Child Rights Observatory Madhya Pradesh

Child Rights Observatory Madhya Pradesh CRO is working on Child Rights with focus on Violence against child and Child Marriage, Education in Madhya Pradesh Convention of Child Rights.

Child Rights Observatory, Madhya Pradesh is an independent platform established for sharing insights, experiences, concerns for promoting and monitoring child rights individually or collectively in the State of Madhya Pradesh in consonance with the U.N. Conceptualized with the initiative and support of UNICEF, Child Rights Observatory, Madhya Pradesh (CROMP) aims at monitoring, advocating, lobbying, promoting rights of all children and youth in the state of Madhya Pradesh.

   विधान सभा चुनावों में राजनैतिक दलों के घोषणा पत्रों में बच्चो के मुद्दों  पर विमर्श                                  ...
24/05/2018


विधान सभा चुनावों में राजनैतिक दलों के घोषणा पत्रों में बच्चो के मुद्दों पर विमर्श

चाइल्ड राइट्स ऑब्जर्वेटरी मध्य प्रदेश ने आज प्रदेश के बिभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की एक बैठक आयोजित की जिसमे बच्चों के मुद्दों को अगामी विधान सभा चुनाव के घोषणा पत्रों में शामिल करने पर व्यापक विचार विमर्श हुआ. कार्यक्रम के प्रारंभ में चाइल्ड राइट्स ऑब्जर्वेटरी की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला बुच ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों के मुद्दों को राजनैतिक दलों, सरकार और समाज की प्राथमिकताओं में लाना आवश्यक है और आज का यह कार्यक्रम इसी बात को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि आज के कार्यक्रम में प्राप्त सुझावों को संगृहित कर सभी राजनैतिक दलों को घोषणा पत्र में शामिल करने के लिए भेजा जाएगा और राजनैतिक दल इस सम्बन्ध में जो सहयोग चाहेगें वह चाइल्ड राइट्स ऑब्जर्वेटरी द्वारा दिया जाएगा. चुनाब के पश्च्यात हम सब मिलकर बच्चों से जुड़े मुद्दों की माइक्रो और मेक्रो लेवल पर निगरानी करेगें ताकि किये गए वादों का सफल क्रियान्वयन हो और प्रदेश बच्चों के संधर्भ में बहतर बने.
कार्यक्रम के प्रारंभ में यूनिसेफ के शिक्षा विशेषज्ञ, श्री एफ.ए जामी ने प्रदेश की प्रारंभिक शिक्षा पर केन्द्रित एक प्रस्तुतीकरण करते हुए बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में काफी काम होने के बावजूद अभी शिक्षकों की कमी, उनके प्रशिक्षण, एकल शिक्षक स्कूल और उन्हें गैर-शिक्षकीय कार्यों में लगाये जाने जैसी समस्याएं हैं जिन पर काम किया जाना जरूरी है. यूनिसेफ की स्वास्थ विशेषज्ञ डॉ. वंदना भाटिया ने प्रदेश में स्वास्थ के मुद्दों पर चर्चा करते हुए बताया कि प्रदेश में जन्म से एक माह के अन्दर 32 प्रति हजार नवजात शिशुओं और जन्म से एक बर्ष के अन्दर 47 प्रति हजार शिशुओं की मौत हो जाती है. डॉक्टर भाटिया ने यह भी वताया कि जन्म से एक घंटे के अन्दर नवजात शिशु को माँ का दूध मिलने और सम्पूर्ण टीकाकरण में सुधार के लिए और भी अधिक प्रयास ज़रूरी हैं साथ ही नवजात शिशु म्रत्यु दर पर नियंत्रण के लिए मातृ सुरक्षा देखभाल भी आवश्यक है. यह ऐसे मुद्दे हैं जिन पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है. यूनिसेफ के संचार विशेषज्ञ श्री अनिल गुलाटी ने कहा कि इस बार राजनैतिक दलो चुनाब में बच्चों के मुद्दों पर वोट मांगे.
विशेषज्ञों के प्रस्तुतीकरण के पश्चात् बिभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने चुनाब घोषणा पत्रों में शामिल किये जाने के लिए अपने सुझाब दिए. भारतीय जनता पार्टी की और से स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने कहा कि सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ की दिशा में उल्लेखनीय काम किये हैं जिससे इनसे सम्बंधित संकेतांक बहतर हुए हैं श्री जोशी ने आश्वस्त किया की इस कार्यक्रम के माध्यम से जो सुझाब मिलेगें उन्हें बीजेपी के घोषण पत्र में शामिल करेंगे. लोकतान्त्रिक समाजवादी दल के श्री रघु ठाकुर ने कहा कि सभी बर्गों के लोगों को एक ही सामान शिक्षा मिलना चाहिए.
काँग्रेस पार्टी के और से पुर्व मंत्री श्री राजा पटेरिया ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ से बडा कोई व्यपार नहीं है. इन क्षेत्रों में निजीकरण पर सख्ती से रोक लगाई जाए. सी.पी.आई के सचिव श्री शेलेन्द्र शैली ने सुझाब दिया कि शिक्षा और स्वास्थ का बजट बढ़ाया जाए और रिक्त पद भरें जाएँ. सी.पी.आई.एम के श्री बादल सरोज ने कहा कि बच्चों के नाम पर वोट नहीं मांगे जाते हैं, बच्चों को चुनाबी एजेंडा में लाने और उस पर पालन करने की आवश्यकता है. आम आदमी पार्टी की प्रतिनिधि सुश्री चितरूपा पालित ने कहा कि बालिकाओं के स्कूल दूर होने के कारण बालिकाएं पढ़ने नहीं जाती, उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में बेटियों को पैदा ही नहीं होने दिया जा रहा है.इस बारे में चेतना लाना भी हमारी जिम्मेदारी होना चाहिए. काँग्रेस की और से पूर्व विधायक श्री पी. सी शर्मा, काँग्रेस की प्रवक्ता सुश्री संगीता शर्मा और भाजपा के श्री अनिल सोमित्र ने भी सुझाब दिए. कार्यक्रम में भोपाल के सामाजिक संगठनों की और से श्रीमती अंजली नरोहना,श्रीमती उपासना बेहर, श्री राकेश दीवान और श्री राजेन्द्र कोठारी ने बच्चों से जुड़े मुद्दों पर सुझाब दिए.
सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि वे आज की बैठक में बच्चों के मुद्दों विशेषकर नवजात शिशु देखभाल, शिशु एवं बाल मृत्यु, बाल विवाह,शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षकों की उपलब्धता, बच्चों की सुरक्षा और स्वछता आदि पर जो सुझाब प्राप्त होंगे उन्हें चुनावी घोषण पत्र में शामिल करेगें.

16/05/2018

लैंगिक भेदभाव की वजह से भारत में हर साल पांच साल से कम उम्र की 2,39,000 बच्चियों की मौत हो जाती है. #मेडिकलजर्नललैंसेट की रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि इनमें दो-तिहाई मौतें सिर्फ चार राज्यों-उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश में होती हैं.

05/05/2018

Total 1314 posts of Nursing staff are vacant at PHC and CHCs in M.P

05/05/2018

As on March 2017 total 2174 vacant against sanctioned post of ANM at Sub Centers and PHCs in MP

संसद और विधान सभाओं में महिलाओं के आरक्षण पर विमर्श  %चाइल्ड राइट्स ऑब्जर्वेटरी, महिला चेतना मंच, संगनी जेंडर रिसोर्स से...
27/04/2018

संसद और विधान सभाओं में महिलाओं के आरक्षण पर विमर्श
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चाइल्ड राइट्स ऑब्जर्वेटरी, महिला चेतना मंच, संगनी जेंडर रिसोर्स सेण्टर और सेण्टर फॉर सोशल रिसर्च दिल्ली ने मिलकर संसद और विधान सभाओं में महिलाओं के आरक्षण पर विमर्श का आयोजन पेस्टोरल सेण्टर अरेरा कॉलोनी में आयोजित किया. प्रारंभ में सेण्टर फॉर सोशल रिसर्च की श्रीमती अर्चना झा ने महिला आरक्षण विधियक के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह विधेयक राज्यसभा द्वारा पास होने के बावजूत पिछले 22 बर्षों से लोकसभा में पारित होने के लिए लंबित है. लोकसभा व अन्य विधान सभाएं इसकों पारित करें इसके लिए पूरे देश में अभियान चलाया जा रहा है.
चाइल्ड राइट्स ऑब्जर्वेटरी और महिला चेतना मंच की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला बुच ने इस अबसर पर उपस्थित समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि इस दिशा में जो प्रयास किये जा रहे हैं उनमे अन्य लोगों के साथ साथ महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है. श्रीमती बुच ने कहा कि संसद और विधान सभाओं में पहुचने के पहले यह ज़रूरी है कि महिलायें स्थानीय राजनीति में अपनी जगह सुनिश्चित करें.
कार्यक्रम में होशंगाबाद जिले की ग्राम पंचायत रोहना कि सरपंच श्रीमती मैना राजपूत ने सरपंच बनने के अपने संघर्ष के विषय में बताया और कहा कि अब उन्होंने आस पास के 24 गाँव की महिलाओं का संगठन बनाया है जो उन्हें विभिन्न मंचों पर आगे बढ़ने के अबसर दे रहा है. रायसेन जिले के हरधोट गाँव से आयीं श्रीमती हेमलता प्रजापति ने कहा कि इस पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को राजनिति में स्थापित करना एक लम्बी और कठिन प्रक्रिया है, सब लोग मिलकर ही कोई रास्ता बना सकती हैं. श्रीमती प्रजापति ने यह भी कहा कि जब कोई महिला आगे बढ़ती है तो समाज का पुरुष वर्ग महिला के खिलाफ दुष्प्रचार करता है.
भोपाल नगर निगम की पार्षद श्रीमती सीमा यादव और श्रीमती लक्ष्मी ठाकुर ने स्थानीय राजनीति में अपनी भूमिका से सम्बंधित अनुभब बताते हुए कहा कि राजनीति में महिलाओं कि सक्रियता के लिए परिवार का सहयोग अनिवार्य है. कार्यक्रम में होशंगाबाद, सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ जिलो से आये पंच-सरपंच और स्वयंसेवी संगठनों के 80 प्रतिनिधियों ने भागीदारी की.

24/04/2018

संसद एवं राज्य विधान सभाओं में महिलाओं के आरक्षण विषय पर प्रेस कांफ्रेंस - दिनांक 25 अप्रैल 2018

पंचायती राज कानून (73वें एवं 74वें संविधान संशोधन) के तहत महिलाओं को पंचायत स्तर एवं शहरी निकायों में राजनैतिक भागीदारी दी गई और इसके कई अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं। इसके इतने व्यापक प्रभाव हुए हैं कि इसे “मौन क्रांति” की संज्ञा दी जा रही है परन्तु संसद एवं राज्य विधान सभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए “महिला आरक्षण विधेयक (108 वां संविधान संशोधन विधेयक )” पिछले 22 वर्षों से लंबित है। इस विषय में विमर्श के लिए दिनांक 26 अप्रैल 2018 को एक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है ।

कार्यशाला के पूर्व दिनांक 25 अप्रैल 2018 को 'महिला आरक्षण विधेयक' विषय पर सेन्टर फॉर सोशल रिसर्च , नई दिल्ली , चाइल्ड राइट्स ऑब्जर्वेटरी मध्य प्रदेश एवं भोपाल स्थित अन्य संस्थाओं के द्वारा संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की जा रही है । इस कार्यक्रम में आप सादर आमंत्रित हैं ।

कार्यक्रम से सम्बंधित जानकारी निम्नवत है।

स्थल (Venue) : कांफ्रेंस हाल, महिला चेतना मंच, शिवाजी नगर भोपाल

दिनांक- 25 अप्रैल 2018

समय : दोपहर 12:30 बजे

Organisation updated website -
28/12/2017

Organisation updated website -

Child Right Observatory

स्कूल फोरम शासकीय उत्कृष्ट शाला तराबली झाबुआ की सदस्य कुमारी ममता डामोर के द्वारा, उनके स्कूल में बाउंड्रीबाल न होने के ...
22/12/2017

स्कूल फोरम शासकीय उत्कृष्ट शाला तराबली झाबुआ की सदस्य कुमारी ममता डामोर के द्वारा, उनके स्कूल में बाउंड्रीबाल न होने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को सितम्बर माह सन 2016 में चिट्ठी लिखी थी. उसके अलावा स्थानीय विधायक कान्तिलाल बिलवाल को ज्ञापन भी सौपा गया था. ममता की पहल पर न केवल उसके स्कूल में बाउंड्रीबाल का काम शुरू हो गया है बल्कि अन्य स्कूलों में भी काम शुरू हो गया है. ममता ने तमिलनाडु के कोयम्बतूर में योग की रास्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लिया था , इसके साथ ही तीरंदाजी की कई प्रतियोगिता स्थानीय स्तर पर जीत चुकी है All the best Mamta .

गणेश अहिरवार,जिला रायसेन  ने अपने स्कूल में मध्यान भोजन में थाली की कमी को लेकर प्रधानमन्त्री को पत्र लिखा. बाद में स्कू...
21/12/2017

गणेश अहिरवार,जिला रायसेन ने अपने स्कूल में मध्यान भोजन में थाली की कमी को लेकर प्रधानमन्त्री को पत्र लिखा. बाद में स्कूल में थाली तो आई ही साथ ही सरकार ने पूरे प्रदेश में थाली की कमी को पूरा करने की पहल की. All the best Ganesh .

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