09/02/2026
* पित्त दोष क्या होता है?
* आयुर्वेद के अनुसार हमारा शरीर तीन दोषों से बना है-
* वात, पित्त कफ
* इनमें पित्त दोष शरीर की अग्नि शक्ति है, यानी यह शरीर के अंदर होने वाली सभी केमिकल और मेटाबॉलिक प्रक्रियाओं को कंट्रोल करता है।
* पित्त दोष बना होता है - अग्नि तत्व (Fire) और
* जल तत्व (Water)
इसका मतलब पित्त शरीर में गर्मी, पाचन, हार्मोन, बुद्धि और ऊर्जा को नियंत्रित करता है।
* चरक संहिता सूत्र स्थान 12
* अष्टांग हृदय सूत्र स्थान 1
* पित्त दोष शरीर में क्या काम करता है?
1. पाचन शक्ति-
पित्त भोजन को पचाने में सबसे बड़ा रोल निभाता है।
2. रक्त निर्माण-
पित्त रक्त को शुद्ध और संतुलित रखता है।
3. बुद्धि और निर्णय शक्ति-
सोचने, समझने और निर्णय लेने में मदद करता है।
4. आंखों की रोशनी-
दृष्टि को नियंत्रित करता है।
5. त्वचा की चमक-
त्वचा का रंग और चमक बनाए रखता है।
* किन लोगों में पित्त प्रकृति ज्यादा होती है?
ऐसे लोगों में ये गुण दिखते हैं-
* शरीर गर्म रहता है, भूख तेज लगती है
* पसीना ज्यादा आता है, त्वचा संवेदनशील होती है।
* स्वभाव तेज और लीडरशिप वाला होता है, गुस्सा जल्दी आता है।
पित्त दोष बढ़ने के कारण-
* खान-पान से, ज्यादा मसालेदार भोजन।
* खट्टा और नमकीन ज्यादा, जंक फूड।
* चाय-कॉफी ज्यादा।
* वातावरण से-
* ज्यादा धूप, गर्म मौसम
* गर्म जगह में रहना
🧠 मानसिक कारण-
* गुस्सा, ईर्ष्या, तनाव
* परफेक्शन की आदत।
Lifestyle कारण-
* देर रात तक जागना ।
* भोजन समय पर न करना।
* * भूखे रहना।
संदर्भ – चरक संहिता
पित्त दोष बढ़ने के लक्षण-
* शारीरिक लक्षण
* एसिडिटी, पेट में जलन
* * ज्यादा पसीना, त्वचा लाल होना
* बाल जल्दी सफेद होना, मुंह में कड़वाहट।
* ज्यादा प्यास, ढीले दस्त
मानसिक और Emotional लक्षण-
* जल्दी गुस्सा, चिड़चिड़ापन
* अधीरता, ज्यादा सोच
* कंट्रोल में रहने की इच्छा, आलोचना करना।
आयुर्वेद में इसे साधक पित्त से जोड़ा जाता है।
संदर्भ – अष्टांग हृदय
* पित्त दोष के 5 प्रकार-
1️⃣ पाचक पित्त
* पेट में रहता है।
* भोजन पचाता है।
2. रंजक पित्त
* लीवर और रक्त में रहता है।
* खून बनाता है।
3️⃣ साधक पित्त-
* हृदय और दिमाग में।
* भावनाओं और बुद्धि को नियंत्रित करता है।
4️⃣ अलोचक पित्त
* आंखों में
* दृष्टि नियंत्रित करता है।
5️⃣ भ्राजक पित्त
* त्वचा में
* त्वचा की चमक और रंग संभालता है।
संदर्भ – सुश्रुत संहिता
पित्त दोष में क्या खाना चाहिए?
* ठंडी और शांत करने वाली चीजें
Dairy
* दूध, घी, सब्जियां, लौकी
* खीरा, तोरई, करेला
* फल, अनार, सेब
* केला, तरबूज, अनाज
*.चावल, जौ
मसाले-
* धनिया, सौंफ, इलायची
❌ पित्त में क्या नहीं खाना चाहिए?
* मिर्च मसाला, खट्टा खाना
* ज्यादा नमक, तला हुआ खाना
* चाय-कॉफी ज्यादा, शराब
* फास्ट फूड
पित्त संतुलित रखने की Lifestyle
Morning Routine
* सुबह जल्दी उठना
* ठंडा या हल्का गुनगुना पानी पीना
* ध्यान करना
Day रूटीन -
*.धूप से बचना।
* समय पर खाना।
* * गुस्सा कंट्रोल करना।
Night Routine
* हल्का भोजन
* जल्दी सोना
* मोबाइल कम इस्तेमाल
पित्त कम करने वाले योग-
* शीतली प्राणायाम
* चंद्र भेदन
* शवासन
* * बालासन
आयुर्वेदिक घरेलू उपाय
* गुलकंद, एलोवेरा जूस
* धनिया पानी, नारियल पानी, घी
Emotional Balance में पित्त का रोल-
* पित्त बढ़ने पर इंसान जल्दी गुस्सा करता है।
* परफेक्शन चाहता है।
* ज्यादा स्ट्रेस लेता है।
इसलिए आयुर्वेद में कहा गया है मेडिटेशन करो।
* प्रकृति में समय बिताना चाहिए।
* शांत रहना चाहिए ।
पित्त संतुलित होने पर फायदे-
* मजबूत पाचन
* चमकदार त्वचा
* तेज दिमाग
* अच्छी ऊर्जा
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