Dr B.S Chandi

Dr B.S Chandi physiotherapist

16/08/2024
05/04/2022




28/12/2021

जनजागरूकता के लिये यह पोस्ट:

ये करीब 50 साल के मरीज हैं। दोनों किडनी खराब हैं। सीरम creatinine 4.6 है,वह भी डायलिसिस के बाद।पूरी तरह से बेड पर हैं कुछ महीनों से..जैसा कि परिवार के लोगों का कहना है।

किडनी खराब इसलिए हुई क्योंकि ये कमर और घुटनों के दर्द के लिये.. दर्द की दवा भुजा की तरह खाएं हैं, दर्द के इंजेक्शन भी काफी लिया है..इससे किडनी को काफी नुकसान पहुँचा है।

अब पैर भी सीधा नहीं हो रहा था(पहली तस्वीर, शनिवार को Knee AROM 43°था,PROM लगभग 45°).पूरा घुटना, SI जॉइंट आदी ankylosed हो गया था। मरीज दर्द से कराह रहे थे।

किडनी के स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने अपना इलाज तो शुरू किया ही है, दर्द और पैर टेढ़े हो जाने की समस्या के निदान के लिये मेरे पास रेफेर कर दिया है।हड्डी एवं नस के अच्छे डॉक्टरों ने भी किसी भी प्रकार की दवा देने से मना कर दिया है।

फिजियोथेरेपी एवं योग के एक सेशन के बाद AROM 113° हो गया..यानी घुटना काफी सीधा..तीसरी तस्वीर देखें।

आज दूसरे फिजियोथेरेपी सेशन/ट्रीटमेंट के बाद लगभग सीधा..सामान्य ( AROM 130° के करीब)दूसरी तस्वीर देखें।

कमर दर्द में भी काफी आराम।

ये है सही फिजियोथेरेपी एवं योग के सही इलाज से चमत्कार।

हाँ, अभी और समय लगेगा पूर्णतः ठीक होने में।शायद कुछ सप्ताह।

ये खुद से चलने भी कुछ दिनों में लगेंगे,ऐसा विश्वास है।

इसलिए दर्द की दवा, स्टेरॉयड आदी बेहद ध्यान से लें। अपवाद को छोड़ दें तो अच्छे फिजिशियन /दर्द के डॉक्टर कभी भी आपको 5-7 दिनों से ज्यादा दर्द की दवा प्रायः नहीं देते। इससे ज्यादा लगातार लेना किडनी और लिवर के लिये बेहद घातक हो सकता है ।

क्वेक फिजिशियन, डॉक्टरों ,फिजियोथेरेपिस्ट आदि से बचें।

खुद इलाज़ करने,दवा लेने,व्यायाम ,फिजियोथेरेपी, योग आदि करने से भी बचें।

व्यायाम दवा है। इसे यूट्यूब या tv पर देखकर न शुरू करें, विशेष रूप से जब आप बीमार हों।

यह भी याद रखें कि फिजियोथेरेपी या सही योग बाहर से आपरेशन है। इसके एक्सपर्ट को न केवल आपकी मनोदशा पता है बल्कि हर नर्व,muscle, हड्डी,जोड़, ब्लड सप्लाई ,लिगामेंट ,bursa, टेंडन यानी पूरी anatomy, उसकी patho-फिजियोलॉजी,बायोमैकेनिक्स आदि की पूर्ण या लगभग पूर्ण जानकारी है।

कई बार आपको लगता है कि व्यायाम या योग करना,फिजियोथेरेपी करना,दवा लेना आदि बेहद आसान है...पर ऐसा बिल्कुल नहीं है। योग,फिजियोथेरेपी आदि की पढ़ाई MD, MS, DM, MCh आदि में होती ही नहीं है। इसलिए ऐसे डॉक्टर भी इन विषयों में सही सलाह नहीं दे पाते। अतः अगर किसी फिजियोथेरेपिस्ट या योग विशेषज्ञ ने 10 बार किसी व्यायाम या आसन को करने को कहा है तो 10 बार ही दिन में करें, 20 बार या 50 बार नहीं।2 बार कहा गया है तो 4 बार न करें। इससे दर्द बढ़ जाएगा या शुरू हो जाएगा..फिर आप उस फिजियोथेरेपिस्ट को कोसने लगेंगे जबकि गलती आपकी है..आपको नहीं पता कि 10 की जगह 50 बार उस व्यायाम को करने से लोकल इसचेमियाआदि होगा,इससे नसें खराब हो सकती हैं,टूट सकती हैं ,हड्डियों में सूजन हो सकता है etc और दर्द बढ़ जाएगा। हज़ारों फिजियोथेरेपी की आधुनिक मशीनें है जो दर्द कम करने आदि में बेहद कारगर हैं।

निवेदन है कि idiot न बनें...माफ करें..शब्दों का चयन सही ही किया है.. यहाँ IDIOT का अर्थ है " इंटरनेट DERIVED ,OVERCONFIDENT & OBSESSED सेल्फ ट्रीटमेंट "

आप का पूरा परिवार ,आमदनी-आय का जरिया,बच्चों की पढ़ाई,घर का सुख-चैन गलत इलाज़ से खत्म हो सकता है। दर्द हो तो अच्छे और क्वालिफाइड फिजियोथेरेपिस्ट से जरूर मिलें।

सादर
डॉ बी एस चंडी

Dislocated thumb bones & Normal position Of Thumb bones✌🏻✌🏻✌🏻Chandi Physiotherapy & Acupressure CenterFirst Sitting Trea...
29/07/2021

Dislocated thumb bones & Normal position Of Thumb bones✌🏻✌🏻✌🏻
Chandi Physiotherapy & Acupressure Center
First Sitting Treatment.

गर्दन में दर्द होना, गर्दन अकड़ जाना और हिलान-डुलाने में परेशानी होना कई बार लोगों को आम समस्या लगती है। कई लोग इस दर्द ...
28/07/2021

गर्दन में दर्द होना, गर्दन अकड़ जाना और हिलान-डुलाने में परेशानी होना कई बार लोगों को आम समस्या लगती है। कई लोग इस दर्द के साथ लंबे समय तक जीते रहते हैं और इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह दर्द खतरनाक साबित हो सकता है। गर्दन का यह दर्द (सर्वाइकल पैन) के लक्षण होते हैं। सर्वाइकल स्पाइन यानी गर्दन के हिस्से वाली रीढ़ की हड्डी के जोड़ों और डिस्क में समस्या होने से सर्वाइकल पैन की स्थिति बनती है।

डॉक्टर चंदी के अनुसार, गर्दन की हड्डी शरीर की उन हड्डियों में शामिल है, जिनका सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। यह पूरे सिर के वजन को संभालती है। यह भी याद रखना होगा कि गर्दन बाकी रीढ़ की हड्डी की तुलना में कमजोर होती है, इसलिए भी इसकी विशेष देखभाल जरूरी है।

सर्वाइकल पैन के मामले बढ़ने के कारण

समय रहते इलाज न कराया जाए, तो सर्वाइकल पैन केवल गर्दन तक ही नहीं रहता है, बल्कि शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल जाता है। गर्दन में दर्द की शिकायत करने वालों की संख्या आजकल तेजी से बढ़ रही है जिसका कारण है वर्क कल्चर यानी कामकाज के आधुनिक तौर-तरीके। आज लोग घंटों कम्प्यूटर के सामने बैठते हैं, लंबे समय तक मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं जिससे यह समस्या होती है। यही नहीं मोबाइल को कान और कंधे के बीच फंसा कर बात करने लगते हैं जो कि शरीर के लिए गर्दन के इस्तेमाल का सही तरीका नहीं है। लोग अपनी गर्दन को असुविधाजनक स्थिति में लंबे समय तक रखने लगते हैं। इससे तेज दर्द होता है और रोजाना के काम में परेशानी आती है।

पहचानें इन लक्षणों को

बेहतर यही है कि लक्षण को सही समय पर पहचानें। इनके लक्षणों में गर्दन में दर्द होना, गर्दन अकड़ जाना और हिलाने-डुलाने में परेशानी होना, हाथ-पैर और पंजों में झुनझुनी, सुन्न महसूस होना या उसमें कमजोरी लगना, सिर के पिछले भाग और कंधों में दर्द, शरीर में असंतुलन और चलने में दिक्कत, मांसपेशियों में एंठन शामिल हैं। अगर सर्वाइल पैन सामान्य और मामूली है तो लाइफस्टाल में बदलाव कर इसे सही किया जा सकता है। लेकिन स्थिति ज्यादा गंभीर हो तो ऑर्थोपेडिक सर्जन को दिखाएं। सीटी स्कैन, एक्स रे और एमआरआई से इसकी समस्या और गंभीरता का पता लगाया सकता है और उस हिसाब से इलाज की प्रक्रिया शुरू होती है। समस्या का पता लगने के बाद इलाज की प्रक्रिया के तहत फिजियोथैरेपी भी विशेषज्ञ की देखरेख में की जाती है।

स्पाइनल टुबर्क्यलोसिस भी एक खतरनाक स्थिति है। हड्डियों में फ्रैक्चर होने के कारण रीढ़ की हड्डियों में इन्फेक्शन हो सकता है। स्पाइनल टुबर्क्यलोसिस के कारण एक से ज्यादा हड्डियां क्षतिग्रस्त हो सकती है। इसके कारण स्पाइवल कैनल भी संकरी हो सकती है। इससे नर्वस सिस्टम से संबंधित परेशानियां हो जाती हैं। समय रहते इलाज जरूरी है वरना स्पाइनल कॉर्ड में नसों के दबने से शरीर के निचले भाग को लकवा मार सकता है।

सर्वाइकल से बचना है तो बरतें ये सावधानियां

बहुत जरूरी है कि हमेशा ही गर्दन को स्वस्थ रखने के उपाय अपनाएं। बैठने, उठने, चलने से लेकर कम्प्यूटर पर काम करने का पॉश्चर यानी बैठने का तरीका सही होना चाहिए। मोबाइल फोन पर लंबे समय तक बात एक ही स्थिति में तिरछा न करें और ज्या देर तक फोन पर बात करनी भी पड़े तो कान और कंधे के बीच में रखकर न करें। सामने की तरफ भी गर्दन झुका कर मोबाइल स्क्रिन देखने की बजाए आंखों की ऊंचाई के बराबर रखकर देखें। बेहतर तो यह होगा कि मोबाइल का ज्यादा बहुत इस्तेमाल न करें।

हड्डियों को स्वस्थ रखना जरूरी है। इसके लिए कैल्शियम और विटामिन डी का सेवन करें। सोने का तकिया या कुशन सही आकार का होना चाहिए। नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से इस स्थिति से बच सकते हैं।

सर्वाइकल से प्रभावित मरीज हमारे हॉस्पिटल चंदी हैल्थ केयर पे मिले।
9672854533

Sciatica Pain Photo . Bahut se patients is problem se gujar rhe ha . Or unko proper treatment nhi mil pata . Agar kisi k...
04/07/2021

Sciatica Pain Photo . Bahut se patients is problem se gujar rhe ha . Or unko proper treatment nhi mil pata . Agar kisi ke problem h to pls contact me .

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