SDH Bandikui

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राजकीय उप-जिला चिकित्सालय, बांदीकुई (दौसा)। हमारा संकल्प: स्वस्थ बांदीकुई, खुशहाल बांदीकुई। हम क्षेत्र के नागरिकों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएँ और आपातकालीन चिकित्सा प्रदान करने के लिए समर्पित हैं।
✅ 24/7 आपातकालीन सेवा
✅ निःशुल्क जाँच, ओप्रेशन

24/03/2026

जब आप डॉक्टर के पास जाते हैं तो अपनी बात इस तरह से रखेंगे तो आपका लाभ होगा । ✅
डॉक्टर को बात बेहतर समझ आयेगी, निदान और इलाज सटीक होगा ।

- सबसे पहले जाकर आराम से बैठें। जल्दी में घुसते ही खड़े खड़े ही अपनी दिक्कत बताना शुरू ना करें ।
- आपकी जो मुख्य तकलीफ़ है वो सबसे पहले बतायें । जिसके लिए आप डॉक्टर के पास आये हैं और उसका विवरण ठीक से दें ।
जैसे की सांस फूलती है ।
कब से फूलती है, बैठे बैठे फूलती है या चलने पर फूलती है। डॉक्टर अपने आप आगे के सवाल पूछेगा उसके बारे में वो जितना हो सके सही जवाब देने की कोशिश करें ।
कम ज़रूरी तकलीफ़ें जैसे नींद नहीं आती , लैट्रिन नहीं आती ये सब आख़िरी में बतायें , शुरुआत इससे ना करें ।

- दूसरा कदम है अपनी कोई पुरानी बीमारी है जैसे शुगर , बीपी , थाइरोइड , पुरानी कोई भी लंबी बीमारी या इलाज चला हो , वो बतायें।
- सबसे आखिरी कदम होता है ( जो की आप लोग घुसते ही सबसे पहले करते हैं , और वहीं सब गड़बड़ हो जाती है ) - अपनी रिपोर्ट्स दिखाना , पहले जिस भी डॉक्टर को दिखाया है अगर तो उनके पर्चे दिखाना , उन्होंने क्या बताया वो बताना ।

अगर आप इस क्रम में चलेंगे तो आप की बीमारी की diagnosis बेहतर और जल्दी होगी , कम जाँचों की ज़रूरत पड़ेगी , और इलाज भी बेहतर हो पाएगा।

जो लोग ऐसी बातें करते हैं उनका इलाज कभी भी ठीक से नहीं हो पता - जिनसे पूछो हांजी क्या तकलीफ़ है आपको ? और जवाब आता है ये पर्चे हैं, रिपोर्ट्स हैं देख लो क्या तकलीफ़ है ।

ओरल हेल्थ की अनदेखी केवल दाँतों की समस्या नहीं, बल्कि कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।विश्व ओरल हेल्थ दिवस पर संकल...
23/03/2026

ओरल हेल्थ की अनदेखी केवल दाँतों की समस्या नहीं, बल्कि कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।

विश्व ओरल हेल्थ दिवस पर संकल्प लें — नियमित ब्रश करें, तंबाकू से दूर रहें और समय-समय पर दंत जांच कराएं।

अच्छी ओरल हेल्थ अपनाएं, गंभीर बीमारियों से बचें।



Gajendra Singh Khimsar CMO Rajasthan DIPR, Department of Information & Public Relations, Rajasthan Department of Medical Education, Rajasthan Ministry of Health and Family Welfare, Government of India

19/03/2026
19/03/2026

🏥 राजकीय उपजिला चिकित्सालय, बांदीकुई (दौसा) 🏥
— आवश्यक सूचना: —

बांदीकुई क्षेत्र के समस्त नागरिकों को सूचित किया जाता है कि आगामी तीन दिनों तक राजकीय अवकाश होने के कारण, चिकित्सालय की ओपीडी (OPD) सेवाओं के समय में सरकारी नियमानुसार है।

📅 प्रभावी तिथियां और अवकाश का कारण:

20 मार्च (शुक्रवार): चेटीचण्ड / जमात-उल-विदा

21 मार्च (शनिवार): ईदुल-फितर (ईद)

22 मार्च (रविवार): साप्ताहिक अवकाश

⏰ ओपीडी का समय: प्रातः 09:00 बजे से 11:00 बजे तक (केवल 2 घंटे)

🚨 आपातकालीन एवं अन्य सेवाएं:

चिकित्सालय की आपातकालीन सेवाएं (Emergency) और लेबर रूम बिना किसी बाधा के 24 घंटे निरंतर उपलब्ध रहेंगे।

इन तीन दिनों के दौरान केवल सामान्य ओपीडी ही सीमित समय (9 से 11 बजे) के लिए खुलेगी।

ओपीडी सेवाएं पुनः अपने नियमित समय पर 23 मार्च (सोमवार) से शुरू होंगी।

असुविधा के लिए खेद है। कृपया इस संदेश को अन्य लोगों के साथ साझा करें ताकि किसी को परेशानी न हो।

प्रबंधन,
राजकीय उपजिला चिकित्सालय, बांदीकुई

हम सभी ने यह महसूस किया है।घर में कोई बीमार पड़ता है। हम भागते हैं डॉक्टर के पास। और दिल में एक उम्मीद होती है: "सही डॉक...
19/03/2026

हम सभी ने यह महसूस किया है।

घर में कोई बीमार पड़ता है। हम भागते हैं डॉक्टर के पास। और दिल में एक उम्मीद होती है: "सही डॉक्टर मिल जाए तो सब ठीक हो जाएगा।"

लेकिन डॉक्टर भगवान नहीं होते। और यह उनकी कमज़ोरी नहीं — यही सच्चाई है।

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डॉक्टर विज्ञान के दूत होते हैं — भगवान के नहीं।

और विज्ञान बीमारी के सामने तीन ही जवाब देता है:

🟢 इलाज (Cure) — बीमारी को जड़ से खत्म करना (जैसे इन्फेक्शन, अपेंडिक्स, शुरुआती स्टेज का कैंसर)

🟡 नियंत्रण (Control) — बीमारी को काबू में रखना ताकि ज़िंदगी सामान्य रहे (जैसे शुगर, बीपी, थायरॉइड, अस्थमा)

🔴 आराम (Comfort) — जब ठीक होना संभव न हो, तब दर्द कम करना और इज़्ज़त से जीने में मदद करना (गंभीर और अंतिम अवस्था की बीमारियाँ)

तीनों असली इलाज हैं।
तीनों में डॉक्टर अपना पूरा काम कर रहा होता है।

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लेकिन हम मरीज़ हमेशा एक ही चीज़ चाहते हैं — पूरी तरह ठीक हो जाएँ। बस।

और जब ऐसा नहीं होता?

😤 हम कहते हैं — डॉक्टर ने ध्यान नहीं दिया
😤 दवाई बंद कर देते हैं क्योंकि "अब तो ठीक लग रहा है"
😤 एक के बाद एक डॉक्टर बदलते रहते हैं
😤 ऑपरेशन में कोई दिक्कत आए तो सीधे लापरवाही का आरोप लगा देते हैं
😤 कभी-कभी उन डॉक्टरों पर केस कर देते हैं जिन्होंने सब कुछ सही किया

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दोस्तों, ज़रा सोचिए:

जब शुगर कंट्रोल में है — यही तो दवाई का काम है 💊
जब बीपी दवाई से नॉर्मल है — इसीलिए नॉर्मल है, दवाई बंद मत करो 💊
जब ऑपरेशन के बाद कोई तकलीफ हो

— ज़रूरी नहीं कि डॉक्टर की गलती हो, शरीर हमेशा अनुमान के मुताबिक नहीं चलता 🏥

जब डॉक्टर कहे "यह बीमारी ठीक नहीं होगी लेकिन संभाल सकते हैं" — यह झूठी तसल्ली देने से बेहतर है, यह ईमानदारी है 🩺

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समस्या बुरे डॉक्टर नहीं हैं।
समस्या है — हमारी उम्मीद और हकीकत के बीच की खाई।

और यही एक खाई ले आती है:

— मरीज़ बीच में दवाई छोड़ देते हैं
— बीमारी और बढ़ जाती है
— ईमानदार डॉक्टरों का करियर बर्बाद हो जाता है
— और सबसे ज़्यादा नुकसान — मरीज़ खुद भुगतता है

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तो अगली बार जब डॉक्टर के पास जाएँ, एक सवाल ज़रूर पूछें 👇

"डॉक्टर साहब, मेरे इलाज का लक्ष्य क्या है — पूरी तरह ठीक होना, काबू में रखना, या तकलीफ कम करना?"

यह एक सवाल महीनों की उलझन, झूठी उम्मीद और अनावश्यक लड़ाई से बचा सकता है।

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आपके डॉक्टर ने दस साल से ज़्यादा पढ़ाई की है — सिर्फ इसलिए कि आपको विज्ञान की सबसे अच्छी मदद मिल सके।

उनसे विज्ञान की उम्मीद रखिए। चमत्कार की नहीं।

विज्ञान सच बोलता है।
और जो डॉक्टर आपको सच बताए — वो झूठी तसल्ली देने वाले से हज़ार गुना बेहतर है। 💙

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यह पोस्ट शेयर ज़रूर करें। आपके किसी परिचित को आज इसे पढ़ने की ज़रूरत है। आइए मिलकर डॉक्टर और मरीज़ के बीच भरोसे की नींव रखें — एक ईमानदार बातचीत से। 🙏


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गर्व और सराहना भरा (सबसे बेहतरीन)बड़ी उपलब्धि: बांदीकुई में हुआ सफल टिम्पेनोप्लास्टी ऑपरेशन! 🏥✨अब बड़े शहरों की दौड़ लगा...
16/03/2026

गर्व और सराहना भरा (सबसे बेहतरीन)

बड़ी उपलब्धि: बांदीकुई में हुआ सफल टिम्पेनोप्लास्टी ऑपरेशन! 🏥✨

अब बड़े शहरों की दौड़ लगाने की ज़रूरत नहीं!
उपज़िला चिकित्सालय बांदीकुई में ENT स्पेशलिस्ट डॉ. अरविंद कुमार ने मरीज के कान का जटिल ऑपरेशन (Tympanoplasty) सफलतापूर्वक किया। मरीज लंबे समय से कान बहने और कम सुनाई देने की समस्या से परेशान था।

इतने छोटे केंद्र पर ऐसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य सेवाओं में एक मील का पत्थर है। डॉ. अरविंद और उनकी पूरी टीम को इस शानदार सफलता के लिए बहुत-बहुत बधाई! 👏

🏥 उपजिला चिकित्सालय (SDH), बांदीकुई: मानवता और चिकित्सा का अद्भुत संगम! 🏥बांदीकुई के चिकित्सा इतिहास में आज एक और स्वर्ण...
13/03/2026

🏥 उपजिला चिकित्सालय (SDH), बांदीकुई: मानवता और चिकित्सा का अद्भुत संगम! 🏥
बांदीकुई के चिकित्सा इतिहास में आज एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। डॉ पंकज यादव प्रमुख चिकित्सा अधिकारी उपजिला चिकित्सालय बांदीकुई के नेतृत्व में डॉ. पवन जारवाल एवं उनकी ओटी (OT) टीम ने अपनी सूझबूझ और साहस से एक 7 वर्षीय मासूम बच्चे की दुनिया बदल दी है।

असंभव को संभव कर दिखाया:

🚫 चुनौती: बच्चे के जन्म के दो साल बाद दोनों आँखों से देख नहीं सकता था। जयपुर के बड़े संस्थानों ने भी 'जनरल एनेस्थीसिया' (GA) की फिटनेस न मिलने के कारण ऑपरेशन करने से मना कर दिया था।

✅ साहस: डॉ. पवन जारवाल ने इस गंभीर स्थिति को समझा और बच्चे के भविष्य के लिए 'लोकल एनेस्थीसिया' में ऑपरेशन करने का बड़ा जोखिम (Risk) उठाया।

💰 निःशुल्क सेवा: जहाँ प्राइवेट हॉस्पिटल्स में इस ऑपरेशन के लिए ₹60,000 - ₹70,000 का खर्च बताया गया था, वहीं SDH बांदीकुई में यह ऑपरेशन पूरी तरह निःशुल्क किया गया।

सफलता:
डॉक्टर साहब की कुशलता और ओटी स्टाफ (OT Staff) के बेहतरीन तालमेल से ऑपरेशन सफल रहा और आज बच्चे की फिर से अभी एक आँख में रोशनी आ गई है।

राज्य टीम और WHO ने सराहा:
इस अभूतपूर्व सफलता की जानकारी मिलने पर राज्य स्तरीय मेडिकल टीम ने बांदीकुई पहुंचकर बच्चे और उसके माता-पिता से मुलाकात की। टीम ने अस्पताल प्रशासन और डॉ. जारवाल के साहसपूर्ण निर्णय की जमकर सराहना की। इस केस की गंभीरता और सफलता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 'MAA योजना' के अंतर्गत इस इलाज पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाने का निर्णय लिया है, ताकि इसे एक 'सक्सेस स्टोरी' के रूप में विश्व स्तर पर प्रस्तुत किया जा सके।

उपजिला चिकित्सालय और समस्त स्टाफ को इस पुनीत कार्य और अदम्य साहस के लिए कोटि-कोटि बधाई! आपकी सेवा भावना बांदीकुई के लिए एक मिसाल है। 🙏💐

"असंभव को संभव बनाना ही हमारा संकल्प है"

13/03/2026

🏥 महत्वपूर्ण सूचना: मोतियाबिंद ऑपरेशन फॉलो-अप (Follow-up) जांच 🏥
उपजिला चिकित्सालय (SDH), बांदीकुई के उन सभी सम्मानित मरीजों को सूचित किया जाता है, जिनका मोतियाबिंद का ऑपरेशन पिछले दिनों 12 मार्च 2026 (12-03-2026) को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था।

ऑपरेशन के बाद आँखों की नियमित जांच और बेहतर स्वास्थ्य के लिए आपको फॉलो-अप हेतु अस्पताल आना अनिवार्य है।

📍 स्थान: कमरा नंबर 19, उपजिला चिकित्सालय बांदीकुई
🗓️ दिनांक: 21 मार्च 2026 या 22 मार्च 2026
📝 आवश्यक दस्तावेज़: अपना डिस्चार्ज टिकट (Discharge Ticket) अनिवार्य रूप से साथ लाएँ।

विशेष निर्देश:

धूप से बचाव के लिए काले चश्मे का प्रयोग जारी रखें।

डॉक्टर द्वारा दी गई आई-ड्रॉप्स समय पर डालें।

गले से नीचे स्नान 🚿 कर सकते है आँख में पानी नहीं जाने देवे ।

किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर तुरंत संपर्क करें।

आपका स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता है। कृपया समय पर आकर अपनी आँखों की जांच सुनिश्चित करें।

"स्वस्थ आँखें, सुंदर संसार"
प्रबंधन - उपजिला चिकित्सालय, बांदीकुई

उपजिला चिकित्सालय बांदीकुई में आभा (ABHA) एप्लीकेशन के जरिए ओपीडी पर्ची कटाने की प्रक्रिया बहुत ही सरल और समय बचाने वाली...
10/03/2026

उपजिला चिकित्सालय बांदीकुई में आभा (ABHA) एप्लीकेशन के जरिए ओपीडी पर्ची कटाने की प्रक्रिया बहुत ही सरल और समय बचाने वाली है। इसे "Scan & Share" सेवा कहा जाता है।

यहाँ इसकी चरण-दर-चरण प्रक्रिया दी गई है:

1. ऐप तैयार करें
• सबसे पहले अपने फोन में ABHA (Ayushman Bharat Health Account) ऐप डाउनलोड करें (यह Play Store पर उपलब्ध है)।

• अगर आपने पहले से रजिस्ट्रेशन नहीं किया है, तो अपने आधार कार्ड और उस पर आए OTP के जरिए अपनी आभा आईडी (14 अंकों का नंबर) बना लें।

2. उपजिला चिकित्सालय बांदीकुई का कोड स्कैन करें

• बांदीकुई अस्पताल के ओपीडी काउंटर या मुख्य द्वार पर लगे QR कोड को देखें ।

• अपने मोबाइल में आभा ऐप खोलें और उसमें दिए गए 'Scan QR' बटन पर क्लिक करें।

• अस्पताल के उस विशिष्ट QR कोड को स्कैन करें।

3. प्रोफाइल शेयर करें (Share Profile)
• स्कैन करते ही ऐप आपसे आपकी प्रोफाइल जानकारी (नाम, उम्र, लिंग) अस्पताल के साथ साझा करने की अनुमति मांगेगा।

• 'Share' या 'I Agree' पर क्लिक करें। इससे आपकी जानकारी डिजिटल रूप से अस्पताल के कंप्यूटर सिस्टम (IHMS) में पहुँच जाएगी।

4. टोकन नंबर प्राप्त करें
• प्रोफाइल शेयर करते ही आपके मोबाइल स्क्रीन पर एक 4 अंकों का टोकन नंबर दिखाई देगा। यह टोकन आमतौर पर 30 से 60 मिनट तक मान्य रहता है।

5. काउंटर से पर्ची प्राप्त करें
• अब आपको लंबी लाइन में लगने की ज़रूरत नहीं है। सीधे काउंटर न 4 पर जाएँ।

• वहां मौजूद कर्मचारी को अपना टोकन नंबर दिखाएं।

• कर्मचारी आपके टोकन नंबर को सिस्टम में डालेगा
और तुरंत आपकी प्रिंटेड ओपीडी पर्ची आपको दे देगा।

फायदे:

• आपको घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी जानकारी (नाम, पता आदि) बोलकर लिखवाने की जरूरत नहीं पड़ती।

• डेटा एंट्री में गलती की संभावना खत्म हो जाती है।

• आपका समय बचता है और सारा रिकॉर्ड डिजिटल रहता है।

09/03/2026
06/03/2026

"05 मार्च को मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाले सभी मरीज, आगामी 16 मार्च (सोमवार) को अपनी आँखों की जाँच के लिए सुबह 9:00 बजे कमरा नंबर 19 में डिस्चार्ज टिकट के साथ जरूर पधारें।"

Address

Government Hospitals Bandikui
Bandikui
303313

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