Dr Gaurav Gupta

Dr Gaurav Gupta HOMOEOPATHIC PHYSICIAN....

कीड़े मारने की दवा लेने के बाद भी कीड़े क्यों बच जाते हैंआइए थोड़ी मुश्किल बात करते हैं।क्योंकि यह सच में आपके बारे में ...
10/12/2025

कीड़े मारने की दवा लेने के बाद भी कीड़े क्यों बच जाते हैं

आइए थोड़ी मुश्किल बात करते हैं।

क्योंकि यह सच में आपके बारे में है — हाँ, आप जिन्होंने सालों से कीड़े मारने की दवाएँ ली हैं, यहाँ तक कि हॉस्पिटल वाली भी... फिर भी किसी तरह कीड़े आपके अंदर ज़िंदा रहने का रास्ता ढूंढ ही लेते हैं।

क्यों?

क्योंकि किसी ने आपको पूरी सच्चाई नहीं बताई।

1. जब आपकी आँत खराब होती है तो कीड़े मारने की दवाएँ काम नहीं करतीं।

अगर आपकी आँतों की परत में सूजन है,
अगर आपका पित्त ठीक से नहीं बह रहा है,
अगर आपके खाने में ज़्यादा चीनी या प्रोसेस्ड खाना है,
..तो आप सचमुच कीड़ों को खाना खिला रहे हैं।

वे ज़िंदा रहते हैं।
वे खुद को ढाल लेते हैं।
वे और मज़बूत होकर वापस आते हैं।

2. कीड़ों को म्यूकोसल डैमेज बहुत पसंद है।

वे आपकी म्यूकोसा में घुस जाते हैं।
वे आपके अंदर ही बच्चे पैदा करते हैं।
वे ऐसे टॉक्सिन छोड़ते हैं जो आपके इम्यून सिस्टम को कन्फ्यूज़ कर देते हैं और आपके डाइजेशन को खराब कर देते हैं।

तो जब तक आप:
— अपनी म्यूकोसा को रीसेट नहीं करते
— अपनी आँतों की परत को ठीक नहीं करते
— अपने अंदर के माहौल को दोबारा नहीं बनाते
— और उन्हें खाना खिलाना बंद नहीं करते...

वे आपकी हर दवा से ज़्यादा समय तक ज़िंदा रहेंगे।

3. इसीलिए आपको अभी भी कीड़ों के लक्षण दिख सकते हैं।

क्योंकि दवाएँ असली समाधान नहीं हैं।
वे कीड़ों को नहीं मार रही हैं —
वे अंदर के इकोसिस्टम को नज़रअंदाज़ कर रही हैं।

कीड़ा समस्या नहीं है।
आपका अंदर का माहौल ही उन्हें बुलावा दे रहा है।

और जब आप आखिरकार उस माहौल पर ध्यान देंगे — कुछ ही दिनों में — आपको बदलाव दिखने लगेगा।

इस तरह से हीलिंग असल में काम करती है।
कोई जादू नहीं।
बस खाना, और अंदर के माहौल को रीसेट करना।

अगर आपका शरीर अजीब चीज़ें कर रहा है जैसे:
— पेट फूलना
— कुछ खाने की बहुत ज़्यादा इच्छा होना
— वज़न कम होना
— थकान
— मुँह से बदबू आना
— रात में कुछ रेंगने जैसा महसूस होना
— अजीब तरह से पॉटी होना

इसे नज़रअंदाज़ न करें।

यह आपके दिमाग का वहम नहीं हो सकता।
यह आपकी आँतों में हो सकता है।

आइए जड़ को ठीक करें।

डाइट प्लान और इलाज लिए संपर्क करना न भूलें। शेयर करें और अपने दोस्तों को टैग करें।

कम समय के लिए फास्टिंग ने मानसिक स्पष्टता और इमोशनल बैलेंस पर अपने हैरान करने वाले असर के कारण ध्यान खींचा है। न्यूरोसाइ...
10/12/2025

कम समय के लिए फास्टिंग ने मानसिक स्पष्टता और इमोशनल बैलेंस पर अपने हैरान करने वाले असर के कारण ध्यान खींचा है। न्यूरोसाइंटिस्ट्स ने पाया है कि जब शरीर लगातार डाइजेशन से ब्रेक लेता है, तो दिमाग एक रिस्टोरेटिव स्टेट में चला जाता है। यह ब्रेक न्यूरोट्रांसमीटर को रीबैलेंस करने, सूजन को कम करने और फोकस और शांति से जुड़े न्यूरल पाथवे को मजबूत करने में मदद करता है। हालांकि फास्टिंग मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों का इलाज नहीं है, लेकिन शुरुआती रिसर्च से पता चलता है कि यह दिमाग को ऐसे तरीकों से सपोर्ट कर सकता है जो एक नेचुरल रीसेट जैसा महसूस होता है।

फास्टिंग के दौरान, दिमाग BDNF का प्रोडक्शन बढ़ाता है, जो एक प्रोटीन है जो न्यूरॉन्स की रक्षा करता है और सीखने, मूड स्टेबिलिटी और लचीलेपन में मदद करता है। BDNF के उच्च स्तर कम क्रेविंग, बेहतर इंपल्स कंट्रोल और बेहतर इमोशनल रेगुलेशन से जुड़े हैं। यही एक कारण है कि कुछ लोग साफ सोच और नशे की लत वाले व्यवहार से जुड़ी कम इच्छाओं की रिपोर्ट करते हैं। फास्टिंग इंसुलिन को स्थिर करने और सूजन वाले मार्करों को कम करने में भी मदद करती है, ये दोनों ही डिप्रेशन और एंग्जायटी को प्रभावित करते हैं।

लगातार एनर्जी लेने से ब्रेक दिमाग को रीकैलिब्रेट करने के लिए जगह देता है। कई लोग बिना खाना खाए कुछ घंटों के बाद हल्का, शांत और अधिक केंद्रित महसूस करते हैं। हालांकि, फास्टिंग को धीरे-धीरे और व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियों के बारे में जागरूकता के साथ करना चाहिए। यह तब सबसे अच्छा काम करता है जब इसे हाइड्रेशन, पोषक तत्वों से भरपूर भोजन, मूवमेंट और सहायक रूटीन के साथ जोड़ा जाता है।

फास्टिंग का मतलब वंचित रहना नहीं है। इसका मतलब है दिमाग को आराम करने और रीसेट करने के लिए एक पल देना। जानबूझकर शांत रहने के छोटे-छोटे पल भी संतुलन और स्पष्टता को बहाल करने में मदद कर सकते हैं।

आपके दिमाग को अक्सर अपनी ताकत वापस पाने के लिए कम शोर की ज़रूरत होती है, ज़्यादा कोशिश की नहीं।

🤰 ORGANS DURING PREGNANCY🔵1 ❤️ Heart works harder🔵2 🫁 Lungs get crowded🔵3 🍽️ Stomach moves up🔵4 🫀 Kidneys work extra🔵5 🤰...
10/12/2025

🤰 ORGANS DURING PREGNANCY

🔵1 ❤️ Heart works harder
🔵2 🫁 Lungs get crowded
🔵3 🍽️ Stomach moves up
🔵4 🫀 Kidneys work extra
🔵5 🤰 Uterus expands big
🔵6 🦴 Ligaments stretch

10/12/2025

डेंगू (Dengue)

कारण ,लक्षण और उपचार

**परिचय**
डेंगू एक वायरल बीमारी है जो *एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti)* नामक मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर दिन के समय अधिक सक्रिय होता है और साफ पानी में पनपता है। डेंगू को साधारण बुखार समझकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है क्योंकि यह *डेंगू हैमरेजिक फीवर* और *डेंगू शॉक सिंड्रोम* का रूप लेकर जानलेवा भी हो सकता है।

# # # डेंगू के कारण

* **डेंगू वायरस (Dengue Virus)** – यह *फ्लैवीवायरस (Flavivirus)* परिवार का है।
* संक्रमित *एडीज एजिप्टी मच्छर* के काटने से यह वायरस मानव शरीर में प्रवेश करता है।
* यह बीमारी व्यक्ति से व्यक्ति में सीधे नहीं फैलती, केवल संक्रमित मच्छर के काटने से ही फैलती है।

# # # डेंगू के लक्षण

डेंगू के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 4–7 दिन बाद दिखाई देते हैं। प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:

* तेज बुखार (104°F तक)
* तीव्र सिरदर्द
* आंखों के पीछे दर्द
* मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द (जिसे *ब्रेकबोन फीवर* भी कहते हैं)
* त्वचा पर लाल चकत्ते (रैशेज)
* मतली और उल्टी
* थकान और कमजोरी
* मसूड़ों से खून आना, नाक से खून आना (गंभीर अवस्था में)
* प्लेटलेट्स की संख्या का घटना

# # # डेंगू की रोकथाम (Prevention)

* आसपास पानी जमा न होने दें (कूलर, गमले, टंकी आदि नियमित साफ करें)।
* मच्छरदानी और मच्छर प्रतिरोधी क्रीम का प्रयोग करें।
* पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
* घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।
* दिन के समय भी मच्छरों से बचाव करें।
* डेंगू रोगी को मच्छर काटने से बचाएं ताकि वायरस दूसरों तक न फैले।

# # # डेंगू की जाँच (Lab Investigations)

1. **एनएस1 एंटीजन टेस्ट (NS1 Antigen Test):** प्रारंभिक दिनों में वायरस की पहचान करता है।
2. **डेंगू एंटीबॉडी टेस्ट (IgM, IgG):** यह एंटीबॉडी की जाँच करके संक्रमण की पुष्टि करता है।
3. **कंप्लीट ब्लड काउंट (CBC):** इसमें प्लेटलेट्स की संख्या और WBC गिनती जाँची जाती है।
4. **हैमाटोक्रिट टेस्ट:** खून की गाढ़ेपन की स्थिति जांचने के लिए।

# # # डेंगू की होम्योपैथिक चिकित्सा (Homeopathic Treatment)

होम्योपैथी में डेंगू के लक्षणों और रोगी की स्थिति के अनुसार दवाइयाँ दी जाती हैं। प्रमुख दवाएँ:

1. **Eupatorium Perfoliatum:**
हड्डियों और जोड़ों में अत्यधिक दर्द, तेज बुखार और कमजोरी होने पर।

2. **Bryonia Alba:**
सिरदर्द, बदन दर्द और हलचल करने पर लक्षण बढ़ने की स्थिति में।

3. **Rhus Toxicodendron:**
शरीर में अकड़न, कमजोरी और बेचैनी होने पर।

4. **Gelsemium:**
अत्यधिक थकान, भारी सिर और ठंड लगने पर।

5. **Belladonna:**
तेज बुखार, सिर में तेज दर्द और चेहरा लाल होने की स्थिति में।

6. **Carica Papaya Q (मदर टिंचर):**
प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाने और रोगी को ताकत देने में सहायक मानी जाती है।

7. **China (Cinchona):**
खून की कमी, कमजोरी और पसीना आने पर उपयोगी।

⚠️ **नोट:** डेंगू में होम्योपैथिक दवाइयाँ केवल *योग्य चिकित्सक की सलाह* अनुसार ही लेनी चाहिए। गंभीर स्थिति में तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना आवश्यक है।

✅ **निष्कर्ष**
डेंगू एक खतरनाक मच्छर जनित बीमारी है जिसे रोकना इलाज से कहीं आसान है। साफ-सफाई, मच्छरों से बचाव और समय पर जाँच करवाना अत्यंत जरूरी है। होम्योपैथी इसके लक्षणों को कम करने और प्लेटलेट्स की संख्या को बनाए रखने में सहायक हो सकती है।

08/12/2025

Meditation not only....

किसी आपात स्थिति के बाद, सुनिश्चित करें कि भोजन सुरक्षित है।यदि भोजन से बदबू आ रही है या वह अलग दिख रहा है (उदाहरण के लि...
30/10/2025

किसी आपात स्थिति के बाद, सुनिश्चित करें कि भोजन सुरक्षित है।

यदि भोजन से बदबू आ रही है या वह अलग दिख रहा है (उदाहरण के लिए, चिपचिपा या फफूंदयुक्त), तो वह मानव उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं है।

4 सबसे आम मुँह के रोग हैं:🔸 दाँतों की सड़न🔸 मसूड़ों की बीमारी🔸 दाँतों का गिरना🔸 मुँह का कैंसरसौभाग्य से, ज़्यादातर मामलो...
30/10/2025

4 सबसे आम मुँह के रोग हैं:
🔸 दाँतों की सड़न
🔸 मसूड़ों की बीमारी
🔸 दाँतों का गिरना
🔸 मुँह का कैंसर

सौभाग्य से, ज़्यादातर मामलों को रोका जा सकता है और शुरुआती चरणों में ही उनका इलाज किया जा सकता है।

30/10/2025

आज कल की सच्चाई जो बीमारी करण बंता जा रहा है

🇮🇳 होम्योपैथी की यह पांच दवाइयां आपके घर में होना बहुत जरूरी है 🙏(घर के छोटे-मोटे रोगों का प्राकृतिक समाधान)🌼 1. Arnica ...
22/10/2025

🇮🇳 होम्योपैथी की यह पांच दवाइयां आपके घर में होना बहुत जरूरी है 🙏
(घर के छोटे-मोटे रोगों का प्राकृतिक समाधान)

🌼 1. Arnica Montana 200 – चोट और थकान की पहली राहत

👉 इसे “होम्योपैथी का Painkiller” कहा जाता है।
अगर गिरने, चोट लगने, या मांसपेशियों में दर्द हो — बस Arnica दे दीजिए।
⚡ फायदे:

चोट या मोच में सूजन कम करे

थकावट और शरीर दर्द में राहत

नींद न पूरी होने से होने वाले दर्द में भी असरदार
💧 2-3 बूंदें पानी में मिलाकर दिन में 2 बार पर्याप्त हैं।

🙏 2. Nux Vomica 30 – पेट के सभी झंझटों का अंत

🍲 अगर खा-पीकर पेट में गड़बड़ हो जाए या गैस, एसिडिटी सताए — यही रामबाण है!
⚡ फायदे:

गैस, पेट दर्द, कब्ज़ में राहत

देर रात जागने या ओवरईटिंग से होने वाली तकलीफ़ में असरदार

चिड़चिड़ापन और तनाव से भी राहत देता है
💧 दिन में 1-2 बार 5 बूंद लें।

🌸 3. Belladonna 30 – अचानक बुखार और सिरदर्द का तारणहार

🔥 अगर तापमान अचानक बढ़ जाए, चेहरा लाल हो जाए, सिर में तेज़ दर्द — तो Belladonna है जवाब।
⚡ फायदे:

अचानक बुखार, वायरल, या गले के दर्द में उपयोगी

सिरदर्द, चक्कर और तेज़ धड़कन में राहत
💧 हर 3 घंटे में 5 बूंद जब तक आराम न मिले।

🌺 4. Rhus Toxicodendron 30 – जोड़ों के दर्द और ठंड से जकड़न में अमृत

🌧️ सर्द मौसम में जब शरीर अकड़ जाए, उठने-बैठने में दर्द हो — यह चमत्कारी दवा काम करती है।
⚡ फायदे:

गठिया, जोड़ों के दर्द और मांसपेशियों की अकड़न में असरदार

बारिश या ठंड से बढ़ने वाले दर्द में राहत
💧 दिन में 2 बार 5 बूंदें पानी में लें।

🌼 5. Aconite Napellus 30 – ठंड से हुए अचानक बुखार में वरदान

❄️ ठंडी हवा या अचानक मौसम बदलने से सर्दी-बुखार हो जाए तो यह सबसे पहली दवा है।
⚡ फायदे:

अचानक बुखार, गले में खराश, जुकाम में राहत

डर, घबराहट और बेचैनी भी शांत करे
💧 हर 2 घंटे में 5 बूंद जब तक आराम न मिले।

🌸 💡 सुझाव:
इन 5 दवाओं को अपने “Natural First Aid Box” में ज़रूर रखें।
ये छोटी दिखती हैं, पर काम बड़ी दवाओं जैसा करती हैं —
बिना साइड इफेक्ट्स, बिना नुकसान, बस प्रकृति की शक्ति से आरोग्य।

तो ऐसी जानकारी के लिये संपर्क करे.

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22/10/2025

रोटी खाने के बाद क्या होता है

🫁 Respiratory Disorders🔴 Respiratory AcidosisCause: CO₂ retention (↓ breathing)Examples: COPD, asthma, sedation, CNS dep...
22/10/2025

🫁 Respiratory Disorders

🔴 Respiratory Acidosis

Cause: CO₂ retention (↓ breathing)
Examples: COPD, asthma, sedation, CNS depressants
Effect: ↑CO₂ → ↓pH → Acidic

🔵 Respiratory Alkalosis

Cause: CO₂ loss (↑ breathing)
Examples: Hyperventilation, panic, anxiety
Effect: ↓CO₂ → ↑pH → Alkaline

🧬 Metabolic Disorders

🔴 Metabolic Acidosis

Cause: ↑ acid or ↓ bicarbonate
Examples: Diarrhea, renal failure, DKA
Effect: ↑H⁺ & ↓HCO₃⁻ → Acidic

🔵 Metabolic Alkalosis

Cause: ↓ acid or ↑ bicarbonate
Examples: Vomiting, NG suction, antacids
Effect: ↓H⁺ & ↑HCO₃⁻ → Alkaline

16/10/2025

Homoeopathic in Pregnancy

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Akbarpur Ambedkar Nagar
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