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28/04/2023

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सालमपंजा' एक बहुत ही गुणकारी, बलवीर्यवर्द्धक, पौष्टिक और यौन शक्ति को बढ़ाकर नपुंसकता नष्ट करने वाली वनौषधि है। यह बल बढ़ा...
12/01/2022

सालमपंजा' एक बहुत ही गुणकारी, बलवीर्यवर्द्धक, पौष्टिक और यौन शक्ति को बढ़ाकर नपुंसकता नष्ट करने वाली वनौषधि है। यह बल बढ़ाने वाला, शीतवीर्य, भारी, स्निग्ध, तृप्तिदायक और मांस की वृद्धि करने वाला होता है। यह वात-पित्त का शमन करने वाला, रस में मधुर और अत्यधिक बलवीर्यवर्द्धक होता है।

विभिन्न भाषाओं में नाम : संस्कृत- मुंजातक। हिन्दी- सालमपंजा। मराठी- सालम। गुजराती- सालम। तेलुगू- गोरू चेट्टु। इंग्लिश- सालेप। लैटिन- आर्किस लेटिफोलिया।

परिचय : सालम हिमालय और तिब्बत में 8 से 12 हजार फीट की ऊंचाई पर पैदा होता है। भारत में इसकी आवक ज्यादातर ईरान और अफगानिस्तान से होती है। सालमपंजा का उपयोग शारीरिक, बलवीर्य की वृद्धि के लिए, वाजीकारक नुस्खों में दीर्घकाल से होता आ रहा है।

समुद्र यात्रा : समुद्र में प्रायः यात्रा करते रहने वाले पश्चिमी देशों के लोग प्रतिदिन 2 चम्मच चूर्ण एक गिलास पानी में उबालकर शकर मिलाकर पीते हैं। इससे शरीर में स्फूर्ति और शक्ति बनी रहती है तथा क्षुधा की पूर्ति होती है।

यौन दौर्बल्य : सालमपंजा 100 ग्राम, बादाम की मिंगी 200 ग्राम, दोनों को खूब बारीक पीसकर मिला लें। इसका 10 ग्राम चूर्ण प्रतिदिन कुनकुने मीठे दूध के साथ प्रातः खाली पेट और रात को सोने से पहले सेवन करने से शरीर की कमजोरी और दुबलापन दूर होता है, यौनशक्ति में खूब वृद्धि होती है और धातु पुष्ट एवं गाढ़ी होती है। यह प्रयोग महिलाओं के लिए भी पुरुषों के समान ही लाभदायक, पौष्टिक और शक्तिप्रद है। अतः महिलाओं के लिए भी सेवन योग्य है।

शुक्रमेह : सालम पंजा, सफेद मूसली एवं काली मूसली तीनों 100-100 ग्राम लेकर कूट-पीसकर खूब बारीक चूर्ण करके मिला लें और शीशी में भर लें। प्रतिदिन आधा-आधा चम्मच सुबह और रात को सोने से पहले कुनकुने मीठे दूध के साथ सेवन करने से शुक्रमेह, स्वप्नदोष, शीघ्रपतन, कामोत्तजना की कमी आदि दूर होकर यौनशक्ति की वृद्धि होती है।

जीर्ण अतिसार : सालमपंजा का खूब महीन चूर्ण 1-1 चम्मच सुबह, दोपहर और शाम को छाछ के साथ सेवन करने से पुराना अतिसार रोग ठीक होता है। एक माह तक भोजन में सिर्फ दही-चावल का ही सेवन करना चाहिए। इस प्रयोग को लाभ होने तक जारी रखने से आमवात, पुरानी पेचिश और संग्रहणी रोग में भी लाभ होता है।

प्रदर रोग : सलमपंजा, शतावरी, सफेद मूसली और असगन्ध सबका 50-50 ग्राम चूर्ण लेकर मिला लें। इस चूर्ण को एक-एक चम्मच सुबह व रात को कुनकुने मीठे दूध के साथ सेवन करने से पुराना श्वेतप्रदर और इसके कारण होने वाला कमर दर्द दूर होकर शरीर पुष्ट और निरोगी होता है।

Benefits of Ashwagandha: अश्वगंधा प्राचीन काल से आयुर्वेद में उपचार होने वाली एक कारगर औषधि है. हजारों सालों से इसका इस्...
12/01/2022

Benefits of Ashwagandha: अश्वगंधा प्राचीन काल से आयुर्वेद में उपचार होने वाली एक कारगर औषधि है. हजारों सालों से इसका इस्तेमाल कई गंभीर बीमारियों के लिए किया जाता रहा है. आयुर्वेद विशेषज्ञों का मानना है कि अश्वगंधा का इस्तेमाल कई शारीरिक समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है. इसमें सेहत के लिए कई छोटे-बड़े गुण छिपे हुए हैं. यदि किसी व्यक्ति को सेक्स पावर की कमजोरी हो गई है तो उनके लिए अश्वगंधा रामबाण है. अश्वगंधा सेक्स पावर बढ़ाने में भी मदद करता है और इसके सेवन से वीर्य गाढ़ा होता है.

काली मूसली के सेहत लाभKali Musli benefits in Hindi: सफेद मूसली (White Musli) एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है, जो कई बीमारियों...
11/01/2022

काली मूसली के सेहत लाभ
Kali Musli benefits in Hindi: सफेद मूसली (White Musli) एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है, जो कई बीमारियों को दूर करने में इस्तेमाल की जाती है। पुरुषों के लिए सफेद मूसली रामबाण औषधी है, क्योंकि यह कई तरह की सेक्सुअल समस्याओं का भी इलाज करती है। सफेद मूसली (Curculigo orchioides) वजन बढ़ाती है, शारीरिक थकान, कमजोरी को दूर करती है। प्रेग्नेंसी, मोटापा, डायबिटीज आदि में भी काफी फायदेमंद (white musli benefits in hindi) है। ये तो रही सफेद मूसली के फायदों के बारे में, लेकिन क्या आप जानते हैं की काली मूसली (Kali Musli) भी होती है और इसके भी अपने कई फायदे हैं? काली मूसली (Black musale) शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करती है। पुरुषों की यौन शक्ति बढ़ाती है। साथ ही पेशाब से संबंधित समस्याओं का भी इलाज करती है। काली मूसली का इस्तेमाल पाउडर, पेस्ट और स्मोक की तरह किया जा सकता है। यूनानी मेडिसिन के अनुसार, काली मूसली का जड़ टॉनिक, एंटीपाइरेटिक, कार्मिनेटिव (carminative) आदि होता है। इसका इस्तेमाल (kali musli ke fayde) अपच, डायरिया, गोनोरिया, जोड़ों का दर्द, हाइड्रोफोबिया, ब्रोनकाइटिस, ऑफ्थैल्मिया आदि रोगों के इलाज में किया जाता है। जानिए, काली मूसली के फायदे क्या-क्या
पुरुषों की शारीरिक कमजोरी करे दूर काली मूसली
तनाव और बेतरतीब जीवनशैली के कारण कई शारीरिक समस्याएं बढ़ रही हैं। इसका असर सेक्स लाइफ पर भी होता है। शारीरिक कमजोरी होने लगती है। इन सभी समस्याओं से छुटकारा दिलाती है काली मूसली। यह पुरुषों में शारीरिक कमजोरी को दूर करती है। काली मूसली के पाउडर का सेवन आप दूध में मिलाकर कर सकते हैं। किडनी इंफेक्शन को कम करे काली मूसली
किडनी से संबंधित समस्याओं को भी दूर करती है काली मूसली। यदि आपके पेट के दोनों तरफ या कमर में दर्द रहता है, तो आप काली मूसली का सेवन कर सकते हैं। काली मूसली (Black musli ke fayde in hindi) का पाउडर आप तुलसी की पत्तियों के रस के साथ मिलाकर खाएं रेनल कॉलिक (Renal colic) में लाभ होगा। किडनी में होने वाले इंफेक्शन के खतरे को भी कम करती है काली मूसली।

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पेट में दर्द, गैस, अपच करे दूर काली मूसली पेट में दर्द, गैस, अपच करे दूर काली मूसली
अधिक तेल-मसाले वाली चीजों के सेवन से पेट खराब हो जाता है। पेट में दर्द, गैस, खट्टी डकार, अपच से आज अधिकतर लोग परेशान रहते हैं। काली मूसली (Black musli) इन सभी समस्याओं का जड़ से इलाज करती है। काली मूसली पाउडर में दालचीनी पाउडर मिलाकर खाएं, आराम मिलेगा।

पेशाब संबंधित समस्याओं को दूर करे ब्लैक मूसली
पेशाब संबंधित समस्याओं को दूर करे ब्लैक मूसली
पेशाब करते समय जलन, पेशाब कम आना, यूरिन करते समय दर्द होने जैसी समस्याओं से परेशान हैं, तो काली मूसली का सेवन करें। पेशाब संबंधित रोगों में यह रामबाण इलाज है।

काली मूसली मुंहासों, झुर्रियों से दिलाए छुटकारा
काली मूसली मुंहासों, झुर्रियों से दिलाए छुटकारा
मुंहासों, एक्ने, जिद्दी झाइयों से हैं परेशान, तो इसका भी इलाज करती है काली मूसली। यह उम्र बढ़ने के लक्षणों को कम करती है। इसकी जड़ को दूध में पीसकर चेहरे पर पेस्ट लगाएं। इसमें आप शहद भी मिला सकते हैं। चेहरे पर कुछ ही दिनों में निखार आ जाएगा। हालांकि, काली मूसली का सेवन कब, कैसे और कितनी मात्रा में किन बीमारियों में करना चाहिए, इसके बारे में आप किसी अच्छे आयुर्वेदाचार्य से सलाह लेकर ही करें, तो जल्दी फायदा होगा।

सफेद मूसली के फायदेसफ़ेद मूसली में कई गुण हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं। ऐसे ही ज़रूरी सफ़ेद मूसली के ...
09/01/2022

सफेद मूसली के फायदे

सफ़ेद मूसली में कई गुण हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं। ऐसे ही ज़रूरी सफ़ेद मूसली के लाभ के बारे में हम नीचे लिख रहे हैं।

1. शरीर में ऊर्जा व रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाता है
अगर आपको हमेशा सर्दी-ज़ुकाम हो या आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, तो सफ़ेद मूसली का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके सेवन से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और कई बीमारियों से छुटकारा मिलता है। यह संक्रमण से आपका बचाव करेगी। (2)

2. वज़न बढ़ाने में मददगार
मूसली से शारीरिक शक्ति तो बढ़ती ही है, साथ ही इससे वज़न भी बढ़ता है। अगर कोई अपना वज़न बढ़ाना चाहता है, तो वो मूसली का सेवन कर सकता है। मूसली में मौजूद पोषक तत्व कुपोषण से पीड़ित शरीर को पोषण प्रदान कर वज़न बढ़ने में मददगार साबित होते हैं। (3)

3. जोड़ों के दर्द और अर्थराइटिस में फायदेमंद
बढ़ती उम्र के साथ लोगों में हड्डियों और जोड़ों की शिकायत भी बढ़ने लगती है। ऐसे में सफ़ेद मूसली के सेवन से अर्थराइटिस, जोड़ों और हड्डियों के दर्द में कुछ हद तक आराम मिल सकता है। (4) इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट व विटामिन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो आपके शरीर और हड्डियों के लिए ज़रूरी होते हैं।

4. गर्भावस्था में मूसली

गर्भावस्था में भी सफ़ेद मूसली अच्छी औषधि है। प्रेग्नेंसी में सफ़ेद मूसली का सेवन करने से महिला और होने वाला शिशु स्वस्थ रहता है। सिर्फ़ गर्भावस्था के दौरान ही नहीं, बल्कि डिलीवरी के बाद भी मां मूसली का सेवन करें तो दूध की मात्रा और गुणवत्ता में सुधार होता है। (5) हालांकि, गर्भावस्था में सफ़ेद मूसली का प्रयोग करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से इस बारे में सलाह ज़रूर कर ले लें।

5. मधुमेह में मूसली
यह मधुमेह से पीड़ित मरीजों के लिए भी अच्छी औषधि है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीहाइपरग्लिसिमिक (antihyperglycemic) और एंटीडाइबिटिक गुण होते हैं और ये सभी गुण मधुमेह के मरीज़ के उपचार में काम आते हैं। यहां तक कि यह एलोपैथिक दवा गिलबेक्‍लामाइड (Glibenclamide) से भी ज्यादा फ़ायदेमंद है।(6) हालांकि, यह भी माना जाता है कि यह पतले या कम वज़न वाले मधुमेह के मरीज़ों के लिए ज्‍यादा फ़ायदेमंद है, वहीं मधुमेह के जो मरीज़ मोटे होते हैं, उस पर इसका असर कम हो सकता है।

6. तनाव को कम करता है
मूसली का सेवन करने से तनाव भी कम होता है। हालांकि, इसका अभी तक कोई प्रमाण नहीं है, लेकिन माना जाता है कि इसमें मौजूद पोषक तत्व काफ़ी हद तक तनाव को दूर कर मानसिक तौर पर स्वस्थ रखते हैं।

7. नपुंसकता में सहायक
सफ़ेद मूसली से वीर्य की गुणवत्ता बढ़ती है और नपुंसकता जैसी बीमारी से भी काफ़ी हद तक छुटकारा मिलता है। कई बार मधुमेह या अन्य किसी बीमारी के वजह से इरेक्टाइल डिसफंक्शन (इसमें संभोग के दौरान लिंग उत्तेजित नहीं होता) की आशंका होती है, ऐसे में मूसली के सेवन से इसे ठीक किया जा सकता है। इसका प्रभाव स्पर्म काउंट यानी शुक्राणुओं पर भी होता है, जिससे यौन शक्ति बढ़ती है। शीघ्रपतन में भी इसका उपयोग किया जाता है। (7) (8)

8. वज़न कम करने में मदद करता है

सफ़ेद मूसली न सिर्फ वज़न बढ़ाने में, बल्कि वज़न कम करने में भी मददगार साबित हो सकता है। अगर आपको वज़न घटाना है, तो आप गर्म पानी में आधा चम्मच मूसली पाउडर मिलाकर पिएं। इससे आपका वज़न काफ़ी हद तक कम हो सकता है। वहीं, अगर आपको वज़न बढ़ाना है, तो आप दूध के साथ इसका सेवन कर सकते हैं।

सफेद मूसली के पौष्टिक तत्व –
सफ़ेद मूसली के फायदों को जानने के बाद आपके लिए यह जानना भी ज़रूरी है कि सफ़ेद मूसली में क्या-क्या ज़रूरी पौष्टिक तत्व हैं, जिस कारण यह आपके शरीर के लिए फायदेमंद है।

इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, सैपोनिन, कैल्शियम, पोटैशियम व मैग्नीशियम जैसे पौष्टिक तत्व मौजूद हैं। (4)

सफेद मूसली के नुकसान –
हर चीज़ के फ़ायदे और नुकसान दोनों होते हैं। इसलिए, सफ़ेद मूसली के भी फ़ायदे के साथ कुछ नुकसान भी हैं। नीचे हम ऐसे ही कुछ नुकसानों के बारे में आपको बता रहे हैं।

पचने में वक़्त लगता है, इसलिए पाचन तंत्र पर प्रभाव पड़ सकता है।
कब्ज़ की परेशानी हो सकती है।
भूख कम हो सकती है।
इसकी तासीर ठंडी होती है, इसलिए यह कफ की परेशानी को बढ़ा सकता है।
त्वचा संबंधी एलर्जी हो सकती है।
सफेद मूसली खाने के फायदे

इसका सेवन करने से हमें फायदा हो, इसके लिए यह जानना ज़रूरी है कि इसकी कितनी ख़ुराक ली जाए। इसकी खुराक व्यक्ति की उम्र और शरीर पर निर्भर करता है। नीचे हम सफेद मूसली खाने की विधि के बारे में आपको बता रहे हैं। इससे आप आसानी से समझ सकेंगें कि सफ़ेद मूसली का उपयोग कैसे कर सकते हैं ? जानिए क्या है सफ़ेद मूसली खाने का तरीका।

बच्चों को एक ग्राम तक मूसली दे सकते हैं, लेकिन पहले बार सेवन करने के बाद बच्चे को पेट संबंधी या कोई और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो, तो इसे न दें।
13 से 19 वर्ष के किशोर दो ग्राम तक सफ़ेद मूसली का सेवन कर सकते हैं।
60 वर्ष तक के लोग 6 ग्राम तक मूसली का सेवन कर सकते हैं।
वैसे तो गर्भवती महिलाएं या स्तनपान कराने वाली मां दो ग्राम तक मूसली खा सकती है, लेकिन इस बारे में एक बार अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
आप सफ़ेद मूसली का सेवन चूर्ण, कैप्सूल और सिरप के रूप में कर सकते हैं। इसका सेवन करने के बाद अगर आपको स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी महसूस हो, तो इसका सेवन बंद कर दें और डॉक्टर से एक बार ज़रूर पूछे लें।

हालांकि, लोगों के मन में इसे लेकर कई सवाल उठते हैं, जिनके जवाब हम नीचे आपके साथ साझा कर रहे हैं।

क्या हम सफेद मूसली को बॉडी बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं?
आप सफ़ेद मूसली को बॉडी बनाने के लिए खा सकते हैं। यह आपके मांसपेशियों के लिए फायदेमंद है, लेकिन एक बार अपने डॉक्टर या जिम ट्रेनर से इसके सेवन को लेकर बात जरूर कर लें।

सफेद मूसली का पाउडर और कैप्सूल में क्या बेहतर है?
पाउडर और कैप्सूल दोनों ही सही हैं, लेकिन आप डॉक्टर से पूछकर यह पता कर सकते हैं कि आपके शरीर के हिसाब से क्या ज़्यादा फायदा करेगा।

क्या सफेद मूसली और अश्वगंधा को साथ में ले सकते हैं?
आप इस बारे में अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं, क्योंकि जैसा कि हमने आपको बताया कि यह व्यक्ति के शरीर पर निर्भर करता है कि उसके लिए क्या योग्य है।

सफेद मूसली खाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
इसके कई तरीक़े हैं, आप चाहे तो इसका कैप्सूल खा सकते हैं या फिर दूध व शहद के साथ मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं। यह आप पर निर्भर करता है कि आप इसे कैसे खाना पसंद करेंगे।

मूसली बेहद गुणकारी औषधि है। इसका सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करने से यह शरीर के लिए वरदान साबित हो सकती है।

ये एक्सरसाइज ही लगा देंगी आपकी सेक्स लाइफ में पंखकीगल एक्सरसाइज (Kegel Exercise):सबसे पहले एक मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।...
24/11/2021

ये एक्सरसाइज ही लगा देंगी आपकी सेक्स लाइफ में पंख

कीगल एक्सरसाइज (Kegel Exercise):
सबसे पहले एक मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।
इसके बाद घुटने मोड़ें और दोनों पैरों के बीच गैप बढ़ाएं।
कमर के निचले हिस्से को ऊपर की ओर उठाने की कोशिश करें।
पेल्विक फ्लोर की मसल्स को स्ट्रेच करें और कुछ सेकंड्स बाद स्ट्रेच छोड़ दें।
इस व्यायाम को दिन में दो या तीन बार कर सकते हैं।

सेक्स पावर बढ़ाएंगे ये फूडआहार में कुछ बदलाव कर सेक्स पावर बढ़ा सकते हैं- केले- तरबूज- कॉफी- बादाम और पिस्ता- केसर- डार्...
24/11/2021

सेक्स पावर बढ़ाएंगे ये फूड
आहार में कुछ बदलाव कर सेक्स पावर बढ़ा सकते हैं

- केले
- तरबूज
- कॉफी
- बादाम और पिस्ता
- केसर
- डार्क चॉकलेट
- हरी सब्जियां
- स्ट्रॉबेरी

24/11/2021
पहले 5 दिन के सेवन मे ही आपको इसका फर्क नज़र आ जायेगाअधिक जानकारी के लिए हकीम जी से बात करेंCall - 7037338869
19/11/2021

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