11/04/2023
खेत में काम करते समय आँखो में चोट लगना स्वाभाविक है। चोट लगने के बाद किसान, जमींदार या मजदूर दवा की दुकान या अपने परिवार के सदस्यों या पड़ोसियों से आई ड्रॉप मांग लेते है जो की ज्यादतर स्टेरॉयड ग्रुप की होती है ।
फसलों की पत्तियों से टहनियों या तिनकों की चोट से फफुन्दी (Fungus ) का इन्फेक्शन होता है और आँख मे घाव (Corneal Ulcer) बन जाता है । उस घाव मे ये Steroid ड्रॉप जहर का काम करती है और घाव को काफी तेजी से बढ़ा देता है और आंख पूरी तरह से या तो खराब हो जाती है या फिर आंख को निकलना भी पड़ता है ।
ऐसे मरीज हर रोज एक आंख के डॉक्टर के पास 4-5 आते है, अब आप अनुमान लगा सकते है की हर रोज कितनी आंखें खराब होती है ।
इस पोस्ट के माध्यम से मैं आपको बताना चाहता हूँ की अगर कभी भी आँखो मे पत्ते से चोट लगती है तो हाँथों को साफ पानी से धोकर, आंख को भी साफ पानी से धो लें और किसी भी आँख के डॉक्टर से सम्पर्क करें। अगर आपको आंख के डॉक्टर नही मिलते है और आप किसी दवाई की दुकान से ड्रॉप लेते हैं तो Steroid की ड्रॉप बिल्कुल भी इस्तेमाल ना करें। मैं फार्मासिस्ट एवं ग्रामीण चिकित्सक बंधुओं से कहना चाहूंगा की Steroid ड्रॉप का इस्तेमाल बिल्कुल ना करें। Steroid ड्रॉप्स आंखो को काफी नुक्सान पहुंचाती है और नेत्र चिकित्सक भी बाद मे इसे ठीक नही कर पाते है और आंख की रोशनी खत्म हो जाती है ।
अगर किसी ड्रॉप के अन्त मे D, P, DM या Dx लिखा हो तो वो Steroid ड्रॉप है,जैसे की Ciplox-D, Moxigram-D, Oflakem-D, Predforte, Oflacin-Dx, Apdrop-DM, Ofax-D इत्यादि।
Dr. K P Singh
Eye Consultant
Shree Krishna Eye Care & Optical
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