Rajendra Institute of Medical Sciences, Ranchi

Rajendra Institute of Medical Sciences, Ranchi RIMS Ranchi is the premier medical institute of Jharkhand.

रिम्स निदेशक प्रो (डॉ) राज कुमार ने आज वर्ष 2025 के दौरान रिम्स में चिकित्सा सेवाओं, आधारभूत संरचना, शैक्षणिक विस्तार एव...
01/01/2026

रिम्स निदेशक प्रो (डॉ) राज कुमार ने आज वर्ष 2025 के दौरान रिम्स में चिकित्सा सेवाओं, आधारभूत संरचना, शैक्षणिक विस्तार एवं प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, इन प्रयासों का उद्देश्य राज्य के नागरिकों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना रहा है।

🔹वर्ष 2025 की प्रमुख उपलब्धियाँ
1. लगभग पाँच वर्षों के बाद रेडियोलॉजी विभाग के लिए क्षेत्रीय नेत्र संस्थान भवन में अत्याधुनिक 03 टेस्ला MRI मशीन का अधिष्ठापन किया गया।
2. लगभग दस वर्षों से लंबित क्षेत्रीय नेत्र संस्थान भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया।
3. ऑन्कोलॉजी भवन में 70 बेड क्षमता के अतिरिक्त न्यूरोलॉजी एवं न्यूरोसर्जरी वार्ड का निर्माण किया गया।
4. मरीजों के लिए 24×7 पैथोलॉजिकल जांच सेवा उपलब्ध कराने हेतु सेंट्रल लैब की स्थापना कर संचालन प्रारंभ किया गया।
5. छात्रों की सुविधा हेतु 500 बेड क्षमता वाले छात्रावास भवन का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया।
6. माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अंतर्गत BSL-3 लैब का निर्माण कराया गया।
7. चिकित्सकों, छात्रों एवं रिम्स कर्मियों के लिए नए कैंटीन भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ
8. रात्रि में महिला चिकित्सकों, नर्सिंग कर्मियों एवं दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए 05 ई-कार्ट का क्रय किया गया।
9. डेंटल मरीजों के लिए डेंटल इंस्टिट्यूट के अंतर्गत ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग में ओटी कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया गया।
10. माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में रिम्स की अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराकर उस पर चारदीवारी निर्माण कार्य प्रारंभ कराया गया।
11. संस्थान के गेट संख्या 01 एवं 02 का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया।

🔹 प्रशासनिक एवं मानव संसाधन संबंधी उपलब्धियाँ:-
1. जनहित याचिका में पारित आदेश के अनुपालन में लगभग 09 एकड़ अतिक्रमित भूमि को जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के सहयोग से मुक्त कराया गया।
2. क्षेत्रीय नेत्र संस्थान हेतु चिकित्सक, नर्सिंग, पैरामेडिकल एवं अन्य पदों सहित कुल 103 नए पदों का सृजन किया गया।
3. सुरक्षा की दृष्टि से संस्थान परिसर में 1136 सीसीटीवी कैमरों के अधिष्ठापन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।
4. चिकित्सक शिक्षण संवर्ग एवं अन्य कर्मचारियों को पदोन्नति, वित्तीय लाभ एवं सेवा लाभ प्रदान किए गए।
5. विभिन्न विभागों में नियुक्ति, चयन प्रक्रिया, एजेंसी चयन एवं सेवाओं के आउटसोर्सिंग संबंधी कार्यों को गति दी गई।

साथ ही निदेशक ने 2026 में रिम्स की आगामी योजनाओं के विषय में भी जानकारी दी। रिम्स द्वारा आने वाले वर्ष में मरीजों को और अधिक उन्नत सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएँ प्रस्तावित हैं, जिनमें शामिल हैं—

1. दवा एवं सर्जिकल सामग्री की निर्बाध उपलब्धता हेतु Hospital Revolving Fund (HRF) का संचालन।
2. विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर नियुक्ति
3. एमबीबीएस, पीजी, नर्सिंग एवं सुपर-स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों की सीटों में वृद्धि।
4. ट्रॉमा सेंटर का विस्तार, नए आईसीयू/ओटी भवनों का निर्माण।
5. कैंसर मरीजों के लिए LINAC मशीन का अधिष्ठापन।
6. सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु चारदीवारी, फायर फाइटिंग सिस्टम एवं गैस पाइपलाइन जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार।

निदेशक प्रो राजकुमार ने स्पष्ट किया है कि संस्थान राज्य सरकार एवं माननीय न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रहा है। आने वाले समय में रिम्स को पूर्वी भारत के एक अग्रणी चिकित्सा संस्थान के रूप में और सशक्त बनाने के लिए सतत प्रयास जारी रहेंगे।

29/12/2025

राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान परिसर स्थित पावरग्रिड विश्राम गृह के संचालन हेतु निर्धारित निविदा प्रक्रिया के उपरांत साउथ विहार वेलफेयर सोसाइटी फॉर ट्राइबल्स का चयन किया गया है। चयनित संस्था द्वारा विश्राम गृह का संचालन 01 जनवरी 2026 से किया जाएगा।

यह विश्राम गृह विशेष रूप से उन मरीजों एवं उनके परिजनों/अटेंडेंट्स के लिए उपयोगी होगा, जो दूर-दराज़ क्षेत्रों से इलाज के लिए RIMS, राँची आते हैं। विश्राम गृह में ठहरने की सुविधा के साथ-साथ वहाँ रहने वाले लोगों के लिए भोजन की भी व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।

मरीज हित एवं जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए विश्राम गृह के किराये में कटौती की गई है। पूर्व में जहाँ ठहराव शुल्क ₹100 प्रति व्यक्ति प्रतिदिन लिया जा रहा था, वहीं अब संशोधित दरों के अनुसार—
प्रथम 7 दिनों तक: ₹25 प्रति व्यक्ति प्रतिदिन
7 दिनों के पश्चात: ₹50 प्रति व्यक्ति प्रतिदिन
उक्त संशोधित दरों को RIMS की गवर्निंग बॉडी द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है।

RIMS प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपचार हेतु आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को किफायती, सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवासीय व्यवस्था उपलब्ध हो, जिससे वे आर्थिक बोझ से मुक्त होकर इलाज पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

29/12/2025

रिम्स निदेशक प्रो (डॉ) राजकुमार ने आज आपातकालीन (इमरजेंसी) सेवाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान इमरजेंसी में अत्यधिक संख्या में मरीजों के आने के कारण स्थिति अत्यंत दबाव वाली बनी हुई थी। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि वर्तमान अवकाश/छुट्टीयों के कारण निजी अस्पतालों द्वारा बड़ी संख्या में मरीजों को रिम्स में रेफर किया जा रहा है, जिससे संस्थान पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।

निदेशक प्रो राज कुमार ने बताया कि रिम्स में संसाधन एवं मानवबल सीमित हैं और वर्तमान में अस्पताल अत्यधिक दबाव (ओवरबर्डन) की स्थिति में है। उन्होंने आम जनता से अपील किया है कि आपात स्थिति में वे अपने निकटतम सरकारी अस्पताल में भी उपचार के लिए संपर्क स्थापित कर सकते हैं। इससे रिम्स पर अनावश्यक दबाव कम होगा और गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

निदेशक ने विशेष रूप से वेंटिलेटर पर निर्भर मरीजों के परिजनों से अपील की कि रिम्स आने से पूर्व अस्पताल से संपर्क अवश्य करें। वेंटिलेटर बेड की सीमित उपलब्धता के कारण सीधे रिम्स आने से मरीजों की स्थिति गंभीर हो सकती है। यदि रिम्स में वेंटिलेटर बेड उपलब्ध नहीं होते हैं, तो ऐसे मरीजों को निकटवर्ती सरकारी अस्पतालों में रेफर किया जा सकता है, जहाँ आवश्यक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

रिम्स प्रबंधन आम जनता के सहयोग से स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत में प्रतिवर्ष सामान्यतः 29 दिसंबर को शिशु शल्य चिकित्सा दिवस मनाया जाता है। यह दिन बच्चों के स्वास्थ्य एवं उनके सुर...
29/12/2025

भारत में प्रतिवर्ष सामान्यतः 29 दिसंबर को शिशु शल्य चिकित्सा दिवस मनाया जाता है। यह दिन बच्चों के स्वास्थ्य एवं उनके सुरक्षित भविष्य में शिशु शल्य चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।
1. जन-जागरूकता का संवर्धन
यह दिवस माता-पिता और देखभालकर्ताओं को यह समझाने में सहायक होता है कि बच्चे “छोटे वयस्क” नहीं होते, बल्कि उनकी शारीरिक संरचना और विकास संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष शल्य चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता होती है।

2. शीघ्र निदान एवं उपचार पर बल
कई जन्मजात विकृतियाँ की शल्य संबंधी समस्याएँ यदि समय रहते पहचानी और उपचारित की जाएँ, तो बच्चे एक सामान्य एवं स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। यह दिवस समय पर रेफरल और हस्तक्षेप के महत्व को रेखांकित करता है।

3. बाल-अनुकूल शल्य चिकित्सा सेवाओं की आवश्यकता
यह अस्पतालों में समर्पित शिशु शल्य चिकित्सा इकाइयों, प्रशिक्षित मानव संसाधन एवं बच्चों के अनुकूल बुनियादी ढाँचे की आवश्यकता पर जोर देता है।

4. प्रशिक्षण एवं अनुसंधान को प्रोत्साहन
शिशु शल्य चिकित्सा दिवस युवा चिकित्सकों को इस विशिष्ट क्षेत्र में करियर अपनाने हेतु प्रेरित करता है तथा बच्चों में शल्य चिकित्सा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए निरंतर अनुसंधान को बढ़ावा देता है।

5. स्वास्थ्य-सेवा टीम का सम्मान
यह दिवस बाल शल्य चिकित्सकों के साथ-साथ एनेस्थेटिस्ट, नर्सिंग स्टाफ एवं सहायक कर्मियों के समर्पण और सेवाभाव को सम्मानित करता है, जो मिलकर बच्चों के लिए सुरक्षित एवं संवेदनशील शल्य चिकित्सा सुनिश्चित करते हैं।

6. स्वास्थ्य नीति एवं समानता का समर्थन
शिशु शल्य चिकित्सा दिवस ऐसी प्रभावी स्वास्थ्य नीतियों की वकालत करता है, जिससे देश के सभी बच्चों—विशेषकर वंचित एवं दूरदराज़ क्षेत्रों के बच्चों—को गुणवत्तापूर्ण शल्य चिकित्सा सेवाएँ सुलभ हो सकें।

शिशु शल्य चिकित्सा दिवस यह सशक्त संदेश देता है कि समय पर एवं विशेष शल्य चिकित्सा देखभाल न केवल जीवन बचाती है, बल्कि बच्चों के लिए एक स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करती है।

राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची में नई किचन एजेंसी के कार्यभार संभालने के पश्चात भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छ...
24/12/2025

राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची में नई किचन एजेंसी के कार्यभार संभालने के पश्चात भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निदेशक प्रो (डॉ) राज कुमार द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान निदेशक ने स्वयं भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता, स्वाद एवं स्वच्छता का आकलन किया।

निदेशक ने संबंधित एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिया है कि मरीजों एवं संस्थान से जुड़े सभी लोगों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भोजन की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित रूप से निरीक्षण किया जाता रहेगा।

रिम्स के एनाटोमी विभाग में अपने प्रियजन का देहदान कर रांची के एक परिवार ने प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया...
20/12/2025

रिम्स के एनाटोमी विभाग में अपने प्रियजन का देहदान कर रांची के एक परिवार ने प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी स्वर्गीय कैप्टन रवीन्द्र नाथ सिंह के परिवार ने उनके देह का दान चिकित्सा शिक्षा के हित में रिम्स को किया है।

स्वर्गीय कैप्टन रवीन्द्र नाथ सिंह ने भारतीय सेना में सेवा देते हुए मराठा रेजीमेंट में कमीशन प्राप्त किया था। सेना से सेवा निवृत्ति के पश्चात उन्होंने टीआरएफ में चीफ ऑफ सिक्योरिटी के पद पर भी कार्य किया है। इसके अतिरिक्त वह एक विद्यालय में निदेशक के पद पर भी रह चुके है तथा विभिन्न संस्थानों में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन भी किया है।

स्वर्गीय कैप्टन सिंह की यह स्पष्ट इच्छा थी कि उनके निधन के पश्चात उनका देह चिकित्सा छात्रों के शिक्षण एवं अनुसंधान के लिए दान की जाए। उनके इस महान संकल्प को उनकी पुत्रियों अदिति चौहान राव एवं ज्योति सी. सिंह देव ने पूर्ण समर्थन दिया। उनके परिवारजनों द्वारा उनकी अंतिम इच्छा को सम्मानपूर्वक पूरा किया गया। इस अवसर पर उनकी दोनों पुत्रियाँ तथा उनके पौत्र कृष्णा, श्रेष्ठ और अवीरल रिम्स में उपस्थित रहे और देहदान की प्रक्रिया संपन्न कराई।

एनाटोमी विभागाध्यक्ष प्रो (डॉ) डी कुमार ने स्वर्गीय कैप्टन रवीन्द्र नाथ सिंह एवं उनके परिवार के इस महान और मानवता हित में किए गए निर्णय की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

देहदान चिकित्सा शिक्षा की रीढ़ है और ऐसे दान से चिकित्सा छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने में अमूल्य सहायता मिलती है।

राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), राँची में शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु मास्टर ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन (MHA) पाठ्...
13/12/2025

राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), राँची में शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु मास्टर ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन (MHA) पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। यह पाठ्यक्रम अस्पताल प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवा प्रशासन, गुणवत्ता प्रबंधन, स्वास्थ्य नीतियों एवं नेतृत्व कौशल के क्षेत्र में विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करता है।

इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी, पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया एवं महत्वपूर्ण तिथियों के लिए RIMS की आधिकारिक वेबसाइट https://rimsranchi.ac.in का अवलोकन करें।

Last Date of Application: 20th December 2025

# # # रिम्स राँची से सम्बंधित सभी जानकारी एवं सूचना, रिम्स की आधिकारिक वेबसाइट www.rimsranchi.ac.in पर रिम्स द्वारा उपलब्ध करायी ज.....

रिम्स निदेशक प्रो. (डॉ.) राज कुमार ने आज अपर निदेशक (प्रशासन) डॉ. वाघमारे प्रसाद कृष्णा, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) ही...
13/12/2025

रिम्स निदेशक प्रो. (डॉ.) राज कुमार ने आज अपर निदेशक (प्रशासन) डॉ. वाघमारे प्रसाद कृष्णा, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) हीरेन्द्र बिरुआ, अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेश त्रिपाठी, सम्पदा पदाधिकारी प्रो. (डॉ.) शिवप्रिये तथा जेएसबीसीएल (JSBCL) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रिम्स के उत्तर परिसर स्थित डॉक्टर्स कॉलोनी में चल रहे बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। पूरे रिम्स परिसर को अतिक्रमण-मुक्त, सुरक्षित एवं संरक्षित बनाने के उद्देश्य से माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में चारों ओर बाउंड्री का निर्माण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान निदेशक ने जेएसबीसीएल को स्पष्ट निर्देश दिया कि परिसर की सीमा पर स्थित सभी बहु-छिद्र (मल्टी-पोरस) एवं संवेदनशील क्षेत्रों को पूर्णतः बंद किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के अवैध प्रवेश अथवा अतिक्रमण की संभावना समाप्त की जा सके।

डॉक्टर्स कॉलोनी के परिसीमन क्षेत्र में रहने वाले कुछ स्थानीय निवासियों द्वारा बाउंड्री निर्माण को लेकर आपत्ति व्यक्त की गई, क्योंकि कुछ स्थानों पर वैकल्पिक शॉर्ट-कट मार्ग बंद हो रहे थे। इस पर निदेशक ने स्थानीय लोगों से वार्ता करते हुए स्पष्ट एवं दृढ़ शब्दों में कहा कि रिम्स आम जनता की दैनिक आवाजाही की सुविधा को लेकर पूर्णतः संवेदनशील है।

** उन्होंने स्थानीय निवासियों को आश्वस्त किया कि रिम्स द्वारा आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 15–20 फीट तक भूमि सड़क के लिए छोड़कर बाउंड्री का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, जिन स्थानों पर सड़कें संकरी हैं, वहाँ बाउंड्री वॉल का निर्माण 2–3 फीट अंदर की ओर किया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। **

निदेशक ने यह भी स्पष्ट किया कि,“यह कार्य किसी के विरुद्ध नहीं है, बल्कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन एवं राज्य की एक प्रमुख चिकित्सा संस्थान की भूमि, सुरक्षा और गरिमा की रक्षा हेतु आवश्यक है। रिम्स अपने परिसर को सुरक्षित कर रहा है, परंतु यह कार्य स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में अनावश्यक बाधा उत्पन्न करना न केवल न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है, बल्कि जनहित के भी प्रतिकूल है।”

रिम्स प्रबंधन की सभी संबंधित पक्षों अपील है कि वह संस्थान द्वारा कानून का पालन करते हुए परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग करें|

10/12/2025

पिछले कुछ दिनों में रिम्स की भूमि का सीमांकन एवं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पश्चात जिला प्रशासन द्वारा विधिवत प्रक्रिया के तहत और सरकारी अभिलेखों के आधार पर किया गया है। इसी क्रम में रिम्स परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दीवार (Boundary Wall) का निर्माण किया गया था। यह अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक है कि कुछ असामाजिक और कानून का सम्मान न करने वाले तत्वों ने जानबूझकर दीवार को तोड़ दिया है, जो कि न केवल अवैध है बल्कि न्यायालय के आदेशों की अवमानना भी है। इस प्रकार की हरकतें विधि-व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास हैं, जिन्हें प्रशासन किसी भी स्थिति में सहन नहीं करेगा।

यह पुनः स्पष्ट किया जाता है कि सीमांकन, ध्वस्तीकरण, अतिक्रमण हटाने सहित समस्त कार्रवाई माननीय झारखंड उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के तहत और जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। रिम्स प्रशासन इस पूरी प्रक्रिया में प्रशासन को पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहा है।

रिम्स प्रबंधन संपत्ति को क्षति पहुँचाने, प्रशासनिक कार्यवाही में बाधा डालने या न्यायालय के आदेशों को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास की कड़ी भर्त्सना करता है। ऐसे अवैध कृत्यों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध संबंधित प्रावधानों के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

रिम्स सभी नागरिकों से अपील करता है कि कानून का सम्मान करें, प्रशासनिक कार्रवाई में सहयोग दें, और परिसर को अतिक्रमणमुक्त एवं सुरक्षित बनाने के प्रयासों में बाधा न डालें।

10/12/2025

कुछ मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर “प्रिंटर में कार्टिज खत्म, RIMS में चार दिनों से OPD रजिस्ट्रेशन बंद” शीर्षक से प्रसारित एवं प्रकाशित खबर पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और निराधार है।

RIMS प्रबंधन स्पष्ट करता है कि—
1. OPD रजिस्ट्रेशन काउंटर नियमित रूप से संचालित हैं।
2. प्रिंटर का कार्ट्रिज समय पर रीफिल किया गया है, तथा सभी काउंटर पूरी तरह सुचारू हैं।
3. मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए तकनीकी एवं प्रशासनिक निगरानी निरंतर की जा रही है।

इस प्रकार की भ्रामक एवं संस्थान की छवि को नुकसान पहुँचाने वाली खबरें प्रसारित करने वाले व्यक्तियों की पहचान की जा रही है तथा उनके विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

विदित हो कि आगे से अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की अनधिकृत प्रवेश को अनुमति नहीं दिए जाने का निर्देश है। यह निर्देश मरीजों की गोपनीयता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिए गए हैं।

इस संदर्भ में मीडिया प्रतिनिधियों को सूचित किया जाता है कि किसी भी प्रकार के मीडिया कवरेज, रिपोर्टिंग या प्रवेश हेतु मीडिया प्रतिनिधि केवल अपर चिकित्सा अधीक्षक सह सिक्योरिटी प्रभारी के दफ्तर से संपर्क करें। प्रवेश हेतु संपादक (Editor) द्वारा जारी अधिकृत पत्र के आधार पर मीडिया पास जारी किए जाएंगे। निर्धारित प्रक्रिया के बिना तथा वैध पास के अभाव में मीडिया कर्मियों को अस्पताल परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं है।

RIMS प्रबंधन पुनः सभी से आग्रह करता है कि संस्थान से संबंधित सूचनाएँ केवल अधिकृत स्रोतों से ही प्राप्त करें और गलत समाचारों के प्रसार से बचें।

राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), राँची के MBBS 2000 बैच के सिल्वर जुबली के अवसर पर आज भव्य पुनर्मिलन समारोह का आय...
06/12/2025

राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), राँची के MBBS 2000 बैच के सिल्वर जुबली के अवसर पर आज भव्य पुनर्मिलन समारोह का आयोजन किया। देश के विभिन्न राज्यों से आए 45 बैचमेट्स ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

समारोह में रिम्स रांची, दिल्ली एम्स, दिल्ली सफ़रदरजंग हॉस्पिटल, एम्स रायपुर, मुंबई सोमाया मेडिकल कॉलेज, दुर्गापुर गौरी देवी मेडिकल कॉलेज, MGM जमशेदपुर, दुमका मेडिकल कॉलेज, TMH जमशेदपुर, लखनऊ अपोलो हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने 25 वर्षों की चिकित्सकीय यात्रा, छात्र जीवन की यादें, अनुभवों का आदान-प्रदान और एक-दूसरे की उपलब्धियों का सम्मान किया गया।

उपस्थित चिकित्सकों ने रिम्स में बिताए अपने अमूल्य समय को याद करते हुए भावुक क्षण साझा किए।

माननीय उच्च न्यायालय, झारखंड द्वारा रिम्स परिसर से अतिक्रमण हटाने से संबंधित आदेश पारित किए जाने के तुरंत बाद रिम्स प्रब...
04/12/2025

माननीय उच्च न्यायालय, झारखंड द्वारा रिम्स परिसर से अतिक्रमण हटाने से संबंधित आदेश पारित किए जाने के तुरंत बाद रिम्स प्रबंधन ने व्यापक कार्यवाही शुरू कर दी है। रिम्स प्रबंधन द्वारा लाउडस्पीकरों के माध्यम से DIG ग्राउंड, डॉक्टर कॉलोनी परिसर में घोषणाएँ की गई, जिनमें सभी अतिक्रमणकारियों को 72 घंटे के भीतर परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया है। रिम्स द्वारा अतिक्रमण स्थलों में तत्काल नोटिस चस्पा गया है।

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Bajra-Bariatu Road
Ranchi
834009

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