Pritesh Jain

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21/03/2022
13/06/2019

*19 ऊंट की कहानी*🐪

एक गाँव में एक व्यक्ति के पास 19 ऊंट थे।

एक दिन उस व्यक्ति की मृत्यु हो गयी।

मृत्यु के पश्चात वसीयत पढ़ी गयी। जिसमें लिखा था कि:

मेरे 19 ऊंटों में से आधे मेरे बेटे को,19 ऊंटों में से एक चौथाई मेरी बेटी को, और 19 ऊंटों में से पांचवाँ हिस्सा मेरे नौकर को दे दिए जाएँ।

सब लोग चक्कर में पड़ गए कि ये बँटवारा कैसे हो ?

19 ऊंटों का आधा अर्थात एक ऊँट काटना पड़ेगा, फिर तो ऊँट ही मर जायेगा। चलो एक को काट दिया तो बचे 18 उनका एक चौथाई साढ़े चार- साढ़े चार फिर?

सब बड़ी उलझन में थे। फिर पड़ोस के गांव से एक बुद्धिमान व्यक्ति को बुलाया गया।

वह बुद्धिमान व्यक्ति अपने ऊँट पर चढ़ कर आया, समस्या सुनी, थोडा दिमाग लगाया, फिर बोला इन 19 ऊंटों में मेरा भी ऊँट मिलाकर बाँट दो।

सबने सोचा कि एक तो मरने वाला पागल था, जो ऐसी वसीयत कर के चला गया, और अब ये दूसरा पागल आ गया जो बोलता है कि उनमें मेरा भी ऊँट मिलाकर बाँट दो। फिर भी सब ने सोचा बात मान लेने में क्या हर्ज है।

19+1=20 हुए।

20 का आधा 10 बेटे को दे दिए।

20 का चौथाई 5 बेटी को दे दिए।

20 का पांचवाँ हिस्सा 4 नौकर को दे दिए।

10+5+4=19

बच गया एक ऊँट, जो बुद्धिमान व्यक्ति का था...

वो उसे लेकर अपने गॉंव लौट गया।

इस तरह 1 उंट मिलाने से, बाकी 19 उंटो का बंटवारा सुख, शांति, संतोष व आनंद से हो गया।

सो हम सब के जीवन में भी 19 ऊंट होते हैं।

5 ज्ञानेंद्रियाँ
(आँख, नाक, जीभ, कान, त्वचा)

5 कर्मेन्द्रियाँ
(हाथ, पैर, जीभ, मूत्र द्वार, मलद्वार)

5 प्राण
(प्राण, अपान, समान, व्यान, उदान)

और

4 अंतःकरण
(मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार)

कुल 19 ऊँट होते हैं।

सारा जीवन मनुष्य इन्हीं 19 ऊँटो के बँटवारे में उलझा रहता है।

और जब तक उसमें आत्मा रूपी ऊँट नहीं मिलाया जाता यानी के आध्यात्मिक जीवन नहीं जिया जाता, तब तक सुख, शांति, संतोष व आनंद की प्राप्ति नहीं हो सकती।

यह थी 19 ऊंट की कहानी...
संकलन
अनिल जैन "राजधानी"
श्रुत संवर्धक

 #तमाचाअपनी नई नवेली दुल्हन प्रिया को शादी के दूसरे दिन ही दहेज मे मिली नई चमाचमाती गाड़ी से शाम को रवि लॉन्ग ड्राइव पर ...
09/12/2017

#तमाचा

अपनी नई नवेली दुल्हन प्रिया को शादी के दूसरे दिन ही दहेज मे मिली नई चमाचमाती गाड़ी से शाम को रवि लॉन्ग ड्राइव पर लेकर निकला ! गाड़ी बहुत तेज भगा रहा था , प्रिया ने उसे ऐसा करने से मना किया तो बोला-अरे जानेमन ! मजे लेने दो आज तक दोस्तों की गाड़ी चलाई है , आज अपनी गाड़ी है सालों की तमन्ना पूरी हुई ! मैं तो खरीदने की सोच भी नही सकता था , इसीलिए तुम्हारे डैड से मांग करी थी ! प्रिया बोली :- अच्छा , म्यूजिक तो कम रहने दो ....आवाज कम करते प्रिया बोली ,तभी अचानक गाड़ी के आगे एक भिखारी आ गया , बडी मुश्किल से ब्रेक लगाते , पूरी गाड़ी घुमाते रवि ने बचाया मगर तुरंत उसको गाली देकर बोला-अबे मरेगा क्या भिखारी साले , देश को बरबाद करके रखा है तुम लोगों ने ,तब तक प्रिया गाड़ी से निकलकर उस भिखारी तक पहुंची देखा तो बेचारा अपाहिज था उससे माफी मांगते हुए और पर्स से 100रू निकालकर उसे देकर बोली-माफ करना काका वो हम बातों मे........कही चोट तो नहीं आई ? ये लीजिए हमारी शादी हुई है मिठाई खाइएगा ओर आर्शिवाद दीजिएगा ,कहकर उसे साइड में फुटपाथ पर लेजाकर बिठा दिया, भिखारी दुआएं देने लगा,गाड़ी मे वापस बैठी प्रिया से रवि बोला :- तुम जैसों की वजह से इनकी हिम्मत बढती है भिखारी को मुंह नही लगाना चाहिए, प्रिया मुसकुराते हुए बोली - रवि , भिखारी तो मजबूर था इसीलिए भीख मांग रहा था वरना सबकुछ सही होते हुए भी लोग भीख मांगते हैं दहेज लेकर ! जानते हो खून पसीना मिला होता है गरीब लड़की के माँ - बाप का इस दहेज मे , ओर लोग.. तुमने भी तो पापा से गाड़ी मांगी थी तो कौन भिखारी हुआ ?? वो मजबूर अपाहिज या ..?? .

एक बाप अपने जिगर के टुकड़े को २० सालों तक संभालकर रखता है दूसरे को दान करता है जिसे कन्यादान "महादान" तक कहा जाता है ताकि दूसरे का परिवार चल सके उसका वंश बढे और किसी की नई गृहस्थी शुरू हो , उसपर दहेज मांगना भीख नही तो क्या है बोलो ..? कौन हुआ भिखारी वो मजबूर या तुम जैसे दूल्हे ....रवि एकदम खामोश नीची नजरें किए शर्मिंदगी से सब सुनता रहा क्योंकि....
प्रिया की बातों से पडे तमाचे ने उसे बता दिया था कि कौन है सचमुच का भिखारी.
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10/07/2017
04/02/2016

दिमाग लगाओ
जवाब बताओ
सम्मान का इनाम पाओ

एक घर मे ABCDEFGH ऐसे आठ भाई रहेते थे,
उसमे
A - इस्त्री कर रहा था
B - कपडे धो रहा था
C - चेस खेल रहा था
D - नहा रहा था
E - खाना खा रहा था
F - पढाई कर रहा था
G - पेपर पढ रहा था …
प्रश्न ये है कि H क्या कर रहा होगा !.???
वापस पढ कर सोच कर सही जवाब दो ....
HINT: सवाल का जवाब प्रश्न मेँ ही हैँ....बस जरा सा COMMON SENSE ईस्तेमाल करने की जरुरत है !
ये IAS का सवाल है
👍

Jawab jarroor de

भारतीय क्रिकेट रत्न और एक मात्र भारतीय तीहरा शतकवीर मुल्तान के सुल्तान वीरेन्द्र सहवाग को सन्यास लेने पर सैल्यूट...
19/10/2015

भारतीय क्रिकेट रत्न और एक मात्र भारतीय तीहरा शतकवीर मुल्तान के सुल्तान वीरेन्द्र सहवाग को सन्यास लेने पर सैल्यूट...

18/09/2015

जय जिनेन्द्रसा

🙏🙏 मिच्छामी -दुक्कडम 🙏🙏
चलते चलते रुक गए हम..🏃🚶
ना जाने क्या भूल गए हम 😯😇
हसते हसते कितनो को सताया हमने.....😀😝
अनजाने में कितनो को रुलाया हमने.....😢😓😩
कडवे शब्दों से कितनो का दिल दुखाया होगा हमने.....😥😪
फिर हसकर गर्व जताया होगा हमने.....😀😝😜😛
दिल शायद नादान था....❤
पाप से भी अनजान था.....💔
आज हर छोटी गलती से तौबा करना है हमें.....🙏👏
ईगो छोड़ कर पर्युषण के पावन पर्व पर.....🙏
क्षमा मांगते है हाथ जोड़कर
🙏🙏 दिल से मिच्छामी दुक्क्डम🙏🙏

गाँधी तुम चाहते तो लालकिले पर भगवा फहरा सकते थे,तुम चाहते तो तिब्बत पर भीझंडा लहरा सकते थे।तुम चाहते तो जिन्ना कोचरणों म...
03/07/2015

गाँधी तुम चाहते तो लालकिले
पर भगवा फहरा सकते थे,
तुम चाहते तो तिब्बत पर भी
झंडा लहरा सकते थे।
तुम चाहते तो जिन्ना को
चरणों में झुकवा सकते थे,
तुम चाहते तो भारत का
बंटवारा रुकवा सकते थे.!
"तुम चाहते तो अंग्रेजोँ का
मस्तक झुकवा सकते थे,
तुम चाहते तो भगतसिंह की
फाँसी रुकवा सकते थे।
इंतजार ना होता इतना
तभी कमल खिलना तय था,
सैंतालिस में ही भारत माँ को
पटेल मिलना तय था.!".
"लेकिन तुम तो अहंकार के
घोर नशे में झूल गए,
गांधीनीति याद रही
भारत माता को भूल गए।
सावरकर से वीरोँ पर भी
अपना नियम जता डाला,
गुरु गोविन्द सिंह और प्रताप
को भटका हुआ बता डाला,
"भारत के बेटोँ पर अपने
नियम थोप कर चले गए,
बोस पटेलों की पीठो में
छुरा घोप कर चले गए।
तुमने पाक बनाया था वो
अब तक कफ़न तौलता है,
बापू तुमको बापू कहने
तक में खून खौलता है.!".
"साबरमती के वासी सोमनाथ
में गजनी आया था,
जितना पानी नहीं बहा
उतना तो खून बहाया था।
सारी धरती लाल पड़ी थी
इतना हुआ अँधेरा था,
चीख चीख कर बोलूंगा मैं,
गजनी एक लूटेरा था.!".
"सबक यहीं से ले लेते तो
घोर घटाए ना छाती,
भगतसिंह फाँसी पर लटके
ऐसी नौबत ना आती।
अंग्रेजो से लोहा लेकर
लड़ना हमें सीखा देते,
कसम राम की
उनकी ईंट से ईंट बजा देते.
"अगर भेड़िया झपटे तो
तलवार उठानी पड़ती है,
उसका गला काटकर अपनी
जान बचानी पड़ती है।
छोड़ अहिंसा कभी-कभी
हिंसा को लाना पड़ता है,
त्याग के बंसी श्री कृष्ण को
चक्र उठाना पड़ता है.!

वन्दे_मातरम जय माँ भारती ...!

Jai Bholenath...
27/05/2015

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342023

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