28/12/2021
जनजागरूकता के लिये यह पोस्ट:
ये करीब 50 साल के मरीज हैं। दोनों किडनी खराब हैं। सीरम creatinine 4.6 है,वह भी डायलिसिस के बाद।पूरी तरह से बेड पर हैं कुछ महीनों से..जैसा कि परिवार के लोगों का कहना है।
किडनी खराब इसलिए हुई क्योंकि ये कमर और घुटनों के दर्द के लिये.. दर्द की दवा भुजा की तरह खाएं हैं, दर्द के इंजेक्शन भी काफी लिया है..इससे किडनी को काफी नुकसान पहुँचा है।
अब पैर भी सीधा नहीं हो रहा था(पहली तस्वीर, शनिवार को Knee AROM 43°था,PROM लगभग 45°).पूरा घुटना, SI जॉइंट आदी ankylosed हो गया था। मरीज दर्द से कराह रहे थे।
किडनी के स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने अपना इलाज तो शुरू किया ही है, दर्द और पैर टेढ़े हो जाने की समस्या के निदान के लिये मेरे पास रेफेर कर दिया है।हड्डी एवं नस के अच्छे डॉक्टरों ने भी किसी भी प्रकार की दवा देने से मना कर दिया है।
फिजियोथेरेपी एवं योग के एक सेशन के बाद AROM 113° हो गया..यानी घुटना काफी सीधा..तीसरी तस्वीर देखें।
आज दूसरे फिजियोथेरेपी सेशन/ट्रीटमेंट के बाद लगभग सीधा..सामान्य ( AROM 130° के करीब)दूसरी तस्वीर देखें।
कमर दर्द में भी काफी आराम।
ये है सही फिजियोथेरेपी एवं योग के सही इलाज से चमत्कार।
हाँ, अभी और समय लगेगा पूर्णतः ठीक होने में।शायद कुछ सप्ताह।
ये खुद से चलने भी कुछ दिनों में लगेंगे,ऐसा विश्वास है।
इसलिए दर्द की दवा, स्टेरॉयड आदी बेहद ध्यान से लें। अपवाद को छोड़ दें तो अच्छे फिजिशियन /दर्द के डॉक्टर कभी भी आपको 5-7 दिनों से ज्यादा दर्द की दवा प्रायः नहीं देते। इससे ज्यादा लगातार लेना किडनी और लिवर के लिये बेहद घातक हो सकता है ।
क्वेक फिजिशियन, डॉक्टरों ,फिजियोथेरेपिस्ट आदि से बचें।
खुद इलाज़ करने,दवा लेने,व्यायाम ,फिजियोथेरेपी, योग आदि करने से भी बचें।
व्यायाम दवा है। इसे यूट्यूब या tv पर देखकर न शुरू करें, विशेष रूप से जब आप बीमार हों।
यह भी याद रखें कि फिजियोथेरेपी या सही योग बाहर से आपरेशन है। इसके एक्सपर्ट को न केवल आपकी मनोदशा पता है बल्कि हर नर्व,muscle, हड्डी,जोड़, ब्लड सप्लाई ,लिगामेंट ,bursa, टेंडन यानी पूरी anatomy, उसकी patho-फिजियोलॉजी,बायोमैकेनिक्स आदि की पूर्ण या लगभग पूर्ण जानकारी है।
कई बार आपको लगता है कि व्यायाम या योग करना,फिजियोथेरेपी करना,दवा लेना आदि बेहद आसान है...पर ऐसा बिल्कुल नहीं है। योग,फिजियोथेरेपी आदि की पढ़ाई MD, MS, DM, MCh आदि में होती ही नहीं है। इसलिए ऐसे डॉक्टर भी इन विषयों में सही सलाह नहीं दे पाते। अतः अगर किसी फिजियोथेरेपिस्ट या योग विशेषज्ञ ने 10 बार किसी व्यायाम या आसन को करने को कहा है तो 10 बार ही दिन में करें, 20 बार या 50 बार नहीं।2 बार कहा गया है तो 4 बार न करें। इससे दर्द बढ़ जाएगा या शुरू हो जाएगा..फिर आप उस फिजियोथेरेपिस्ट को कोसने लगेंगे जबकि गलती आपकी है..आपको नहीं पता कि 10 की जगह 50 बार उस व्यायाम को करने से लोकल इसचेमियाआदि होगा,इससे नसें खराब हो सकती हैं,टूट सकती हैं ,हड्डियों में सूजन हो सकता है etc और दर्द बढ़ जाएगा। हज़ारों फिजियोथेरेपी की आधुनिक मशीनें है जो दर्द कम करने आदि में बेहद कारगर हैं।
निवेदन है कि idiot न बनें...माफ करें..शब्दों का चयन सही ही किया है.. यहाँ IDIOT का अर्थ है " इंटरनेट DERIVED ,OVERCONFIDENT & OBSESSED सेल्फ ट्रीटमेंट "
आप का पूरा परिवार ,आमदनी-आय का जरिया,बच्चों की पढ़ाई,घर का सुख-चैन गलत इलाज़ से खत्म हो सकता है। दर्द हो तो अच्छे और क्वालिफाइड फिजियोथेरेपिस्ट से जरूर मिलें।
सादर
डॉ बी एस चंडी