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मोहला क्लीनिक नहीं बल्कि खुल रहें हैं शराब के ठेके पंजाब में, ना जाने आगे आगे और क्या क्या देखने को मिलेगा।
07/09/2022

मोहला क्लीनिक नहीं बल्कि खुल रहें हैं शराब के ठेके पंजाब में, ना जाने आगे आगे और क्या क्या देखने को मिलेगा।

11/11/2021

भारत में बनी हुई वैक्सीन कोवैक्सीन ज़रूर लगवाएं, यह हमारे देश का मान है जो कुछ देशों को रास नहीं आ रहा।

इन सबका आटा  बना कर बराबरी का गेहूँ आटा मिला कर हर रोज खा सकतें हैं, किसी विटामिन की जरुरत नहीं पड़ेगी |
15/07/2021

इन सबका आटा बना कर बराबरी का गेहूँ आटा मिला कर हर रोज खा सकतें हैं, किसी विटामिन की जरुरत नहीं पड़ेगी |

07/10/2020

शुगर की दवाई बन रही है बाजार से बढीया और सस्ती, अगर कोई सजन चाहवान हो तो मेरे साथ सपर्क कर सकता है, mo 9815180990.

08/08/2020

1.योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।
2. *लकवा* - सोडियम की कमी के कारण होता है ।
3. *हाई वी पी में* - स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करे ।
4. *लो बी पी* - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें ।
5. *कूबड़ निकलना*- फास्फोरस की कमी ।
6. *कफ* - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है , फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है । गुड व शहद खाएं
7. *दमा, अस्थमा* - सल्फर की कमी ।
8. *सिजेरियन आपरेशन* - आयरन , कैल्शियम की कमी ।
9. *सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें* ।
10. *अम्लीय वस्तुएं व फल दिन डूबने से पहले खायें* ।
11. *जम्भाई*- शरीर में आक्सीजन की कमी ।
12. *जुकाम* - जो प्रातः काल जूस पीते हैं वो उस में काला नमक व अदरक डालकर पियें ।
13. *ताम्बे का पानी* - प्रातः खड़े होकर नंगे पाँव पानी ना पियें ।
14. *किडनी* - भूलकर भी खड़े होकर गिलास का पानी ना पिये ।
15. *गिलास* एक रेखीय होता है तथा इसका सर्फेसटेन्स अधिक होता है । गिलास अंग्रेजो ( पुर्तगाल) की सभ्यता से आयी है अतः लोटे का पानी पियें, लोटे का कम सर्फेसटेन्स होता है ।
16. *अस्थमा , मधुमेह , कैंसर* से गहरे रंग की वनस्पतियाँ बचाती हैं ।
17. *वास्तु* के अनुसार जिस घर में जितना खुला स्थान होगा उस घर के लोगों का दिमाग व हृदय भी उतना ही खुला होगा ।
18. *परम्परायें* वहीँ विकसित होगीं जहाँ जलवायु के अनुसार व्यवस्थायें विकसित होगीं ।
19. *पथरी* - अर्जुन की छाल से पथरी की समस्यायें ना के बराबर है ।
20. *RO* का पानी कभी ना पियें यह गुणवत्ता को स्थिर नहीं रखता । कुएँ का पानी पियें । बारिस का पानी सबसे अच्छा , पानी की सफाई के लिए *सहिजन* की फली सबसे बेहतर है ।
21. *सोकर उठते समय* हमेशा दायीं करवट से उठें या जिधर का *स्वर* चल रहा हो उधर करवट लेकर उठें ।
22. *पेट के बल सोने से* हर्निया, प्रोस्टेट, एपेंडिक्स की समस्या आती है ।
23. *भोजन* के लिए पूर्व दिशा , *पढाई* के लिए उत्तर दिशा बेहतर है ।
24. *HDL* बढ़ने से मोटापा कम होगा LDL व VLDL कम होगा ।
25. *गैस की समस्या* होने पर भोजन में अजवाइन मिलाना शुरू कर दें ।
26. *चीनी* के अन्दर सल्फर होता जो कि पटाखों में प्रयोग होता है , यह शरीर में जाने के बाद बाहर नहीं निकलता है। चीनी खाने से *पित्त* बढ़ता है ।
27. *शुक्रोज* हजम नहीं होता है *फ्रेक्टोज* हजम होता है और भगवान् की हर मीठी चीज में फ्रेक्टोज है ।
28. *वात* के असर में नींद कम आती है ।
29. *कफ* के प्रभाव में व्यक्ति प्रेम अधिक करता है ।
30. *कफ* के असर में पढाई कम होती है ।
31. *पित्त* के असर में पढाई अधिक होती है ।
33. *आँखों के रोग* - कैट्रेक्टस, मोतियाविन्द, ग्लूकोमा , आँखों का लाल होना आदि ज्यादातर रोग कफ के कारण होता है ।
34. *शाम को वात*-नाशक चीजें खानी चाहिए ।
35. *प्रातः 4 बजे जाग जाना चाहिए* ।
36. *सोते समय* रक्त दवाव सामान्य या सामान्य से कम होता है ।
37. *व्यायाम* - *वात रोगियों* के लिए मालिश के बाद व्यायाम , *पित्त वालों* को व्यायाम के बाद मालिश करनी चाहिए । *कफ के लोगों* को स्नान के बाद मालिश करनी चाहिए ।
38. *भारत की जलवायु* वात प्रकृति की है , दौड़ की बजाय सूर्य नमस्कार करना चाहिए ।
39. *जो माताएं* घरेलू कार्य करती हैं उनके लिए व्यायाम जरुरी नहीं ।
40. *निद्रा* से *पित्त* शांत होता है , मालिश से *वायु* शांति होती है , उल्टी से *कफ* शांत होता है तथा *उपवास* ( लंघन ) से बुखार शांत होता है ।
41. *भारी वस्तुयें* शरीर का रक्तदाब बढाती है , क्योंकि उनका गुरुत्व अधिक होता है ।
42. *दुनियां के महान* वैज्ञानिक का स्कूली शिक्षा का सफ़र अच्छा नहीं रहा, चाहे वह 8 वीं फेल न्यूटन हों या 9 वीं फेल आइस्टीन हों ,
43. *माँस खाने वालों* के शरीर से अम्ल-स्राव करने वाली ग्रंथियाँ प्रभावित होती हैं ।
44. *तेल हमेशा* गाढ़ा खाना चाहिएं सिर्फ लकडी वाली घाणी का , दूध हमेशा पतला पीना चाहिए ।
45. *छिलके वाली दाल-सब्जियों से कोलेस्ट्रोल हमेशा घटता है ।*
46. *कोलेस्ट्रोल की बढ़ी* हुई स्थिति में इन्सुलिन खून में नहीं जा पाता है । ब्लड शुगर का सम्बन्ध ग्लूकोस के साथ नहीं अपितु कोलेस्ट्रोल के साथ है ।
47. *मिर्गी दौरे* में अमोनिया या चूने की गंध सूँघानी चाहिए ।
48. *सिरदर्द* में एक चुटकी नौसादर व अदरक का रस रोगी को सुंघायें ।
49. *भोजन के पहले* मीठा खाने से बाद में खट्टा खाने से शुगर नहीं होता है ।
50. *भोजन* के आधे घंटे पहले सलाद खाएं उसके बाद भोजन करें ।
51. *अवसाद* में आयरन , कैल्शियम , फास्फोरस की कमी हो जाती है । फास्फोरस गुड और अमरुद में अधिक है
52. *पीले केले* में आयरन कम और कैल्शियम अधिक होता है । हरे केले में कैल्शियम थोडा कम लेकिन फास्फोरस ज्यादा होता है तथा लाल केले में कैल्शियम कम आयरन ज्यादा होता है । हर हरी चीज में भरपूर फास्फोरस होती है, वही हरी चीज पकने के बाद पीली हो जाती है जिसमे कैल्शियम अधिक होता है ।
53. *छोटे केले* में बड़े केले से ज्यादा कैल्शियम होता है ।
54. *रसौली* की गलाने वाली सारी दवाएँ चूने से बनती हैं ।
55. हेपेटाइट्स A से E तक के लिए चूना बेहतर है ।
56. *एंटी टिटनेस* के लिए हाईपेरियम 200 की दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दे ।
57. *ऐसी चोट* जिसमे खून जम गया हो उसके लिए नैट्रमसल्फ दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दें । बच्चो को एक बूंद पानी में डालकर दें ।
58. *मोटे लोगों में कैल्शियम* की कमी होती है अतः त्रिफला दें । त्रिकूट ( सोंठ+कालीमिर्च+ मघा पीपली ) भी दे सकते हैं ।
59. *अस्थमा में नारियल दें ।* नारियल फल होते हुए भी क्षारीय है ।दालचीनी + गुड + नारियल दें ।
60. *चूना* बालों को मजबूत करता है तथा आँखों की रोशनी बढाता है ।
61. *दूध* का सर्फेसटेंसेज कम होने से त्वचा का कचरा बाहर निकाल देता है ।
62. *गाय की घी सबसे अधिक पित्तनाशक फिर कफ व वायुनाशक है ।*
63. *जिस भोजन* में सूर्य का प्रकाश व हवा का स्पर्श ना हो उसे नहीं खाना चाहिए
64. *गौ-मूत्र अर्क आँखों में ना डालें ।*
65. *गाय के दूध* में घी मिलाकर देने से कफ की संभावना कम होती है लेकिन चीनी मिलाकर देने से कफ बढ़ता है ।
66. *मासिक के दौरान* वायु बढ़ जाता है , 3-4 दिन स्त्रियों को उल्टा सोना चाहिए इससे गर्भाशय फैलने का खतरा नहीं रहता है । दर्द की स्थति में गर्म पानी में देशी घी दो चम्मच डालकर पियें ।
67. *रात* में आलू खाने से वजन बढ़ता है ।
68. *भोजन के* बाद बज्रासन में बैठने से *वात* नियंत्रित होता है ।
69. *भोजन* के बाद कंघी करें कंघी करते समय आपके बालों में कंघी के दांत चुभने चाहिए । बाल जल्द सफ़ेद नहीं होगा ।
70. *अजवाईन* अपान वायु को बढ़ा देता है जिससे पेट की समस्यायें कम होती है
71. *अगर पेट* में मल बंध गया है तो अदरक का रस या सोंठ का प्रयोग करें
72. *कब्ज* होने की अवस्था में सुबह पानी पीकर कुछ देर एडियों के बल चलना चाहिए ।
73. *रास्ता चलने*, श्रम कार्य के बाद थकने पर या धातु गर्म होने पर दायीं करवट लेटना चाहिए ।
74. *जो दिन मे दायीं करवट लेता है तथा रात्रि में बायीं करवट लेता है उसे थकान व शारीरिक पीड़ा कम होती है ।*
75. *बिना कैल्शियम* की उपस्थिति के कोई भी विटामिन व पोषक तत्व पूर्ण कार्य नहीं करते है ।
76. *स्वस्थ्य व्यक्ति* सिर्फ 5 मिनट शौच में लगाता है ।
77. *भोजन* करते समय डकार आपके भोजन को पूर्ण और हाजमे को संतुष्टि का संकेत है ।
78. *सुबह के नाश्ते* में फल , *दोपहर को दही* व *रात्रि को दूध* का सेवन करना चाहिए ।
79. *रात्रि* को कभी भी अधिक प्रोटीन वाली वस्तुयें नहीं खानी चाहिए । जैसे - दाल , पनीर , राजमा , लोबिया आदि ।
80. *शौच और भोजन* के समय मुंह बंद रखें , भोजन के समय टी वी ना देखें ।
81. *मासिक चक्र* के दौरान स्त्री को ठंडे पानी से स्नान , व आग से दूर रहना चाहिए ।
82. *जो बीमारी जितनी देर से आती है , वह उतनी देर से जाती भी है ।*
83. *जो बीमारी अंदर से आती है , उसका समाधान भी अंदर से ही होना चाहिए ।*
84. *एलोपैथी* ने एक ही चीज दी है , दर्द से राहत । आज एलोपैथी की दवाओं के कारण ही लोगों की किडनी , लीवर , आतें , हृदय ख़राब हो रहे हैं । एलोपैथी एक बिमारी खत्म करती है तो दस बिमारी देकर भी जाती है ।
85. *खाने* की वस्तु में कभी भी ऊपर से नमक नहीं डालना चाहिए , ब्लड-प्रेशर बढ़ता है ।
86 . *रंगों द्वारा* चिकित्सा करने के लिए इंद्रधनुष को समझ लें , पहले जामुनी , फिर नीला ..... अंत में लाल रंग ।
87 . *छोटे* बच्चों को सबसे अधिक सोना चाहिए , क्योंकि उनमें वह कफ प्रवृति होती है , स्त्री को भी पुरुष से अधिक विश्राम करना चाहिए
88. *जो सूर्य निकलने* के बाद उठते हैं , उन्हें पेट की भयंकर बीमारियां होती है , क्योंकि बड़ी आँत मल को चूसने लगती है ।
89. *बिना शरीर की गंदगी* निकाले स्वास्थ्य शरीर की कल्पना निरर्थक है , मल-मूत्र से 5% , कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ने से 22 %, तथा पसीना निकलने लगभग 70 % शरीर से विजातीय तत्व निकलते हैं ।
90. *चिंता , क्रोध , ईर्ष्या करने से गलत हार्मोन्स का निर्माण होता है जिससे कब्ज , बबासीर , अजीर्ण , अपच , रक्तचाप , थायरायड की समस्या उतपन्न होती है ।*
91. *गर्मियों में बेल , गुलकंद , तरबूजा , खरबूजा व सर्दियों में सफ़ेद मूसली , सोंठ का प्रयोग करें ।*
92. *प्रसव* के बाद माँ का पीला दूध बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता को 10 गुना बढ़ा देता है । बच्चो को टीके लगाने की आवश्यकता नहीं होती है ।
93. *रात को सोते समय* सर्दियों में देशी मधु लगाकर सोयें त्वचा में निखार आएगा
94. *दुनिया में कोई चीज व्यर्थ नहीं , हमें उपयोग करना आना चाहिए*।
95. *जो अपने दुखों* को दूर करके दूसरों के भी दुःखों को दूर करता है , वही मोक्ष का अधिकारी है ।
96. *सोने से* आधे घंटे पूर्व जल का सेवन करने से वायु नियंत्रित होती है , लकवा , हार्ट-अटैक का खतरा कम होता है ।
97. *स्नान से पूर्व और भोजन के बाद पेशाब जाने से रक्तचाप नियंत्रित होता है*।
98 . *तेज धूप* में चलने के बाद , शारीरिक श्रम करने के बाद , शौच से आने के तुरंत बाद जल का सेवन निषिद्ध है
99. *त्रिफला अमृत है* जिससे *वात, पित्त , कफ* तीनो शांत होते हैं । इसके अतिरिक्त भोजन के बाद पान व चूना ।
100. इस विश्व की सबसे मँहगी *दवा। लार* है , जो प्रकृति ने तुम्हें अनमोल दी है ,इसे ना थूके ।
🌹👇👇

आयुर्वेदिक औषधि का सेवन करें।

परवल में विटामिन ए, विटामिन बी1, विटामिन बी2 और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा ये कैल्शि‍यम का भी ...
24/05/2020

परवल में विटामिन ए, विटामिन बी1, विटामिन बी2 और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा ये कैल्शि‍यम का भी अच्छा स्त्रोत है।

*परवल खाने के फायदे*

गर्मी के मौसम में सब्ज‍ियों के विकल्प कम हो जाते हैं लेकिन कुछ सब्ज‍ियां ऐसी हैं जो इस मौसम में आसानी से मिल जाती हैं. परवल गर्मियों का एक बेहतरीन विकल्प है. परवल की सबसे बड़ी खूबी ये है कि ये लंबे समय तक ताजा रहता है.
परवल में विटामिन ए, विटामिन बी1, विटामिन बी2 और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा ये कैल्शि‍यम का भी अच्छा स्त्रोत है. इसके छिलकों में मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस भी भरपूर मात्रा में होता है.
परवल खाने के फायदे:
- परवल त्वचा से जुड़ी समस्याओं में खासतौर पर फायदेमंद होता है. परवल में मौजूद बीज कब्ज और पाचन से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद होते हैं. डायबिटीज के मरीजों को खासतौर पर परवल खाने की सलाह दी जाती है.
- परवल में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में मददगार होते हैं. ये चेहरे की झांइयों और बारीक रेखाओं को दूर करने में भी मददगार है.
- परवल इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है. ये बुखार, सर्दी-खांसी, स्कि‍न इंफेक्शन और चोट को जल्दी भरने में मदद करता है.
- अगर आपके बच्चे को भूख नहीं लगने की शिकायत है तो उसे परवल की सब्जी खिलाएं. परवल के इस्तेमाल से पेट के कीड़े मर जाते हैं.
- परवल में भरपूर मात्रा में डाइट्री फाइबर्स पाए जाते हैं. जो पाचन तंत्र को सही रखने में मददगार होते हैं.
- परवल का लेप पेन-किलर की तरह काम करता है।
**परवल के फायदे जानकर इसे अपने रोजाना जिन्दगी में जरूर शामिल करें**

05/05/2020

अथर्ववेद संहिता
हिन्दू धर्म के पवित्रतम और सर्वोच्च धर्मग्रन्थ वेदों में से चौथे वेद अथर्ववेद कीसंहिता अर्थात मन्त्र भाग है। इसमें देवताओं की स्तुति के साथ जादू, चमत्कार, चिकित्सा, विज्ञान और दर्शन के भी मन्त्र हैं। अथर्ववेद संहिता के बारे में कहा गया है कि जिस राजा के रज्य में अथर्ववेद जानने वाला विद्वान् शान्तिस्थापन के कर्म में निरत रहता है, वह राष्ट्र उपद्रवरहित होकर निरन्तर उन्नति करता जाता है.

अथर्ववेद के रचियता श्री ऋषि अथर्व हैं और उनके इस वेद को प्रमाणिकता स्वंम महादेव शिव की है, ऋषि अथर्व पिछले जन्म मैं एक असुर हरिन्य थे और उन्होंने प्रलय काल मैं जब ब्रह्मा निद्रा मैं थे तो उनके मुख से वेद निकल रहे थे तो असुर हरिन्य ने ब्रम्ह लोक जाकर वेदपान कर लिया था, यह देखकर देवताओं ने हरिन्य की हत्या करने की सोची| हरिन्य ने डरकर भगवान् महादेव की शरण ली, भगवन महादेव ने उसे अगले अगले जन्म मैं ऋषि अथर्व बनकर एक नए वेद लिखने का वरदान दिया था इसी कारण अथर्ववेद के रचियता श्री ऋषि अथर्व हुए|

05/05/2020

आयुर्वेद की दृष्टि से....

‘वेद समस्त सत्य विद्याओं के सार हैं।’ स्वामी दयानन्द सरस्वती की यह उक्ति सत्य ही है। अथर्ववेद के सन्दर्भ में तो यह उक्ति हमारे समक्ष मूर्तिमती हो जाती है, जब हम आयुर्वेद जैसे विशाल साहित्य को अथर्ववेद से निःसृत उपवेद के रूप में पाते हैं। यद्यपि आयुर्वेद के दर्शन हमें ऋग्वेद के प्रथम एवं दशम मण्डल में ही प्राप्त हो जाते हैं, किन्तु जितने विस्तार से यह अथर्ववेद में पाया जाता है, उतना किसी अन्य वेद में नही पाया जाता है, यही कारण है कि आयुर्वेद को अथर्ववेद के उपवेद के रूप में मान्यता मिल गई है। इस तथ्य को आयुर्वेद की आचार्यत्रयी ने भी मुक्तकण्ठ से स्वीकार किया है। अथर्ववेद के कई नाम प्राप्त होते है, जिनमें इसे क्षत्रवेद और भैषज्यवेद भी कहा जाता है। क्षत्रवेद का तात्पर्य है क्षति से बचाने वाला वेद - क्षतात् त्रायते। भैषज्यवेद नाम प्राप्त होने का कारण यह है कि इसमें औषधि, रोग, चिकित्सक, एवं चिकित्सा का ज्ञान है। अथर्ववेद का प्रथम मन्त्र हमें आयुर्वेद के मूल सिद्धान्तों से परिचय कराता है, जो कि त्रिदोष-सिद्धान्त एवं सप्तधातु सिद्धान्त हैं। तीन दोष वात, पित्त और कफ, तथा सात धातुएँ रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि और शुक्र आदि हैं।

ये है सूरन, इसको सूरण, जिमीकंद आदि नाम से भी जानते हैं. दीपावाली के आसपास के समय में इसके व्यंजन खाने का रिवाज कई जगहो प...
20/10/2019

ये है सूरन, इसको सूरण, जिमीकंद आदि नाम से भी जानते हैं. दीपावाली के आसपास के समय में इसके व्यंजन खाने का रिवाज कई जगहो पर मिलता है.
इस समय कुछ दिन इसके व्यंजन सेवन कर लेंने से बवासीर और इसके जैसी गुदा संबंधी अन्य बीमारियां होने का खतरा वर्ष भर नहीं रहता है l

छुहारे के सेवन से होते है ये 4 फायदे, क्लिक कर जरूर जानें*  छुहारा और खजूर एक ही पेड़ से उत्पन्न होने वाले फल हैं। दोनों...
25/09/2019

छुहारे के सेवन से होते है ये 4 फायदे, क्लिक कर जरूर जानें*


छुहारा और खजूर एक ही पेड़ से उत्पन्न होने वाले फल हैं। दोनों की तासीर गर्म होती है और दोनों के सेवन से शरीर मजबूत होता है। गर्म तासीर होने से छुहारा सर्दियों में काफी लाभदायी माना जाता है। इसे दूध के साथ खाने में कई सारी बीमारियों से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं छुहारे खाने के क्या-क्या फायदे होते हैं।

1) छुहारों का सेवन करने से कब्ज में आसानी से राहत पाई जा सकती है। इसमें पोटेशियम होता है, इसलिए आप इसका सेवन दूध में डालकर भी कर सकती हैं। इसमें डाइटरी फाइबर पाए जाते हैं इस कारण से पाचन तंत्र मजबूत होता है। इसलिए रोजाना दूध में मिलाकर इसका सेवन करना फायदेमंद होता है।

2) रेड ब्‍लड सेल्‍स और आयरन की कमी के चलते कई लोगों को एनीमिया की श‍िकायत हो जाती है। एनीमिया यानी कि शरीर में खून की कमी। खजूर में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। ऐसे में यह एनिम‍िया के उपचार का रामबाण इलाज है। लगातार खजूर का सेवन करने से शरीर में आयरन की कमी पूरी हो जाती है।

3) आंखों में इंफेक्शन की वजह से कई बार सर्दियों में आंखों के रोग यानि गुहेरी निकल आती है। तो ऐसे में खजूर या छुहारे की गुठली का लेप बनाकर गुहेरी वाली जगह पर लगाने से आराम मिलता है। इसके साथ ही लगातार छुहारे का सेवन करने से रात में न दिखने वाली परेशानी में भी लाभ मिलता है।

4) इसमे मौजूद कैल्सियम आपकी हड्डियों को मजबूत करता है। जो इसके साथ-साथ यह हमारी हड्डियों को स्वस्थ और ताकतवर बनाने का काम करता है। यह कई तरह की बीमारियों से भी लड़ता है।जैसे कि हमारी हड्डियों में दर्द होना। खजूर में मेगनीज, कोपर और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होता है जो की हड्डियों की हेल्थ के लिए बहुत ही बढ़िया है।

*लौकी के  फायदे हैं कमाल के* सब्जियों का नाम लिया जाए तो लौकी एक ऐसी सब्जी है, जिसका नाम सुनकर ज्यादातर लोगों के चेहरे क...
24/09/2019

*लौकी के फायदे हैं कमाल के*

सब्जियों का नाम लिया जाए तो लौकी एक ऐसी सब्जी है, जिसका नाम सुनकर ज्यादातर लोगों के चेहरे की मांसपेशियों में संकुचन हो जाता है। खुशी की जगह टेंशन के भाव दिखने लगते है। किंतु यदि आपको इसके लाभ पता चल जाए तो आप इस सब्जी को देखकर खुशी से उछल पड़ेंगे.......

अगर आप मौसम के अनुसार घिया(लौकी) का उपयोग करते है तो आप को निम्न स्वास्थ्य लाभ होंगे।

1 ताजगी - लौकी को हल्की सब्जियों में गिना जाता है। इसे खाने से पेट में भारीपन नहीं रहता, बल्कि यह शरीर में ताजगी बनाए रखने में सहायक है।

2. वजन कम - लौकी का सबसे बड़ा फायदा है, कि यह आपका वजन बहुत जल्दी कम करने में सहायक होती है।

3. पाचन - लौकी पाचन संबंधी समस्याओं का उत्तम इलाज है, साथ ही यह एसिडिटी में भी लाभप्रद है। लौकी को अपने भोजन में शामिल करने से पाचन क्रिया को बेहतर किया जा सकता है।

4. डाइबिटीज - डाइबिटीज के मरीजों के लिए लौकी का सेवन एक प्रभावकारी उपाय है। डाइबिटीज में खाली पेट लौकी का सेवन करना बेहतर होगा।

5. यूरिनरी डिसऑर्डर - यूरिनरी डिऑर्डर अर्थात मूत्र संबंधी समस्याओं में भी लौकी बेहतर कारगर उपाय है। यह शरीर में सोडियम की अधिकता को कम करने में सहायक है, जो यूरिन के जरिए बाहर निकल जाता है।

6. नैचुरल ग्लो - लौकी का प्रतिदिन सेवन करने से त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है, और वह आकर्षक दिखाई देती है।

7. कोलेस्ट्रॉल - लौकी को भोजन में शामिल करने से हानिकारक कोलेस्ट्रॉल बहुत आसानी से धीरे- धीरे कम होने लगता है, जिससे हृदय संबंधी या कोलेस्ट्रॉल से होने वाली अन्य समस्याएं नहीं होती।

8. लौकी में भरपूर मात्रा में डायट्री फायबर, विटामिन- ए, विटामिन -सी, थायमिन, राइबोफ्लेविन, विटामिन- बी3, बी6, मिनरल्स, कैल्शयम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम और जिंक पाया जाता है, जो आपको स्वस्थ बनाए रखता है।

9. यूरिक एसिड जिससे जोड़ो का दर्द बढ़ता है उसको कम करने में भी लौकी का महत्वपूर्ण योगदान होता है।

NOTE: बिना मौसम के और अधिक मात्रा में सेवन नुकसान कारी हो सकता है।

LIV 3  (Relief point to remove Acidity and for straighten of Liver)सिर्फ एक एसिडिटी से 103 प्रकार के रोग होते है।ये लिवर...
07/09/2019

LIV 3 (Relief point to remove Acidity and for straighten of Liver)

सिर्फ एक एसिडिटी से 103 प्रकार के रोग होते है।

ये लिवर 3 गैस्ट्रिक एसिड के इलाज के लिए एक उपयोगी एक्यूप्रेशर बिंदु है। इसे ग्रेट सर्ज के रूप में भी जाना जाता है, और यह पैर पर स्थित है, पैर के अंगूठे और बड़ी अंगुली और दूसरे के बीच, अवसाद में जहां पैर की दो की उंगलियां मिलती हैं।

यह बिंदु लिवर की कुछ समस्याओं, डायरिया, एसिड बनना, कब्ज, मितली, उल्टी, आदि जैसे पाचन विकारों के इलाज में मदद करता है। यह आंख की समस्याओं, सिरदर्द, चक्कर आना, मासिक धर्म के मुद्दों, छाती में दर्द, चिंता, चिड़चिड़ापन और अनिद्रा के इलाज के लिए भी उपयोगी है।

उंगलियों का उपयोग करके 1 मिनट के लिए दोनों चरणों में बिंदु पर स्थिर दबाव लागू करके इस बिंदु को उत्तेजित किया जा सकता है। इन समस्याओं से प्राकृतिक और स्थायी राहत के लिए उन्हें अपने प्रियजनों को भी भेंजे।

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