Mittal Hospital & Research Centre

Mittal Hospital & Research Centre Mittal Hospital & Research Centre-300 bed multi-specialty private hospital in Ajmer, Rajasthan. Its a 1 stop destination for super-specialty tertiary care.

07/04/2026

बदलते मौसम व बिगड़ती जीवनशैली से बढ़ रहीं बीमारियां, सतर्कता ही बचाव: विशेषज्ञ

अजमेर, 7 अप्रैल()। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में आयोजित जागरूकता संगोष्ठी में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बदलते मौसम और आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न स्वास्थ्य चुनौतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान में मौसम का स्वरूप अत्यंत अनिश्चित हो गया है। गर्मी में बारिश और वर्षा ऋतु में सूखे जैसी स्थितियां शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर रही हैं। इसके चलते लोग बार-बार वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं, जिससे सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं लोगों में दीर्घकालिक होती देखी जा रही हैं।
वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राहुल गुप्ता और डॉ. विवेक माथुर ने कम उम्र में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों पर चिंता जताते हुए बताया कि तनाव, अनियमित दिनचर्या, असंतुलित आहार और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने नियमित व्यायाम, संतुलित खानपान और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को आवश्यक बताया। उनका कहना था कि हर रोग पहले संकेत देता है, जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। शरीर में किसी भी तरह के संकेत को तुरंत अपने चिकित्सक से साझा करें और उचित मार्गदर्शन प्राप्त करें। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक तकनीक से ह्रदय रोगियों का उपचार अजमेर में संभव है।
नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ चक्रपाणि मित्तल ने किडनी संबंधी बीमारियों के बढ़ते मामलों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गलत खानपान, दवाइयों का अनियंत्रित उपयोग और पानी की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने पर्याप्त जल सेवन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किडनी रोग लाइलाज नहीं रहा। किडनी रोगी का उपचार संभव है बशर्ते है कि रोगी को रोग शुरू होने के प्रारंभिक चरण में ही उपचार मिलना शुरू हो जाए। आमतौर पर बिना चिकत्सकीय परामर्श के दर्द निवारक गोलियों का सेवन करने, रोग के संकेतों को नजरअंदाज करने,अनियंत्रित डायबिटीज से पीड़ित,खानपान में परहेज नहीं रखने वालों को किडनी रोग होने की संभावना ज्यादा होती है।
ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रजत चौधरी ने बच्चे, बूढे और जवान चाहे वह स्त्री हो अथवा पुरुष सभी में कैंसर रोग के मामलों में वृद्धि पर चिंता जाहिर की। उन्होंने धूम्रपान,तंबाकू और जर्दा के बढ़ते सेवन को कैंसर के मामलों में वृद्धि का मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा कि धूम्रपान न केवल व्यक्ति बल्कि आसपास के लोगों के लिए भी हानिकारक है।
न्यूरो सर्जन डॉ ए आर गौरी ने बताया कि वर्तमान समय में लोग सर्वाइकल और साइटिका जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं, जो लंबे समय तक बैठकर काम करने, मोबाइल स्क्रीन टाइम बढ़ने और गलत शारीरिक मुद्रा का परिणाम हैं। उन्होंने बताया कि समस्या यहां आती है कि जब रोगी तुरंत ही ठीक तो होना चाहता है किन्तु इसके लिए पांच दिन बिस्तर पर लेटकर विश्राम करना नहीं चाहता। उसे चिकित्सक की यह सलाह गलत लगती है, जबकि इन रोगों से बचाव ही उपचार से ज्यादा कारगर हैं जो स्वयं को जांचनें, जीवनशैली में जहां जरूरत है बदलाव लाने और नियमित व्यायाम करने में है।
गेस्टोएंट्र्रोलॉजिस्ट डॉ एसपी जिंदल, यूरोलॉजिस्ट डॉ संतोष घाकड़, नियोनेटोलॉजिस्ट डॉ रोमेश गौतम, चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ सुनील गोयल, डॉ प्रशांत माथुर एवं डॉ प्रीति गर्ग, जनरल फिजीशियन डॉ संदीप बघे, डॉ शिखा गुप्ता, डॉ प्रशांत शर्मा, पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ मुकेश गोयल, डॉ प्रतीक कोठारी, गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ ऋषभ कोठारी, आॅप्थोलॉजिस्ट डॉ गोपाल दमानी, गायनेकोलॉजिस्ट डॉ स्मिता चपलोत डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ डिम्पल राजपुरोहित आदि विशेषज्ञों ने भी मौसम में परिवर्तन के कारण होने वाली समस्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुए खान—पान को नियंत्रित रखने, नियमित चिकित्सकीय परामर्श एवं शारीरिक जांच की सलाह दी।
संगोष्ठी के अंत में चिकित्सकों ने आमजन से अपील की कि वे स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, नियमित जांच कराएं और संतुलित जीवनशैली अपनाकर बीमारियों से बचाव करें। कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ जनसम्पर्क प्रबंधक संतोष कुमार गुप्ता ने किया।

07/04/2026

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31/03/2026
बार बार कंधा उतर जाने से पीड़ित की मित्तल हॉस्पिटल में हुई सफल सर्जरीआॅर्थोस्कोपिक सर्जन डॉ. अरुण राजपुरोहित ने की बैंका...
17/03/2026

बार बार कंधा उतर जाने से पीड़ित की मित्तल हॉस्पिटल में हुई सफल सर्जरी

आॅर्थोस्कोपिक सर्जन डॉ. अरुण राजपुरोहित ने की बैंकार्ट रिपेयर सर्जरी

अजमेर, 16 मार्च()। बार बार कंधा उतर जाने की समस्या से पीड़ित अजमेर के कुचील क्षेत्र स्थित ग्राम चीता खेड़ा निवासी एक युवक का मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, अजमेर में आॅर्थोस्कोपिक सर्जन डॉ अरुण राजपुरोहित ने न्यूनतम इनवेसिव आॅर्थोपेडिक प्रक्रिया से दूरबीन द्वारा ऑपरेशन किया । युवक को उपचार के तीसरे दिन हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई।
डॉ अरुण राजपुरोहित ने बताया कि युवक बार बार कंधे के डिस्लोकेशन की समस्या से लंबे समय से पीड़ित था। रोगी ने रूढ़िवादी उपचार किए किन्तु कोई महत्वपूर्ण सुधार नहीं हुआ। स्थाई उपचार के लिए हॉस्पिटल आने पर उसे बैंकार्ट सर्जरी के बारे में बताया गया। युवक को दूरबीन के जरिए की जाने वाली इस न्यूनतम इनवेसिव आॅर्थोपेडिक प्रक्रिया के बारे में सभी जानकारी दी गई एवं आवश्यक जांचें कराई गई। बताया गया कि इस सर्जरी में उसके कंधे पर किसी तरह का चीरा अथवा घाव नहीं होगा। दूरबीन के जरिए बिना रक्त बहाए यह सर्जरी की जा सकेगी। रोगी द्वारा सर्जरी के लिए सहमति देने पर उसका उपचार किया गया।

डॉ अरुण राजपुरोहित ने बताया कि बैंकार्ट रिपेयर सर्जरी अजमेर के मित्तल हॉस्पिटल में पहली बार की गई है। उन्होंने बताया कि इस तरह के उपचार के लिए लोग अब तक अजमेर से बाहर जाया करते हैं। अब मित्तल हॉस्पिटल में ही कंधे व घुटने की दूरबीन से सर्जरी सफलता से की जा रही है। राज्य एवं केंद्र सरकार की योजना में इस तरह की सर्जरी का लाभ लिया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि पीड़ित युवक को इस सर्जरी की सलाह देने का मुख्य उद्देश्य कंधे के जोड़ में स्थिरता बहाल करना था। जिससे मरीज पूरी तरह से गति कर सकें और अव्यवस्था के डर के बिना अपनी सामान्य गतिविधियों में वापस आ सकें। उन्होंने बताया कि आमतौर पर यह सर्जरी ओपन बैंकार्ट एवं आर्थोस्कोपिक दोनों ही रूप से की जाती है यह मरीज की चोट और उसकी स्थिति देखने के बाद सुनिश्चित किया जाता है। किन्तु दूरबीन के जरिए की जाने वाली सर्जरी से ऊतक क्षति कम होती है और मरीज को तेज़ी से रिकवरी होती है।
डॉ राजपुरोहित ने छुट्टी देने से पहले मरीज को सभी आवश्यक सलाह प्रदान की जिससे मरीज के हाथ का मूवमेंट भी बना रहे और उसे दैनिक जीवन में बाधा नहीं आए।रोगी ने मित्तल हॉस्पिटल में मिली सेवाओं को श्रेष्ठ बताया उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल के चिकित्सक एवं नर्सिंग कर्मचारियों का मरीज के प्रति बहुत संवेदनशील व्यवहार रहता है। हॉस्पिटल में उपचार के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।

12/03/2026

मित्तल हॉस्पिटल में नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. चक्रपाणि मित्तल की सेवाएं शुरू।baat aaj ki ajmer news ajmer,ajmer news,ajmer news...

गुर्दा रोग विशेषज्ञ (नेफ्रोलॉजिस्ट) डॉ. चक्रपाणि मित्तल की मित्तल हॉस्पिटल में नियमित परामर्श सेवाएं प्रारंभअजमेरए 10 मा...
11/03/2026

गुर्दा रोग विशेषज्ञ (नेफ्रोलॉजिस्ट) डॉ. चक्रपाणि मित्तल की मित्तल हॉस्पिटल में नियमित परामर्श सेवाएं प्रारंभ
अजमेरए 10 मार्च () गुर्दा रोग विशेषज्ञ (नेफ्रोलॉजिस्ट) डॉ. चक्रपाणि मित्तल ने मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, पुष्कर रोड अजमेर में अपनी नियमित परामर्श सेवाएं शुरू कर दी हैं।
एक सादा समारोह में हॉस्पिटल के निदेशक सुनील मित्तल ने बुके भेंट कर डॉ चक्रपाणि मित्तल का स्वागत किया एवं हॉस्पिटल में उनके सुखद प्रवास की कामना की।
इस अवसर पर हॉस्पिटल की वाइस प्रेसीडेंट (आॅपरेशन) डॉ विद्या दायमा ने डॉ चक्रपाणि मित्तल का हॉस्पिटल के अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों से परिचय कराया। उन्होंने बताया कि डॉ चक्रपाणि मित्तल मूल रूप से अजमेर के ही रहने वाले हैं। निदेशक डॉ दिलीप मित्तल के पुत्र डॉ चक्रपाणि ने जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय, अजमेर से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की है। स्नातकोत्तर शिक्षा महात्मा गांधी कॉलेज एवं चिकित्सालय, जयपुर से ही की और यहीं से ही नेफ्रोलॉजी (गुर्दा रोग विशेषज्ञ ) में डीएम की उपाधि हासिल की।
डॉ चक्रपाणि को करीब 1 हजार किडनी प्रत्यारोपण में काम करने का अनुभव हैं। डॉ चक्रपाणि को महात्मा गांधी हॉस्पिटल जयपुर में सेवाएं देते हुए एक गुर्दे वाले रोगियों की विशेष देखरेख, गुर्दा प्रत्यारोपण (किडनी ट्रांसप्लांट) एवं उसके बाद का फॉलोअप, डायलिसिस पर चल रहे रोगियों की नियमित मॉनिटरिंग, क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी), उच्च रक्तचाप एवं डायबिटीज से संबंधित गुर्दा समस्याएं, किडनी इंफेक्शन एवं पथरी संबंधी जटिलताएं, तीव्र गुर्दा विफलता (एक्यूट किडनी फेलियर) वाले रोगियों के उपचार तथा गुर्दा रोगियों की विशेषज्ञ देखरेख में डायलिसिस का विशेष अनुभव है।

हॉस्पिटल के निदेशक अनिल मित्तल, डॉ दिलीप मित्तल, मनोज मित्तल एवं सार्थक मित्तल ने डॉ चक्रपाणि मित्तल को शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर हॉस्पिटल के सीईओ एस के जैन, वाइस प्रेसीडेंट श्याम सोमानी, डिप्टी जनरल मैनेजर विजय रांका सहित अन्य चिकित्सक व अधिकारीगण उपस्थित थे।
डॉ चक्रपाणि मित्तल सोमवार से शनिवार तक सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक एवं शाम 5 से 7 बजे तक मित्तल हॉस्पिटल में कंसलटेंट गुर्दा रोग विशेषज्ञ (नेफ्रोलॉजिस्ट) के तौर पर उपलब्ध रहेंगे।

फोटो:— गुर्दा रोग विशेषज्ञ (नेफ्रोलॉजिस्ट) डॉ चक्रपाणि मित्तल को बुके भेंट कर मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, अजमेर में स्वागत करते निदेशक सुनील मित्तल।

13/12/2025

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