06/11/2025
दुर्वासाना एक उन्नत योग मुद्रा है जिसमें एक पैर सिर के पीछे रखा जाता है तथा दूसरे पैर पर संतुलन बनाए रखते हुए खड़े होते हैं, तथा हाथ हृदय पर रखे जाते हैं। इसे 'सिर के पीछे पैर रखकर' मुद्रा के नाम से भी जाना जाता है, इसे प्राप्त करने और बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण शक्ति, अत्यधिक लचीलेपन और ध्यान की आवश्यकता होती है। इस आसन का नाम ऋषि दुर्वासा के नाम पर रखा गया है और यह अक्सर अनुशासन और नियंत्रण का प्रतीक है,
प्रमुख विशेषताऐं
शारीरिक मांगें: दुर्वासन करने के लिए कूल्हे को खोलने, पैरों में लचीलेपन और समग्र शक्ति की उच्च स्तर की आवश्यकता होती है।
प्रतीकवाद: योग सूक्ष्म के इस लेख में कहा गया है कि यह आसन ऋषि दुर्वासा के अनुशासन और एकाग्रता से जुड़ा है, तथा कुछ व्याख्याएं इसे क्रोध पर नियंत्रण रखने से जोड़ती हैं।
संतुलन: यह एक पैर पर संतुलन बनाने वाली मुद्रा है जिसमें काफी एकाग्रता की आवश्यकता होती है।
कठिनाई: इसे एक उन्नत स्तर का आसन माना जाता है, और शुरुआती लोगों को अक्सर सलाह दी जाती है कि वे शुरुआत में किसी सहारे का उपयोग करें।