10/05/2025
अमरपुर विधानसभा: परिचय और राजनैतिक महत्व
अमरपुर विधानसभा क्षेत्र (संख्या 159) बिहार के बांका जिले में स्थित है। यह विधानसभा क्षेत्र दो सामुदायिक विकास ब्लॉकों — अमरपुर और शंभुगंज — को शामिल करता है।
यह विधानसभा क्षेत्र बांका लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, और इस तरह लोकसभा चुनावों में इसका भी एक महत्वपूर्ण योगदान है।
इसकी ज़मीन-जनसंख्या, मतदाताओं की संख्या और सामाजिक संरचना के कारण, अमरपुर बिहार की राजनीति में एक “झूला सीट” के रूप में देखा जाता है — जहाँ विभिन्न दलों के लिए जीत-हार दोनों ही संभव हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और दलों का सफर
अमरपुर विधानसभा क्षेत्र का निर्माण 1957 में हुआ था।
शुरुआती वर्षों में कांग्रेस का प्रभुत्व था, बाद में अन्य दलों जैसे जनता पार्टी, RJD, JDU आदि ने इस सीट पर समय-समय पर कब्जा जमाया।
उदाहरण के लिए, 1995 से 2005 तक राश्ट्रिय जनता दल (RJD) के सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने इस सीट को तीन बार जीता।
2010 के बाद जनता दल (यूनाइटेड) — JDU ने इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत की, और जनार्दन मांझी JDU के तहत विजयी रहे।
इस तरह, अमरपुर पर कांग्रेस, RJD, JDU, और कभी-कभी अन्य दलों की लड़ाई रहती रही है, जिससे यह क्षेत्र राजनीतिक दृष्टि से हमेशा सक्रिय और प्रतिस्पर्धात्मक रहा है।
आंकड़े, मतदाता संरचना और चुनावी व्यवहार
2020 के विधानसभा चुनाव में अमरपुर सीट पर लगभग 2,89,281 मतदाता थे।
उस वर्ष, JDU के जयंत राज (Jayant Raj) ने 54,308 वोट प्राप्त किये और विजयी बने। उन्होंने कांग्रेस के जितेन्द्र सिंह को लगभग 3,114 वोटों के अंतर से हराया।
वोट प्रतिशत के हिसाब से, 2020 में जयंत राज का वोट शेयर लगभग 33.13% था।
बारिश, मतदाता पुनरीक्षण, और ‘Service voters’ (सेवा में रहने वाले मतदाता) की संख्या जैसे कारक चुनावी परिणामों पर असर डालते हैं।
मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ी है — उदाहरण के लिए 2020 में लगभग 308 मतदान केंद्र थे।
यह मतदाता आंकड़े यह दर्शाते हैं कि अमरपुर में मतदाता सक्रिय हैं, लेकिन बढ़ती जनसंख्या, मतदान केंद्रों की उपलब्धता, और पुनरीक्षण की चुनौतियाँ सभी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं।