17/06/2021
रोजाना शहद का सेवन करने से त्वचा निखरती है और चमकदार बनती है। डॉक्टरों के मुताबिक शहद में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण कंपाउंड्स हमारे शरीर में कई तत्वों की पूर्ति करते हैं। शहद इतना लाभदायक है कि यह आंखों की रोशनी बढ़ाने में सक्षम है। सर्दी, खांसी और कफ जैसे मौसमी बीमारी से बचने के लिए शहद काम आता है। शहद इतना प्रबल है कि यह अस्थमा और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों से भी मानव शरीर को राहत दिलाता है। बड़े बुजुर्ग यह बताते हैं कि शहद का रोजाना सेवन करने से खून साफ होता है और हृदय संबंधित परेशानियों के रिस्क को यह कम करता है।
सिर्फ इतना ही नहीं शहद की कई और फायदे हैं जो आप लोगों को जानना बेहद जरूरी है।
बालों को मजबूत बनाता है शहद
हमारे शरीर में बाल एक ऐसा हिस्सा है जो हमारी सुंदरता को बढ़ाता है। अगर बाल झड़ने की समस्या है या आपके बाल जरूरत से ज्यादा गिरने लगे हैं तो रोजाना दो चम्मच शहद खाया कीजिए। ऐसा करने से आपके बाल मजबूत होंगे और बाल गिरने की समस्या दूर हो जाएगी।
ऊर्जा का बेहतरीन स्त्रोत
रोजाना शहद खाने से शरीर के अंदर ऊर्जा पैदा होता है और आप लंबे समय तक बिना थके अपना काम निरंतर कर सकते हैं।
मांसपेशियों के लिए फायदेमंद
चुस्त और दुरुस्त रहने के लिए मांसपेशियों का स्वस्थ रहना आवश्यक है। जानकार बताते हैं कि शहद का सेवन करने से हमारी मांसपेशियां मजबूत बनती है।
चमकदार त्वचा के लिए कीजिए शहद का सेवन
शहद हमारी त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद औषधि मानी जाती है। यह हमारे खून को साफ करने के साथ हमारे रंग को निखारता है और हमारी त्वचा को बेहद मुलायम बनाता है। अगर आप अपनी त्वचा को हेल्दी बनाना चाहते हैं तो रोज सुबह ठंडे पानी में शहद मिलाकर पीजिए।
कैंसर के रिस्क को करे कम
शहद के अंदर कई महत्वपूर्ण ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो ट्यूमर के रिस्क को कम करते हैं साथ में शहद का सेवन रोजाना करने से पेट के कैंसर से भी बचा जा सकता है।
एंटीसेप्टिक की तरह काम करता है शहद
शहद एंटीसेप्टिक की तरह काम करता है। अगर आपकी त्वचा कट गई है या जल गई है तो उस पर शहद लगाइए। ऐसा करने से कटी हुई त्वचा या जली हुई त्वचा जल्दी ठीक होती है और किसी तरह का इन्फेक्शन भी नहीं होता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाए
रोज दो चम्मच शहद को हल्के गुनगुने दूध में मिलाकर पीने से शरीर के अंदर इम्युनिटी बढ़ती है। शहद के अंदर एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में कारगर साबित होते हैं।
शहद में जो मीठापन होता है वो मुख्यतः ग्लूकोज़ और एकलशर्करा फ्रक्टोज के कारण होता है। शहद का प्रयोग औषधि रूप में भी होता है। शहद में ग्लूकोज व अन्य शर्कराएं तथा विटामिन, खनिज और अमीनो अम्ल भी होता है जिससे कई पौष्टिक तत्व मिलते हैं जो घाव को ठीक करने और उतकों के बढ़ने के उपचार में मदद करते हैं। प्राचीन काल से ही शहद को एक जीवाणु-रोधी के रूप में जाना जाता रहा है।
शहद एक हाइपरस्मॉटिक एजेंट होता है जो घाव से तरल पदार्थ निकाल देता है और शीघ्र उसकी भरपाई भी करता है और उस जगह हानिकारक जीवाणु भी मर जाते हैं। जब इसको सीधे घाव में लगाया जाता है तो यह सीलैंट की तरह कार्य करता है और ऐसे में घाव संक्रमण से बचा रहता है।
भारत में प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष शहद की खपत लगभग २५ ग्राम होती है जबकि अन्य देशों में इसकी खपत बहुत अधिक है। स्विटजरलैंड और जर्मनी में १.५ कि.ग्रा. से अधिक, अमेरिका में एक कि.ग्रा. तथा फ्रांस, इंग्लैंड, जापान, इटली में २५० ग्राम प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष होती है। भारत में इसे अभी भी औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है तथा ऊर्जा दायक आहार के रूप में इसका प्रचलन नहीं हैं। वर्ष 2005 में चीन, अर्जेंटीना, तुर्की एवं संयुक्त राज्य एफ.ए.ओ के आंकड़ों के अनुसार विश्व के सर्वोच्च प्राकृतिक मधु उत्पादक देश रहे थे। यूरोप में मधु की सर्वाधिक मात्रा तुर्की में (विश्व में तृतीय स्थान) एवं यूक्रेन (विश्व में पांचवां) में उत्पादित हुई।