Srsdm Ayurveda

Srsdm Ayurveda रोगी सेवा ही मेरा धर्म है।
DR MK GAHLOT
Ayurveda Consultant | World Record Holder
Founder & Chief Physician – SRSDM Ayurveda

Antibiotics do not treat viral infections such as colds and flu 🤧Always seek advice from a qualified healthcare professi...
21/02/2026

Antibiotics do not treat viral infections such as colds and flu 🤧
Always seek advice from a qualified healthcare professional before taking antibiotics.

यह रही इस समाचार पर आधारित जागरूकता पोस्ट — प्रभावशाली शैली में, हैशटैग सहित:भोजन के समय स्वाद से ज्यादा स्क्रीन को तवज्...
20/02/2026

यह रही इस समाचार पर आधारित जागरूकता पोस्ट — प्रभावशाली शैली में, हैशटैग सहित:
भोजन के समय स्वाद से ज्यादा स्क्रीन को तवज्जो?
आज की पीढ़ी भोजन के साथ मोबाइल, टीवी और स्क्रीन को प्राथमिकता दे रही है।

रिपोर्ट के अनुसार बड़ी संख्या में लोग खाते समय स्क्रीन देखते हैं —
जिससे पाचन, मानसिक शांति और पारिवारिक संवाद प्रभावित हो रहा है।

आयुर्वेद कहता है —
“जब भोजन करें, तो पूर्ण ध्यान भोजन पर हो।”
एकाग्र होकर, शांत मन से, कृतज्ञता भाव से किया गया भोजन ही
शरीर को पूर्ण पोषण देता है।
📌 खाते समय मोबाइल नहीं
📌 अच्छी तरह चबाकर भोजन
📌 शांत वातावरण
📌 परिवार के साथ बैठकर भोजन
यही है स्वस्थ जीवन की सरल शुरुआत।

दिल्ली और अहमदाबाद के डॉक्टरों ने कहा —“घुटना बदलवाना पड़ेगा”लेकिन जोधपुर में आयुर्वेद पंचकर्म सेमरीजों को मिली राहत और ...
20/02/2026

दिल्ली और अहमदाबाद के डॉक्टरों ने कहा —
“घुटना बदलवाना पड़ेगा”
लेकिन जोधपुर में आयुर्वेद पंचकर्म से
मरीजों को मिली राहत और नया जीवन।

जहाँ ऑपरेशन अंतिम विकल्प बताया गया,
वहीं आयुर्वेद ने दिखाया प्राकृतिक उपचार का मार्ग।

संधिवात, घुटनों का दर्द, स्पाइन पेन —
समाधान संभव है, यदि उपचार सही हो।

आयुर्वेद केवल चिकित्सा नहीं,
यह शरीर की पुनर्स्थापना की विज्ञानसम्मत प्रक्रिया है।

यह समाचार देश में एंटीबायोटिक दवाओं के अत्यधिक और गलत उपयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त करता है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिष...
19/02/2026

यह समाचार देश में एंटीबायोटिक दवाओं के अत्यधिक और गलत उपयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त करता है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) को रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू करने की बात कही है।
मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं 👇
🔹 एंटीबायोटिक का दुरुपयोग – बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएँ लेना, बीच में कोर्स छोड़ देना या वायरल बुखार/सर्दी में एंटीबायोटिक लेना खतरनाक है।
🔹 AMR (Antimicrobial Resistance) – जब बैक्टीरिया दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं, तो सामान्य संक्रमण भी गंभीर और जानलेवा हो सकते हैं।
🔹 नई गाइडलाइन – डॉक्टरों को स्पष्ट प्रोटोकॉल के अनुसार ही एंटीबायोटिक लिखने के निर्देश दिए जाएंगे। किस बीमारी में, कितने दिन और किस डोज़ में दवा देनी है—यह वैज्ञानिक आधार पर तय होगा।
🔹 जन-जागरूकता अभियान – मेडिकल स्टोर्स से बिना पर्ची एंटीबायोटिक न देने और लोगों को जागरूक करने पर जोर।
🔹 सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा – यदि दवाओं का दुरुपयोग जारी रहा तो भविष्य में सामान्य ऑपरेशन या संक्रमण का इलाज भी कठिन हो सकता है।
📌 निष्कर्ष:
एंटीबायोटिक जीवनरक्षक दवाएँ हैं, लेकिन विवेकपूर्ण उपयोग ही सुरक्षित है। स्वयं दवा लेना, अधूरा कोर्स करना और बार-बार एंटीबायोटिक लेना—भविष्य के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

एरिथ्रिटोल क्या है?यह एक प्रकार का शुगर अल्कोहल है।आमतौर पर “शुगर-फ्री” उत्पादों—डाइट ड्रिंक, आइसक्रीम, पैकेज्ड फूड—में ...
19/02/2026

एरिथ्रिटोल क्या है?
यह एक प्रकार का शुगर अल्कोहल है।
आमतौर पर “शुगर-फ्री” उत्पादों—डाइट ड्रिंक, आइसक्रीम, पैकेज्ड फूड—में उपयोग होता है।
कम कैलोरी और ब्लड शुगर पर कम प्रभाव के कारण इसे सुरक्षित विकल्प माना जाता रहा है।

संभावित खतरा (रिसर्च के अनुसार)
कुछ शोधों में संकेत मिला कि एरिथ्रिटोल रक्त में थक्का (blood clot) बनने की प्रवृत्ति बढ़ा सकता है।
इससे स्ट्रोक और हृदयाघात का जोखिम बढ़ने की आशंका बताई गई है।

शरीर की प्राकृतिक “क्लॉट तोड़ने की क्षमता” (fibrinolysis) कमजोर पड़ सकती है।

कोशिकाओं में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (free radicals) बढ़ने की संभावना भी व्यक्त की गई है।

शुगर-फ्री हमेशा सुरक्षित नहीं
रिपोर्ट में कहा गया है कि “शुगर-फ्री” का अर्थ पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं है।

अत्यधिक या लंबे समय तक सेवन से मस्तिष्क कार्यक्षमता (सोचने-समझने और याददाश्त) पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

🩺 विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण
यह प्रारंभिक शोध आधारित चेतावनी है; सभी वैज्ञानिक समुदाय में पूर्ण सहमति नहीं होती, परंतु सावधानी आवश्यक है।

मधुमेह या वजन नियंत्रण के लिए कृत्रिम मिठास लेने वाले व्यक्तियों को मात्रा और अवधि पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
संतुलित आहार, प्राकृतिक विकल्प और चिकित्सकीय परामर्श सर्वोत्तम रणनीति है।
यदि आप चाहें तो मैं इसे फेसबुक पोस्ट शैली में, आकर्षक हेडलाइन और हैशटैग सहित भी तैयार कर सकता हूँ।

18/02/2026

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हम ढेरों प्रयास करते है,लेकिन मन को भूल जाते है,उसको स्वस्थ रखने के लिए कभी भी 1% भी प्रयास नहीं करते है।
दोनों स्वस्थ रहेंगे तभी हम स्वस्थ रहेंगे।

18/02/2026
18/02/2026

यह चार्ट आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों के अनुसार कफप्रधान प्रकृति वाले व्यक्तियों के लिए पथ्य आहार को दर्शाता है। कफ दोष का स्वभाव गुरु, शीत, स्निग्ध और मंद होता है, इसलिए यदि व्यक्ति भारी, तैलीय और मधुर आहार अधिक लेता है तो कफ बढ़कर रोग उत्पन्न करता है। वैद्य के अनुभव में ऐसे रोगियों में प्रायः मोटापा, आलस्य, श्वास-कास, प्रमेह, सूजन और पाचन की कमजोरी देखी जाती है।

इसलिए कफ संतुलन हेतु आयुर्वेद हल्का, उष्ण और रूक्ष आहार सुझाता है। जौ, ज्वार, बाजरा, मूंग व मसूर जैसे धान्य अग्नि को प्रदीप्त करते हैं। पालक, मेथी, करेला, मूली जैसी शाक सब्ज़ियाँ कफ को शोषित करती हैं। अनार और पपीता पाचन को सुधारते हैं। सीमित मात्रा में गाय का दूध व छाछ बल प्रदान करते हैं, जबकि गुनगुना जल कफ पिघलाने में सहायक होता है। जीरा, अजवाइन, हींग और इलायची जैसे द्रव्य दीपन-पाचन का कार्य करते हैं।

एक वैद्य के अनुसार औषधि से पहले आहार का सुधार ही वास्तविक चिकित्सा है। जब आहार-विहार कफानुकूल हो जाता है, तब रोग स्वतः नियंत्रित होने लगते हैं—यही आयुर्वेद की सच्ची और स्थायी चिकित्सा पद्धति है।

🧠 कितने फिट हैं आप?बैठने-उठने से लेकर चलने की रफ्तार तक… आपकी असली सेहत रोज़मर्रा की छोटी-छोटी गतिविधियों में छिपी होती ...
18/02/2026

🧠 कितने फिट हैं आप?
बैठने-उठने से लेकर चलने की रफ्तार तक… आपकी असली सेहत रोज़मर्रा की छोटी-छोटी गतिविधियों में छिपी होती है।

आज ही इन 4 आसान टेस्ट से अपनी फिटनेस जांचें 👇

1️⃣ सिटिंग–राइजिंग टेस्ट
बिना सहारे जमीन पर बैठकर उठ पाए? जितना कम सहारा, उतनी बेहतर मसल स्ट्रेंथ और लचीलापन।

2️⃣ वॉकिंग स्पीड असेसमेंट
13 फीट की दूरी सामान्य चाल से कितनी जल्दी तय करते हैं? धीमी चाल कई बार छिपी हुई कमजोरी का संकेत हो सकती है।

3️⃣ ग्रिप स्ट्रेंथ टेस्ट
हाथों की पकड़ आपकी संपूर्ण ताकत और उम्र के साथ मसल हेल्थ को दर्शाती है।

4️⃣ एक पैर पर बैलेंस
10 सेकंड तक एक पैर पर खड़े रह पाए? अच्छा बैलेंस = बेहतर न्यूरो-मस्कुलर कोऑर्डिनेशन।

⚖️ आयुर्वेद के अनुसार भी शरीर की बल, स्थिरता और गति स्वास्थ्य के प्रमुख लक्षण हैं।

अगर ये तीनों संतुलित हैं, तो आप वास्तव में “फिट” हैं।
आज खुद को परखिए।

क्योंकि असली फिटनेस जिम नहीं, जीवनशैली बताती है 💪
💪🔥

18/02/2026
यह पोस्ट बताती है कि हमारा दिमाग बेकार यादों को खुद डिलीट करता है — और यह कोई कमजोरी नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक और समझदार ...
17/02/2026

यह पोस्ट बताती है कि हमारा दिमाग बेकार यादों को खुद डिलीट करता है — और यह कोई कमजोरी नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक और समझदार प्रक्रिया है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, दिमाग जानबूझकर छोटी-छोटी और गैर-जरूरी बातों को हटाता है ताकि वह महत्वपूर्ण जानकारी पर बेहतर ध्यान दे सके।

अगर हम हर छोटी बात को याद रखने की कोशिश करेंगे, तो मानसिक बोझ, तनाव और बेचैनी बढ़ सकती है।

दिमाग पहले जानकारी को अस्थायी स्मृति में रखता है, फिर छांटकर जरूरी बातों को ही लम्बे समय की स्मृति में भेजता है।
भावनाओं से जुड़ी, बार-बार दोहराई गई या जीवन में काम आने वाली बातें अधिक समय तक याद रहती हैं।

गैर-जरूरी सूचनाएं धीरे-धीरे मिट जाती हैं — यही मानसिक सफाई (Mental Cleaning) है।

इसलिए छोटी-मोटी बातें भूल जाना बीमारी नहीं है।

जरूरी यह है कि ध्यान, एकाग्रता और मानसिक संतुलन बना रहे।
स्वस्थ मन ही स्वस्थ जीवन की नींव है। 🧠✨

Address

Near Babosa Temple, Gharsisar Road, Gangashahar
Bikaner
334401

Opening Hours

Monday 9am - 8pm
Tuesday 9am - 8pm
Wednesday 9am - 8pm
Thursday 9am - 8pm
Friday 9am - 8pm
Saturday 9am - 8pm
Sunday 9am - 2pm

Telephone

+918233666311

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Srsdm Ayurveda posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Srsdm Ayurveda:

Share

Share on Facebook Share on Twitter Share on LinkedIn
Share on Pinterest Share on Reddit Share via Email
Share on WhatsApp Share on Instagram Share on Telegram

Category