25/12/2025
AWGP- LITERATURE GURUDEV
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्!
*गायत्री की दैनिक साधना एवं यज्ञ पद्धति*
*दैनिक साधनाक्रम*
*दैनिक हवन*
॥ आरती गायत्री माता की ।॥।
जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता। आदि-शक्ति तुम अलख निरंजन जग पालन कर्त्री | दुःख, शोक, भय, क्लेश, कलह, दारिद्रय दैन्य हर्त्री॥ ब्रह्मरूपिणी, प्रणतपपालिनी, जगतधात्ृ अंबे। भवभयहारी जनहितकारी, सुखदा जगदंबे॥ भयहारिण भव तारिणि अनघे, अज आनंद राशी। अविकारी, अघहरी, अविचलित, अमले अविनाशी॥ कामधेनु सतूचित्ू आनंदा, जय गंगा गीता। सविता की शाश्वती शक्ति तुम सावित्री सीता॥ ऋक, यजु, साम, अथर्व प्रणयिनी, प्रणव महामहिमे। कुंडलिनी सहस्रार, सुषुम्ना शोभा गुण गरिमे॥ स्वाहा, स्वधा, शची, ब्रह्माणी, राधा, रुद्राणी। जय सतरूपा वाणी, विद्या, कमला, कल्याणी॥ जननी हम हैं दीन-हीन, दुःख-दारिद्ध के घेरे। यदपि कुटिल-कपटी, कपूत, तऊ बालक हैं तेरे॥ स्नेह सनी करुणामयी माता ! चरण शरण दीजे। बिलख रहे हम शिशु, सुत तेरे दया दृष्टि कीजै॥ काम क्रोध, मद, लोभ, दंभ, दुर्भाव, द्वेष हरिए। शुद्ध बुद्धि, निष्पाप हृदय, मन को पवित्र करिए॥ तुम समर्थ सब भाँति तारिणी, तुष्टि-पुष्टि त्राता। सत मारग पर हमें चलाओ, जो हे सुख दाता॥ जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता॥
*क्रमशः* *........*
-LITERATUREGURUDEV .
https://archive.org/details/gayatri-ki-dainik-sadhana-evam-yagya-paddhati-pandit-shriram-sharma-acharya/mode/2up
https://www.youtube.com/
A step-by-step guide on how to perform daily gayatri mantra j*p, sadhana and havan, including the preliminary disciplines of pavitrikaran (purification),...