गौतम बुद्ध शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान, बहराइच।

  • Home
  • India
  • Bahraich
  • गौतम बुद्ध शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान, बहराइच।

गौतम बुद्ध शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान, बहराइच। An ISO:9001:2015 Certified YOGA Institute. पार्किंग की सुविधा उपलब्ध हैं।

नमस्कार दोस्तों आज हम साइकिल चलाने के बारे में बात करते हैं तो दोस्तों साइकिल चलाने से मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा बनाया ज...
13/04/2023

नमस्कार दोस्तों आज हम साइकिल चलाने के बारे में बात करते हैं तो दोस्तों साइकिल चलाने से मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा बनाया जा सकता है और इससे तनाव भी घटाया जा सकता है क्योंकि जब आप साइकिल चलाते हैं तो आपके अंदर एड्रेनालील और एंडोफार्मिन हार्मोन स्रावित होते हैं जो आपको तनाव मुक्त करते हैं साइकिल चलाने से आपका वजन भी कम होता है आप साइकिल चला कर देखें और फिर अपने वजन को नापे साइकिल चलाने से आपके हाथ पैर की मांसपेशियों की कसरत हो भी हो जाती है अगर जो आप अपने पैरों को भी मजबूत बनाना चाहते हैं तो साइकिल चलावे साइकिल चलाने में हृदय रोग की संभावना भी बहुत कम हो जाती है यदि वैज्ञानिकों की मानें तो साइकिल चलाना दूसरे प्रकार के व्यायाम उसे बेहतर हूं क्योंकि इसमें हम सुरक्षित रहते हैं साइकिल चलाने से नींद भी बहुत अच्छी आती है आप अपने नीद को बेहतर बनाने के लिए भी साइकिल चला सकते हैं साइकिल चलाने से आपके अंदर इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता है और 40% बीमार होने की कम संभावना हो जाती है साइकिल चलाने से गठिया जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है और मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है जब आप साइकिल चलाते हैं तो शरीर से हानिकारक तत्व भी बाहर निकल जाते हैं और साइकिल चलाने से हमारे शरीर के अंदर जो ब्लड का बहाव है वह काफी अच्छा हो जाता है और हमारे फेफड़े भी मजबूत होते हैं ।

यदि किसी कक्षा में 30 लड़के हैं और इनमें से कोई एक ही फर्स्ट आएगा 29 हमेशा पीछे रह जाएंगे 29 दुखी होंगे एक खुश होगा अब स...
23/02/2023

यदि किसी कक्षा में 30 लड़के हैं और इनमें से कोई एक ही फर्स्ट आएगा 29 हमेशा पीछे रह जाएंगे 29 दुखी होंगे एक खुश होगा अब समझे उसको जो खुशी मिलती है प्रथम आकर आपको पता है कि वह खुशी किस बात पर खड़ी है वह प्रथम आने की खुशी नहीं है वह दूसरों को दुखी करने का आनन्द है वह स्वयं के प्रथम आने की खुशी है ही नहीं वह दूसरों को दुखी करने का आनंद है जो पीछे छूट गए हैं और जिनकी आंखें आंसुओं से भरी है उन्हीं से वह मुस्कुराहट निर्मित होती है जो और यह जो सफल लोग हैं थोड़े से इनके पीछे कितने असफल लोगों की पंक्तियां खड़ी हो जाती है इसका बोध है और यह सफल 10-5 लोग दुनिया नहीं बनाते दुनिया बनाते हैं वह सब जो पीछे रह गए हैं और असफल हो गए हैं उन उदास लोगों से यह दुनिया बनेगी तो यह स्वर्ग नहीं बन सकती यह नरक बनना निश्चित है उन्होंने लोगों से यह दुनिया बनेगी तो यह दुनिया अच्छी नहीं हो सकती और उनके मन में कितने बुनियादी घाव आपने पहुंचा दिए उनको प्राणों की ऊर्जा को आपने शुरू से ही थका हुआ साबित कर दिया वे शुरू से ही जिंदगी के प्रति आशा से भरे हुए नहीं हैं वह निराशा अपमान से भरे हुए हताशा से भरे हुए प्रवेश करेंगे फिर अगर यह हारे हुए लोग क्रोध से भर जाए और जिंदगी को तोड़ने लगे और जगह-जगह तोड़फोड़ करने लगे और जगह-जगह इनका क्रोध प्रकट होने लगे तो कौन जिम्मेदार है समाधान यह है कि दूसरे लोगों से आगे निकलने की कोशिश करूं और दूसरी स्थिति यह है कि मैं रोज अपने से आगे निकलने की कोशिश करूं मुझे किसी दूसरे से कोई मतलब नहीं है सारी प्रकृत किसी दूसरे से कंपटीशन में नहीं है शिवाय मनुष्य के एक गुलाब का फूल खिल रहा है उसे कोई कंपटीशन नहीं है कि कमल का फूल कैसे खिलाऔर अगर गुलाब को महत्वाकांक्षा पकड़ गई कि मुझे कमल का फूल बनना है तो गुलाब पागल हो जाएगा फिर उसमें फुल पैदा नहीं होंगे क्योंकि गुलाब से गुलाब ही पैदा होता है कमल पैदा नहीं हो सकता यह उसकी आंतरिक व्यवस्था है और मेरे विचार से पागलपन को ही महत्वकांक्षी कहते हैं और स्वास्थ्य की परिभाषा भी यही है कि स्वयं में स्थित हो जाना

नमस्कार मित्रों, घड़ी यानी समय भला ऐसा कोई हो जो इसके चक्र से अछूता हो सजीव निर्जीव सभी इस से बंधे हैं इलेक्ट्रॉन प्रोटॉ...
07/02/2023

नमस्कार मित्रों, घड़ी यानी समय भला ऐसा कोई हो जो इसके चक्र से अछूता हो सजीव निर्जीव सभी इस से बंधे हैं इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन जैसे सूक्ष्म कणों से लेकर ग्रह तारे यहां तक की संपूर्ण ब्रह्मांड की गतिविधि का नियामक है यह समय यानी की घड़ी और यह घड़ी तो प्रकृतिक ने हर छोटे बड़े जीव को मुफ्त दे रखी है जो हमें दिखती नहीं लेकिन अपना काम सुचारु रुप से निरंतर करती रहती है सभी जीव अपने व एवं आंतरिक वातावरण में होने वाले परिवर्तनों की समय सारणी के अनुसार ही उनकी या आंतरिक जैविक घड़ी शरीर के विभिन्न क्रियाकलापों का नियमन करती है इस घड़ी को नियमित और नियंत्रित करने के लिए मेलाटोनिन हार्मोन की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका है यह हार्मोन पीनियल ग्रंथि से स्रावित होता है यह ग्रंथि मस्तिष्क के मध्य भाग में स्थित एक अंतः स्रावी ग्रंथि है जो मटर के दाने के समान होती है मेलाटोनिन के स्राव से ही मानव शरीर में नियतलयबद्धता का प्रभाव होता है यह लयबद्दता दो प्रकार की होती है जैसे सोना खाना उठना भूख लगना आदि इसे सरकेडियन लय कहते हैं और ऐसी ही प्रक्रिया जब सालभर दोहराई जाती है तो इसे सरकेअनुअल लय कहते हैं जैविक घड़ी के डिस्टर्ब होने से याददाश्त में कमी मोटापा अवसाद मधुमेह अनिद्रा और तंत्रिका संबंधी रोग से व्यक्ति ग्रसित हो सकता है ,सहज सरल प्राकृतिक जीवन चर्या को अपनाना चाहिए ताकि जैविक घड़ी अपना सुचारू रूप से कार्य कर सकें।

Good evening
07/05/2022

Good evening

Address

Bahraich
271801

Opening Hours

Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm
Saturday 9am - 5pm

Telephone

+919807260199

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when गौतम बुद्ध शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान, बहराइच। posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to गौतम बुद्ध शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान, बहराइच।:

Share

Category