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15/06/2022
15/06/2022
वीरगति को प्राप्त हुए CDS बिपिन रावत !ॐ शांति 🙏
08/12/2021

वीरगति को प्राप्त हुए CDS बिपिन रावत !

ॐ शांति 🙏

26/04/2019

🌷🔥ओउम्🔥🌷
अश्मा भवतु नस्तनू : ऋग्वेद 6-75-12
हे पुत्र!! तूँ अपने शरीर को वज्र के समान बना

लाघवं कायसामर्थ्यं स्थैर्यं क्लेश-सहिष्णुता।
दोषक्षयो‌‌ऽमनीवृद्धिर्व्यायामादुपजायते।।।

अर्थात्-शरीर को मोटापा से रोकना ( phisicaly fit & Mentely robust)
शरीर के सामर्थ्य को बढ़ाना,
आयु को स्थिर यानि बुढापा को रोकना,
सर्दी-गर्मी, भूख-प्यास, मान-अपमान इत्यादि क्लेश को सहन करने की क्षमता पैदा करना,
वात, कफ, पित्त आदि दोषों का शमन करना,
पाचन शक्ति को तीव्र अर्थात् बढ़ाना ,
ये सभी गुण (quality) व्यायाम से उत्पन्न होते हैं इसलिए जो मनुष्य व्यायाम के लिए समय नही निकालता उसे डॉक्टर औऱ हॉस्पिटल के लिए समय निकालना पड़ता है।।
🌷🙏सुप्रभातम्🙏🌷

अगर आप स्वास्थ्य संबंधित किसी भी प्रकार की सलाह या जानकारी चाहते हैं तो आप हमसे संपर्क कर सकते । मोबाइल नंबर- 9451113835
12/01/2019

अगर आप स्वास्थ्य संबंधित किसी भी प्रकार की सलाह या जानकारी चाहते हैं तो आप हमसे संपर्क कर सकते । मोबाइल नंबर- 9451113835

17/11/2018

अब आपको हमारे muniveda.com की जगह muniveda.in पर स्वास्थ्य से संबंधित सभी जानकारी मिलेगी ।

27/08/2018

तेज रफ्तार भागती जिंदगी ने हमारी रगों में खून की रफ्तार को भी जरूरत से बढ़ा दिया है। खून की यह बेहद तेज रफ्तार हमारी...

पक्षाघात paralysis के रोगी के लिए बहुमूल्य जानकारी और उपचार।paralysis information and treatmentपक्षाघात (लकवा) पैरालिसिस...
22/05/2018

पक्षाघात paralysis के रोगी के लिए बहुमूल्य जानकारी और उपचार।
paralysis information and treatment
पक्षाघात (लकवा) पैरालिसिस में रोगी का आधा मुंह टेढ़ा हो जाता हैं, गर्दन टेढ़ी हो जाती हैं, मुंह से आवाज़ नहीं निकल पाती, आँख, नाक, गाल व् भोंह टेढ़ी पढ़ जाती हैं, ये फड़कते हैं और इनमे दर्द होता हैं। मुंह से लार गिरती रहती हैं।
पक्षाघात paralysis होने के लक्षण
सबसे पहला लक्षण होता हैं के व्यक्ति को बोलने में तकलीफ आती हैं, उसके शब्द टूट टूट कर बाहर आते हैं। काम करते समय सामान हाथो से छूटना, हाथ पैर जवाब दे जाते हैं, ऐसी स्थिति को पक्षाघात होना माना जा सकता हैं।
पक्षाघात paralysis कारण ।
पक्षाघात होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमे प्रमुख हैं हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, बैड कोलेस्ट्रोल के बढ़ने से, या कई बार रोगी को इनमे कोई लक्षण नहीं होते तो उसको ब्लड क्लॉटिंग की वजह से भी पक्षाघात (लकवा) हो सकता हैं।
पक्षाघात paralysis के प्रकार।
शरीर के आधे भाग, दायीं या बायीं तरफ के अंग अपना कार्य बंद कर दे तो इसको अधरंग बोलते हैं।
कई बार रोगी को एक अंग में ही लकवा होता हैं तो जैसे ही लकवे के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत देसी गाय का घी गर्म कर के, अगर घी नहीं हो तो सरसों का तेल गर्म कर के, उस से तुरंत मालिश करे।
हमारे ब्रेन के दो हिस्से हैं दायां और बायां। अगर ये अटैक हमारे बाएं हिस्से में आया हैं तो शरीर का दायां भाग नकारा हो जाता हैं और अगर ये अटैक दायें हिस्से में आया है तो शरीर का बायां भाग नकारा हो जाता हैं, और अगर दोनों भागो में अटैक आ जाए तो पूरा शरीर ही इसकी चपेट में आ जाता हैं।
पक्षाघात paralysis में आयुर्वेद दवा।
अगर पक्षघात दायीं तरफ हैं तो।
अगर शरीर का कोई अंग या शरीर दायीं तरफ से लकवाग्रस्त है तो उसके लिए व्रहतवातचिंतामणि रस ले ले। उसमे छोटी-छोटी गोली (बाजरे के दाने से थोड़ी सी बड़ी) मिलेंगी। उसमे से एक गोली सुबह ओर एक गोली साँय को शुद्ध शहद से लेवें।
अगर पक्षघात बायीं तरफ हैं तो।
अगर कोई भाई बहिन बायीं तरफ से लकवाग्रस्त है उसको वीर-योगेन्द्र रस की सुबह साँय एक एक गोली शहद के साथ लेनी है।
अब गोली को शहद से कैसे ले………? उसके लिए गोली को एक चम्मच मे रखकर दूसरे चम्मच से पीस ले, उसके बाद उसमे शहद मिलकर चाट लें। ये दवा निरंतर लेते रहना है, जब तक पीड़ित स्वस्थ न हो जाए।
क्या खायें।
पीड़ित व्यक्ति को मिस्सी रोटी (चने का आटा) और शुद्ध घी (मक्खन नहीं) का प्रयोग प्रचुर मात्र मे करना है। शहद का प्रयोग भी ज्यादा से ज्यादा अच्छा रहेगा।
क्या ना खायें।
लाल मिर्च, गुड़-शक्कर, कोई भी अचार, दही, छाछ, कोई भी सिरका, उड़द की दाल पूर्णतया वर्जित है।
फल
फल मे सिर्फ चीकू ओर पपीता ही लेना है, अन्य सभी फल वर्जित हैं।
लकवा अर्थात पक्षाघात होने पर निम्नलिखित घरेलु उपचार करने चाहिए।
1. राई, अकरकरा और शहद तीनो ६-६ ग्राम ले, राई और अकरकरा को कूट पीसकर कपड़छान कर ले तथा शहद में मिला ले। इसे दिन में 3-4 बार जीभ पर मलते रहे। लकवे में आराम मिलता हैं।
2. पच्चीस ग्राम छिला हुआ लहसुन पीसकर दूध में उबाले। खीर की तरह गाढ़ा होने पर उतारकर ठंडा होने पर खाए। पक्षघात में बहुत आराम मिलेगा।
3. सौंठ और उड़द उबालकर इसका पानी पीने से लकवा में बहुत आराम आता हैं, यह नुस्खा अनेक लोगो पर आजमाया हुआ हैं।
4. लहसुन की 5-6 कली पीसकर उसे पंद्रह ग्राम शहद में मिलाकर सुबह शाम लेने से लकवा में आराम मिलता हैं।
5. अदरक अथवा सौंठ को महीन पीसकर उसमे सेंधा नमक मिलाकर तत्काल रोगी को सुंघाए। पक्षाघात में आराम मिलेगा।
6. तुलसी की माला कमर में बांधे रखने से पक्षाघात का भय नहीं रहता।
7. उड़द, कौंच के बीज, अरण्ड की जड़, बला, हींग और सेंधा नमक -सभी बराबर मात्रा में लेकर काढ़ा बनाकर रोगी को दे। इस से पक्षाघात में आराम मिलता हैं। हाथ पैर काम करने लगते हैं।
8. अरण्ड का तेल, गंधक, हरड़, बहेड़ा, आंवला और शुद्ध गुग्गल का समान भाग ले कर खूब कूटे, फिर चने के बराबर गोलिया बना ले। एक एक गोली दो तीन बार रोगी को गर्म जल से दे। पक्षाघात खत्म हो जायेगा।
रोगी को रोग की तीव्रता अनुसार इनमे 2 या 3 घरेलु नुस्खे अपनाने चाहिए। और नारायण तेल, लाक्षादि तेल अथवा माषादि तेल की मालिश करना लकवा के रोगी के लिए अत्यंत आवश्यक हैं ।

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30/01/2018

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