24/03/2026
जब आप डॉक्टर के पास जाते हैं तो अपनी बात इस तरह से रखेंगे तो आपका लाभ होगा । ✅
डॉक्टर को बात बेहतर समझ आयेगी, निदान और इलाज सटीक होगा ।
- सबसे पहले जाकर आराम से बैठें। जल्दी में घुसते ही खड़े खड़े ही अपनी दिक्कत बताना शुरू ना करें ।
- आपकी जो मुख्य तकलीफ़ है वो सबसे पहले बतायें । जिसके लिए आप डॉक्टर के पास आये हैं और उसका विवरण ठीक से दें ।
जैसे की सांस फूलती है ।
कब से फूलती है, बैठे बैठे फूलती है या चलने पर फूलती है। डॉक्टर अपने आप आगे के सवाल पूछेगा उसके बारे में वो जितना हो सके सही जवाब देने की कोशिश करें ।
कम ज़रूरी तकलीफ़ें जैसे नींद नहीं आती , लैट्रिन नहीं आती ये सब आख़िरी में बतायें , शुरुआत इससे ना करें ।
- दूसरा कदम है अपनी कोई पुरानी बीमारी है जैसे शुगर , बीपी , थाइरोइड , पुरानी कोई भी लंबी बीमारी या इलाज चला हो , वो बतायें।
- सबसे आखिरी कदम होता है ( जो की आप लोग घुसते ही सबसे पहले करते हैं , और वहीं सब गड़बड़ हो जाती है ) - अपनी रिपोर्ट्स दिखाना , पहले जिस भी डॉक्टर को दिखाया है अगर तो उनके पर्चे दिखाना , उन्होंने क्या बताया वो बताना ।
अगर आप इस क्रम में चलेंगे तो आप की बीमारी की diagnosis बेहतर और जल्दी होगी , कम जाँचों की ज़रूरत पड़ेगी , और इलाज भी बेहतर हो पाएगा।
जो लोग ऐसी बातें करते हैं उनका इलाज कभी भी ठीक से नहीं हो पता - जिनसे पूछो हांजी क्या तकलीफ़ है आपको ? और जवाब आता है ये पर्चे हैं, रिपोर्ट्स हैं देख लो क्या तकलीफ़ है ।