16/11/2025
आमतौर पर प्रेगनेंसी में CPR का सामना कम हीं करना पड़ता है और ये थोड़ा मुश्किल भी होता है लेकिन अगर कभी ऐसी परिस्थिति बने और परिणाम उसके बाबज़ूद भी सुखद आए तो ईश्वर का कोटि कोटि धन्यवाद करिए ।
ये हैप्पी एंडिंग वाली कहानी मेरे उक्त मरीज़ की है जिनको अस्पताल में लेते लेते कार्डियक अरेस्ट हो गया था । पहले से LSCS की हिस्ट्री और इस बार ruptured uterus /IUD/ Sepsis/shock/AKI/MODS यानी बच्चेदानी के फट जाने और बच्चे की गर्भ में मृत्यु के बाद भी समस्या को समझ नहीं पाने के कारण स्तिथि बिगड़ती गई और अत्यधिक bleeding होने के कारण हीमोग्लोबिन 2 gm/l तक आ गया था ।देर तक BP नहीं रहने से किडनी फैल्योर और धीरे धीरे मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन । इन सभी कारणों से जब रेफर होकर आए तो आते हीं कार्डियक अरेस्ट ।
ECG की सीधी रेखाओं को देखकर जब ऐसे लगभग मृत मरीज़ में CPR शुरू हो जाए तो अक्सर सफलता कम ही मिलती है।
क्या मनोस्थिति होगी ?
थोड़ा गुस्सा, कि ऐसी हालत क्यों हो गई? क्यों नहीं समय में इलाज शुरू हुआ?
थोड़ा डर, मरीज़ की संभावित मृत्यु पर क्या रिएक्शन होगा लोगों का?
थोड़ा चिकित्सक धर्म का प्रण कि प्राण रक्षा के लिए बिना कुछ सोचे समझे पूरे दमखम से लग जाना ।
परंतु इस बार किसी को लगा नहीं कि सफलता मिलेगी । मरीज़ का सिर हाथ में हीं झूल गया था । साँसें रुक चुकी थी । CPR के cycles चल रहे थे और जब successful resuscitation और intubation के बाद ABG किया तो pH 6.7. उम्मीद तो बिल्कुल नहीं थी परंतु कोशिश करना हमारा कर्तव्य भी है और धर्म भी ।
परंतु आज मन अत्यंत प्रसन्न है ।
फिर उसके बाद मरीज़ को वेंटीलेटर पर रखना और फिर massive blood transfusion, haemodynamic supports. फिर उसी हालत में ऑपरेशन । बहुत लंबी लड़ाई लड़ी हमने । हमारी टीम में से किसी को इस बार यकीन नहीं था कि हम मरीज़ को बचा सकेंगे । बस कर्तव्य निर्वहन पूरे मन से किए जा रहे थे । कई दिनों के बाद मरीज़ को होश तो आया परंतु किडनी फेल होने के कारण डायलिसिस पे शिफ्ट करना पड़ा । लेकिन 7 से 8 डायलिसिस होते होते आज फ़ॉलो अप में किडनी फंक्शन लगभग नार्मल हो चुका है । ख़ुशी इस बात की है मरीज़ को अब आगे डायलिसिस को आवश्यकता नहीं रही।
और इस ख़ुशी में हम सभी यानी OT incharge, ICU shift इंचार्ज, डॉ प्रज्ञा भारती और मैं, मरीज़ और उनके पिता के साथ एक फ्रेम में क़ैद हो गए ।
कमला इमरजेंसी टीम को अत्यंत बधाई और ईश्वर को कोटि कोटि धन्यवाद ।
राजेश कुमार झा एंड डॉ प्रज्ञा भारती
कमला इमरजेंसी एंड मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल,
मोहनपुर, समस्तीपुर ।