Ojas

Ojas Ojas is a wellness startup whose mission is to spread spirituality and uplift society.

Ojas provides physical and emotional healing services such as Prana chikitsa and yoga-medication to people as well as teaches this technique to new students.

18/01/2026

Have you ever wondered… Why do even successful people feel restless inside? Why can you never escape your own conscience? What if some mistakes can never be erased? Have you ever wondered… Why is conscience the true witness of every action? Have you ever noticed… What if your biggest enemy is not outside — but inside you? A powerful moment that will change how you think about karma forever — and how one careless moment changed the destiny forever.

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*प्रातःकालीन गुरुदेव की अमृतवाणी**गायत्री महाशक्ति* https://youtube.com/shorts/OVHZ8KgpnXY*गायत्री उपासना का माहात्म्य*h...
16/01/2026

*प्रातःकालीन गुरुदेव की अमृतवाणी*

*गायत्री महाशक्ति*
https://youtube.com/shorts/OVHZ8KgpnXY
*गायत्री उपासना का माहात्म्य*
https://youtube.com/shorts/Gh5T3HnwngU

https://www.awgp.org/en/literature/book/gayatri_ka_har_akhshar_shakti_strot/v2.4

This channel is devoted to Pandit Shri Ram Sharma Acharya Ji, the mentor of the Gayatri Pariwar -LITERATUREGURUDEV ...

16/01/2026

*AWGP- LITERATURE GURUDEV*
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्!
*गायत्री साधना की वैज्ञानिक पृष्ठभूमि*
*गायत्री की शक्ति ओर सिद्धि*

गायत्री की असंख्य शक्तियों संसार मे जितना भर वैभव, उल्लास दिखाई पड़ता है या प्राप्त किया जाता है 1 वह शद्ति के मूल्य पर ही मितता है । जिसमे जितनी क्षमता होती है, वह उतना ही सफल होता है ओर उतना ही वैभव उपार्जितं कर तेता है । जीवन मे शविति का इतना महत्वपूर्णं स्थान रह कि उसके विना कोई आनंद नही उठाया जा सकता । यहाँ तक कि अनायास उपलव्य हुए भोगो को भी नही भोगा जा सकता । इद्र मे शक्ति रहम तक ही विषय भोगों का सुख ग्राप्त किया जा सकता है। ये किसी प्रकार अशक्त हो जाएँ तो आकर्षक से आकर्षक भोग भी उपेक्षणीय ओर्‌ घृणास्पद लगते है । नाड़ी संस्थान की क्षमता क्षीण हो जाय तो शरीर का सामान्य क्रियाकलाप भी ठीक तरं नही चल पाता । मानसिक शक्ति घट जाने पर मनुष्य कौ गणना विधिष्तो ओर उपहासास्पदो मे होने लगती है 1 धन-शक्ति न रहमे पर दर-दर का भिखारी वनना पडता है । मिद्र-शवित न रहने प एकाकी जीवन सर्वथा निरीह ओर निरर्थक होने लगता है 1 आत्म-बल न होने पर्‌ प्रगति के पथ पर एक कदम भी यात्रा नही वदती। जीवनोदेश्य को पूर्वि आत्म-वल से रित व्यक्ति के लिए सर्वथा असंभवही है ।

*क्रमशः* *........*
-LITERATUREGURUDEV .
https://ia801506.us.archive.org/23/items/in.ernet.dli.2015.551711/2015.551711.Gayatri-Sadhana_text.pdf

https://www.youtube.com/

AWGP- LITERATURE GURUDEVॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्!*गायत्री की दैनिक साध...
15/01/2026

AWGP- LITERATURE GURUDEV
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्!
*गायत्री की दैनिक साधना एवं यज्ञ पद्धति*
*दैनिक साधनाक्रम*
*दैनिक हवन*
॥ कलशस्थापन॥
३- मङ्गलद्रव्यस्थापन- मन्त्र के साथ कलश में दूर्वा- कुश, पूगीफल- सुपारी, पुष्प और पल्लव डालें। भावना करें कि स्थान और व्यक्तित्व में छिपी पात्रता में दूर्वा जैसे जीवनी शक्ति, कुश जैसी प्रखरता, सुपारी जैसी गुणयुक्त स्थिरता, पुष्प जैसा उल्लास तथा पल्लवों जैसी सरलता, सादगी का संचार किया जा रहा है।
ॐ त्वां गन्धर्वाऽअखनँस्त्वाम्, इन्द्रस्त्वां बृहस्पतिः।
त्वामोषधे सोमो राजा, विद्वान्यक्ष्मादमुच्यत॥ - १२.९८

४- सूत्रवेष्टन- मन्त्र के साथ कलश में कलावा लपेटें। भावना करें कि पात्रता को अवाञ्छनीयता से जुड़ने का अवसर न देकर उसे आदर्शवादिता के साथ अनुबन्धित कर रहे हैं, ईश अनुशासन में बाँध रहे हैं।
ॐ सुजातो ज्योतिषा सह, शर्मवरूथ माऽसदत्स्वः।
वासोऽ अग्ने विश्वरूप œ, सं व्ययस्व विभावसो॥ -११.४०

५- नारिकेल संस्थापन- मन्त्र के साथ कलश के ऊपर नारियल रखें। भावना करें कि इष्ट के चरणों में समर्पित पात्रता सुख- सौभाग्य की आधार बन रही है। यह दिव्य कलश जहाँ स्थापित हुआ है, वहाँ की जड़- चेतना सारी पात्रता इन्हीं संस्कारों से भर रही है।
ॐ याः फलिनीर्या ऽ अफलाऽ, अपुष्पा याश्च पुष्पिणीः। बृहस्पतिप्रसूतास्ता, नो मुञ्चन्त्व œ हसः। -१२.८९
तत्पश्चात् ॐ मनोजूतिर्जुषताम् ० मन्त्र से (दोनों हाथ लगाकर) प्रतिष्ठा करें। बाद में तत्त्वायामि० मन्त्र का प्रयोग करते हुए पंचोपचार पूजन करें और कलशस्य मुखे विष्णुः० इत्यादि मन्त्रों से प्रार्थना करें।

*क्रमशः* *........*
-LITERATUREGURUDEV .
https://archive.org/details/gayatri-ki-dainik-sadhana-evam-yagya-paddhati-pandit-shriram-sharma-acharya/mode/2up

https://www.youtube.com/

A step-by-step guide on how to perform daily gayatri mantra j*p, sadhana and havan, including the preliminary disciplines of pavitrikaran (purification),...

AWGP- LITERATURE GURUDEVॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्!*गायत्री की दैनिक साध...
14/01/2026

AWGP- LITERATURE GURUDEV
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्!
*गायत्री की दैनिक साधना एवं यज्ञ पद्धति*
*दैनिक साधनाक्रम*
*दैनिक हवन*
॥ कलशस्थापन॥

क्रिया और भावना- पाँचों उपचार एक- एक करके मन्त्रों के साथ सम्पन्न करें, उनके अनुरूप भावना सभी बनाये रखें।
१- घटस्थापन- मन्त्रोच्चार के साथ कलश को निर्धारित स्थान या चौकी आदि पर स्थापित करें। भावना करें कि अपने- अपने प्रभाव क्षेत्र की पात्रता प्रभु चरणों में स्थापित कर रहे हैं।
ॐ आजिग्घ्र कलशं मह्या, त्वा विशन्त्विन्दवः। पुनरूर्जा निवर्त्तस्व, सा नः सहस्रं धुक्ष्वोरुधारा, पयस्वती पुनर्मा विशताद्रयिः। -८.४२

२- जलपूरण- मन्त्रोच्चार के साथ सावधानी से शुद्ध जल कलश में भरें। भावना करें कि समर्पित पात्रता का खालीपन श्रद्धा- संवेदना से, तरलता- सरलता से लबालब भर रहा है।
ॐ वरुणस्योत्तम्भनमसि, वरुणस्य स्कम्भसर्जनी स्थो, वरुणस्यऽऋतसदन्यसि, वरुणस्यऽऋत सदनमसि, वरुणस्यऽऋतसदनमासीद॥ - ४.३६

*क्रमशः* *........*
-LITERATUREGURUDEV .
https://archive.org/details/gayatri-ki-dainik-sadhana-evam-yagya-paddhati-pandit-shriram-sharma-acharya/mode/2up

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A step-by-step guide on how to perform daily gayatri mantra j*p, sadhana and havan, including the preliminary disciplines of pavitrikaran (purification),...

14/01/2026
*प्रातःकालीन गुरुदेव की अमृतवाणी**गायत्री साधनाओं की 24 मुद्रा* https://youtube.com/shorts/G73BkyTyKNU*गायत्री के अनुसार...
13/01/2026

*प्रातःकालीन गुरुदेव की अमृतवाणी*

*गायत्री साधनाओं की 24 मुद्रा*
https://youtube.com/shorts/G73BkyTyKNU
*गायत्री के अनुसार 24 मुद्राएं*
https://youtube.com/shorts/dwdazlWWZpg

https://www.awgp.org/en/literature/book/gayatri_ka_har_akhshar_shakti_strot/v2.4

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AWGP- LITERATURE GURUDEVॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्!*गायत्री की दैनिक साध...
13/01/2026

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ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्!
*गायत्री की दैनिक साधना एवं यज्ञ पद्धति*
*दैनिक साधनाक्रम*
*दैनिक हवन*
॥ कलशस्थापन॥

शिक्षण एवं प्रेरणा- कलश को सभी देव शक्तियों, तीर्थों आदि का संयुक्त प्रतीक मानकर, उसे स्थापित- पूजित किया जाता है। कलश को यह गौरव मिला है, उसकी धारण करने की क्षमता- पात्रता से। घट स्थापन के साथ स्मरण रखा जाना चाहिए कि हर व्यक्ति, हर क्षेत्र, हर स्थान में धारण करने की अपनी क्षमता होती है। उसे सजाया- सँवारा जाना चाहिए। उसके लिए उपयुक्त आधार दिया जाना चाहिए।
पात्र में पवित्र जल भरते हैं। श्रद्धा और पवित्रता से भरी- पूरी पात्रता ही धन्य होती है। उसमें मङ्गल द्रव्य डालते हैं। पात्रता को मंगलमय गुणों से विभूषित किया जाना चाहिए। कलावा बाँधने का अर्थ है- पात्रता को आदर्शवादिता से अनुबन्धित करना। नारियल- श्रीफल, सुख- सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। उसकी स्थापना का तात्पर्य है कि ऐसी व्यवस्थित पात्रता पर ही सुख- सौभाग्य स्थिर रहते हैं।

*क्रमशः* *........*
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Bangalore
560011

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