा चुका है, जिसकी प्रक्रिया 17 जनवरी 2026 को पूर्ण हो गयी थी| दिसंबर 2025 का बिल एजेंसी द्वारा मात्र दो दिन पूर्व प्रस्तुत किया गया है, जो नियमानुसार प्रक्रियाधीन है।

रिम्स प्रबंधन के संज्ञान में आया है कि अप्रैल 2024 से Annapurna Utility Services द्वारा अपने कर्मियों के EPF एवं ESI अंशदान की राशि जमा नहीं की जा रही थी, जबकि उक्त मद की राशि रिम्स द्वारा नियमित रूप से भुगतान किया जा रहा था| चूंकि EPF एवं ESI कर्मियों के हित से जुड़ा विषय है, इसलिए संबंधित राशि एजेंसी को भुगतान न करते हुए उसे रोका गया है| रिम्स प्रबंधन, कर्मियों के हितों की रक्षा करते हुए सुनिश्चित करेगा कि उक्त राशि कर्मियों के EPF एवं ESI खातों में सीधे जमा कराई जाए।

जहां तक रिलीवर फंड का प्रश्न है, इसके भुगतान हेतु रिम्स द्वारा एजेंसी से उपस्थिति पंजी (Attendance Register) की मांग की गई थी। एजेंसी का कहना है कि उपस्थिति पंजी जमा कर दी गई है, किंतु वह रिम्स कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में रिम्स द्वारा एजेंसी से दो बार उपस्थिति पंजी जमा किए जाने का प्रमाण मांगा गया है, जो अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसी कारण रिलीवर फंड की प्रक्रिया लंबित है। मामले की जांच हेतु रिम्स द्वारा Fact Finding Committee का गठन किया गया है।

यह भी स्पष्ट किया जाता है कि Annapurna Utility Services की अनुबंध अवधि समाप्त होने पर चरणबद्ध तरीके से 31 जनवरी 2026 तक कार्यादेश का विस्तार किया गया था। Annapurna Utility Services के कर्मियों के जनवरी 2026 के वेतन का बिल प्राप्त होते ही उसका शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

रिम्स प्रबंधन कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है कि आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी स्थिति में बाधित न हों, ताकि मरीजों एवं आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो|

रिम्स), रांची में आज हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (Hospital Revolving Fund–HRF) के क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का ...
30/01/2026

रिम्स), रांची में आज हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (Hospital Revolving Fund–HRF) के क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता निदेशक प्रो (डॉ) राजकुमार द्वारा की गई। यह बैठक पूर्व में आयोजित गवर्निंग बॉडी (GB) की दिशा-निर्देशों के आलोक में संपन्न हुई।

बैठक में हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड के प्रभावी, पारदर्शी एवं नियमसम्मत क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न तकनीकी, वित्तीय एवं प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस उद्देश्य से HRF के कार्यान्वयन की बारीकियों पर विमर्श हेतु दो बाह्य विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया, जिन्होंने रिम्स, रांची में HRF लागू करने से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।

बैठक में चिकित्सा अधीक्षक प्रो (डॉ) हिरेंद्र बिरुआ, अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ शैलेश त्रिपाठी, रिम्स के लेखा एवं वित्त विभाग के अधिकारी तथा HRF समिति के सदस्य भी उपस्थित थे। चर्चा के दौरान HRF के सुचारु संचालन हेतु आवश्यक अन्य अवसंरचना एवं संबंधित व्यवस्थाओं की स्थापना पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

निदेशक ने संबंधित अधिकारियों को HRF के चरणबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ आवश्यक अवसंरचना एवं सहयोगी व्यवस्थाओं को शीघ्र स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।

रिम्स प्रबंधन के संज्ञान में आया है कि Book My Show पोर्टल पर दिनांक 4 फरवरी एवं 7 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले दो कार...
28/01/2026

रिम्स प्रबंधन के संज्ञान में आया है कि Book My Show पोर्टल पर दिनांक 4 फरवरी एवं 7 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले दो कार्यक्रमों का स्थल RIMS Auditorium दर्शाया गया है, जो कि तथ्यात्मक रूप से गलत एवं भ्रामक है| इस संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि उक्त दोनों तिथियों के लिए ऑडिटोरियम की बुकिंग नहीं हुई है, न ही इन कार्यक्रमों से RIMS का कोई संबंध है। बिना अनुमति RIMS ऑडिटोरियम को आयोजन स्थल दर्शाना अनधिकृत एवं नियम विरुद्ध है। इस संबंध में रिम्स प्रबंधन द्वारा Book My Show को औपचारिक शिकायत ई-मेल भेजी जा रही है, ताकि उक्त त्रुटिपूर्ण जानकारी को शीघ्र सुधारा जा सके।

चूंकि संबंधित कार्यक्रमों के लिए टिकटों की बिक्री प्रारंभ हो चुकी है, RIMS प्रबंधन द्वारा जनहित में यह सूचना जारी की जा रही है ताकि आम जनता किसी प्रकार के भ्रम या असुविधा का शिकार न हो। आम जनता से अपील है कि किसी भी असुविधा से बचने हेतु कार्यक्रम स्थल की जानकारी की स्वयं पुष्टि कर लें।

BookMyShow Anubhav Singh Bassi आचार्य प्रशांत

रिम्स में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान परिसर स्थित राजेंद्र पार्क में नि...
26/01/2026

रिम्स में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान परिसर स्थित राजेंद्र पार्क में निदेशक प्रो (डॉ) राजकुमार ने ध्वजारोहण किया। मौके पर निदेशक ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और संविधान के मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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