Life & Ayurveda

Life & Ayurveda Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Life & Ayurveda, Massage service, ghumarwin, Bilaspur.

नाडी/नाड़ी परीक्षानाडी परीक्षा के बारे में शारंगधर संहिता ,भावप्रकाश ,योगरत्नाकर आदि ग्रंथों में वर्णन है । महर्षि सुश्रु...
02/01/2017

नाडी/नाड़ी परीक्षा

नाडी परीक्षा के बारे में शारंगधर संहिता ,भावप्रकाश ,योगरत्नाकर आदि ग्रंथों में वर्णन है । महर्षि सुश्रुत अपनी योगिक शक्ति से समस्त शरीर की सभी नाड़ियाँ देख सकते थे । ऐलोपेथी में तो पल्स सिर्फ दिल की धड़कन का पता लगाती है : पर ये इससे कहीं अधिक बताती है । आयुर्वेद में पारंगत वैद्य नाडी परीक्षा से रोगों का पता लगाते है । इससे ये पता चलता है की कौनसा दोष शरीर में विद्यमान है । ये बिना किसी महँगी और तकलीफदायक डायग्नोस्टिक तकनीक के बिलकुल सही निदान करती है । जैसे की शरीर में कहाँ कितने साइज़ का ट्यूमर है , किडनी खराब है या ऐसा ही कोई भी जटिल से जटिल रोग का पता चल जाता है । दक्ष वैद्य हफ्ते भर पहले क्या खाया था ये भी बता देतें है । भविष्य में क्या रोग होने की संभावना है ये भी पता चलता है ।

- महिलाओं का बाया और पुरुषों का दाया हाथ देखा जाता है ।

- कलाई के अन्दर अंगूठे के नीचे जहां पल्स महसूस होती है तीन उंगलियाँ रखी जाती है ।

- अंगूठे के पास की ऊँगली में वात , मध्य वाली ऊँगली में पित्त और अंगूठे से दूर वाली ऊँगली में कफ महसूस किया जा सकता है ।

- वात की पल्स अनियमित और मध्यम तेज लगेगी ।

- पित्त की बहुत तेज पल्स महसूस होगी ।

- कफ की बहुत कम और धीमी पल्स महसूस होगी ।

- तीनो उंगलियाँ एक साथ रखने से हमें ये पता चलेगा की कौनसा दोष अधिक है ।

- प्रारम्भिक अवस्था में ही उस दोष को कम कर देने से रोग होता ही नहीं ।

- हर एक दोष की भी ८ प्रकार की पल्स होती है ; जिससे रोग का पता चलता है , इसके लिए अभ्यास की ज़रुरत होती है ।

- कभी कभी २ या ३ दोष एक साथ हो सकते है ।

- नाडी परीक्षा अधिकतर सुबह उठकर आधे एक घंटे बाद करते है जिससे हमें अपनी प्रकृति के बारे में पता चलता है । ये भूख- प्यास , नींद , धुप में घुमने , रात्री में टहलने से ,मानसिक स्थिति से , भोजन से , दिन के अलग अलग समय और मौसम से बदलती है ।

- चिकित्सक को थोड़ा आध्यात्मिक और योगी होने से मदद मिलती है . सही निदान करने वाले नाडी पकड़ते ही तीन सेकण्ड में दोष का पता लगा लेते है । वैसे ३० सेकण्ड तक देखना चाहिए ।

- मृत्यु नाडी से कुशल वैद्य भावी मृत्यु के बारे में भी बता सकते है ।

- आप किस प्रकृति के है ? --वात प्रधान , पित्त प्रधान या कफ प्रधान या फिर मिश्र ? खुद कर के देखे या किसी वैद्य से पता कर के देखिये ।

यह सब हमारी हताशा को दर्शाता है आपका कमेंट क्योंकि हम उन्हें ही डॉक्टर या वैध मानते हैं जिनके बड़े बड़े होर्डिंग लगते हैं या जो टीवी चैनलों पर airtime खरीदकर nari vaid होने का दावा करते हैं

यह भी सच है कि आजकल नाड़ी वैद्य paya lupt हो गए हैं क्योंकि आजकल की पढ़ाई किताबों में कराई जाती है कंप्यूटर में कराई जाती है

प्रेक्टिकल नॉलेज ना के बराबर है केवल पैसा ही लक्ष्य बन चुका है

सबसे बड़ी बात अगर is चिकित्सl चिकित्सा को दोबारा लागू करवाना है तो स्कूल कॉलेजों में लाखों रुपए में डॉक्टर बनाने बंद करने होंगे फ्री की चिकित्सा प्रणाली याalp मूल्य पर शिक्षण संस्थान बनाने होंगे आश्रमों की तरह तभी हम इस पद्धति को जीवित रह पाएंगे अंयथा तो यह् lupt ही हो गई है समझ लीजिए

सबसे ज्यादा इस पद्धति को नुकसान आजकल के स्वयंभू वेदो जैसे आश्रमों में बिकने वाली दवाइयों ने इस पद्धति को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया है क्योंकि अनाड़ी वेदों को बैठाकर जब वह लोगों का निदान नहीं कर पाते तो इस पद्धति से लोगों का विश्वास उठना स्वभाविक है

बड़े-बड़े आश्रमों में जितने भी चिकित्सक बैठे होते हैं सब अनाड़ी है इनमें से कोई भी सही तरीके से रोग का निदान कर ही नहीं पाता जब निदान ही नहीं होगा तो रोग से मुक्ति कैसे संभव होगी इस पोस्ट को डालने का मूल उद्देश्य यही है कि अगर कहीं ऐसे वैद्य छुपे बैठे हो तो उन्हें सामने लाया जाए


वैद्य राजेंद्र कुमार +919882253088

12/11/2016

कब्ज़ के आयुर्वेदिक उपचार

आयुर्वेद के अनुसार:

कब्ज़ शरीर में वात के बढ़ने से होती है।
आयुर्वेद के अनुसार वात प्रकृति वाले व्यक्तियों को कब्ज़ होने की संभावना ज्यादा रहती है।
आयुर्वेद के अनुसार कब्ज़ का मूलभूत कारण हमारा भोजन है। अगर भोजन में फाइबर और तरल पर्दार्थों की कमी होगी तो हमारे मल को शरीर से बाहर निकलने में परेशानी होगी ।

आयुर्वेदिक उपचार

कड़ा कब्ज़

हल्के गर्म तिल के तेल से अनिमा (E***a) लेने पर कड़े कब्ज़ में तुरन्त राहत मिलती है।
तिल के तेल से पेट पर मालिश करने से भी कब्ज़ में आराम मिलता है।
ग्लिसरीन से पेट पर मालिश करने से भी कब्ज़ में आराम मिलता है।

पुरानी कब्ज़

त्रिफला के सेवन से पुरानी कब्ज़ में बहुत आराम मिलता है।
रात को सोते वक्त 5 ग्राम (एक चम्मच भर) त्रिफला चुर्ण हल्के गर्म दूध अथवा गर्म पानी के साथ लेने से कब्ज़ दूर होती है।
त्रिफला व ईसबगोल की भूसी दो चम्मच मिलाकर शाम को गुनगुने पानी से लें इससे कब्ज़ दूर होती है।

वात युक्त शरीर

वात युक्त शरीर वालों के लिए हल्के गर्म तिल के तेल से अनिमा लेने पर कब्ज़ में तुरन्त राहत मिलती है।
रात को सोते समय दूध के साथ अलसी के बीज़ लेना लाभकर होता है।

पित्त युक्त शरीर

पित्त युक्त शरीर वालों में कब्ज़ का मूल कारण शरीर में पित्त की अधिकता के कारण इन्फ्लेमेशन का होना है।
पित्त युक्त शरीर में पेट और छोटी आँत, दो ऐसी जगह है जहाँ पित्त दोष का असर सबसे ज्यादा होता है।
नीम पित्त दोष के लिए एक बहुत उपयुक्त जड़ी बूटी है। इसके उपयोग से पित्त दोष में आराम मिलता है और छोटी आँत की इन्फ्लेमेशन कम होती है जिस कारण वहाँ से मल को आगे बढ़ने में आसानी होती है।

कफ युक्त शरीर

कफ युक्त शरीर वालों के लिए शरीर में कफ को नियंत्रित करने वाले आहार पर जोर दिया जाता है।
बासमती चावल, कच्ची सब्जियाँ और फ़ल जैसे की सेब, केला, अंगूर का सेवन लाभदायक होता है।
कफ युक्त शरीर वालों को कभी भी जुलाब प्रेरक प्रदार्थ नही लेना चाहिये।
अपने भोजन में उन पर्दार्थो का समावेश करें जिनमे फाइबर अधिक होता है।

07/11/2016

बवासीर

बवासीर का इलाज क्या है? पाइल्स क्या है? जब शरीर के निचले रेक्टम की तरफ गूदे में सूजन हो जाए तो यह बवासीर का रूप ले सकती है। इन्हें पाइल्स या हेमोर्रोइड्स भी कहा जाता है। बवासीर दो तरह की होती है-भीतरी एवं बाहरी। भीतरी बवासीर की दशा में अंदरूनी रक्तपात होता है जिसमें दर्द नहीं होता। बाहरी बवासीर में इंसान को दर्द महसूस होता है क्योंकि इसमें गूदे में सूजन की वजह से काफी पीड़ा होती है। बवासीर के कई कारण हो सकते हैं जिनमें प्रमुख हैं वंशानुगत दशा,खानपान सही न होना, फाइबर की कमी गूदे की कैविटी में असामान्य बढ़ोत्तरी ,लम्बे समय तक बैठे रहना और कब्ज़ की समस्या। बवासीर को ठीक करने के लिए नीचे दिए गए घरेलू उपचारों में से किसी का भी सहारा लिया जा सकता है।

बवासीर के लक्षण

रक्त की मौजूदगी एक ऐसा लक्षण है, जो हमेशा बवासीर की स्थिति में दिखता है। अगर आपको अंदरूनी बवासीर है तो आपको टॉयलेट पेपर (toilet paper) पर खून दिख सकता है। पर अगर आपको बाहरी बवासीर है, तो आपके मलाशय के पास खून का थक्का या सूजन जमी देखी जा सकती है।

क्यों होती है बवासीर

1. बवासीर होने की कई वजह होती है जिसमें से एक है अधिक देर तक एक जगह कुर्सी पर बैठे रहना।
2. दूसरा कारण है ज्यादा तेज मिर्च मसालों का अधिक सेवन करना।
3. देर तक किसी गाड़ी में बैठे रहना या मोटर बाईक चलना।
4. मोटापे का कारण भी बवासीर का मुख्य कारण बन सकता है।
5. अधिक शराब का का सेवन करना।
6. निराहार उपवास करने वाले लोगों को भी पाइल्स हो सकता है।
7. गर्भावस्था के दौरान आखरी के तीन महीनों में गर्भवती को बवासीर हो सकता है।
8. मल त्याग करते समय अधिक तेजी से प्रेश लगाना।
9. अधिक देर तक रात में काम करना।
10.जो लोग पानी का सेवन कम करते हैं उन्हें भी पाइल्स हो सकता है।
11. टेंशन और मानसिक रोग भी बवासीर का कारण बन सकता है।
यह पूरी तरह से कहा जा सकता है कि जब शरीर से निकलने वाला मल के रास्ते में रूकावट आती है और वह दर्द उत्पन्न करती है तो उसे बवासीर कहा जाता है।

बवासीर ठीक करने केलिए

बवासीर में परेशानी होती है इसलिए परहेज करना जरूरी है। बवासीर के दर्द से इंसान की जीना मुशकिल हो जाता है। इसलिए आप धीरे-धीरे अपनी आदतों को बदलें और इन आयुवेर्दिक तरीकों का प्रयोग करें।

बवासीर का आयुर्वेदिक इलाज के लिए मिले
दूरभाष नम्बर +919882253088

05/11/2016

उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन

उच्च रक्तचाप से दिल की बीमारी, स्ट्रोक और यहां तक कि गुर्दे की बीमारी होने का भी खतरा रहता है। उच्च रक्तचाप के लिए मेडीकल पर बहुत ज्यादा भरोसा करना सही है, इससे आप ठीक भी हो जाएंगे, लेकिन अधिक समय तक यह उपचार लाभकारी नहीं होता है। जब तक आप दवा खाते रहेगें, तब तक आराम रहेगा। बाजार में उच्च रक्तचाप के लिए कई दवाईयां उपलब्ध हैं, जो हाई ब्लड़ – प्रेशर को कंट्रोल कर लेती है लेकिन ज्यादा दवाई खाना भी सेहत के घातक है, एक समय के बाद दवाईयों का असर धीमा पड़ने लगता है। इसलिए उच्च रक्तचाप के मामले में हर्बल उपचार हीं लाभकारी होता है।
उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन का आयुर्वेदिक इलाज के लिए मिले
दूरभाष नम्बर +919882253088

05/11/2016

Address

Ghumarwin
Bilaspur
174028

Telephone

+919882253088

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Life & Ayurveda posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Share on Facebook Share on Twitter Share on LinkedIn
Share on Pinterest Share on Reddit Share via Email
Share on WhatsApp Share on Instagram Share on Telegram