27/12/2025
“यत्र विश्वासः, तत्र जीवनम्”
(जहाँ विश्वास होता है, वहीं जीवन की विजय होती है)
वेंटिलेटर सपोर्ट पर अत्यंत गंभीर एवं अचेत अवस्था में वाराणसी से लाए गए श्री सुजीत कुमार सिंह जी के लिए जब अन्य अस्पताल में “बचने की संभावना नगण्य” बता दी गई, तब उनके परिजनों के लिए आशा की अंतिम किरण बना के एम मेमोरियल हॉस्पिटल।
अत्यंत नाजुक स्थिति में मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर बोकारो के के एम मेमोरियल हॉस्पिटल लाया गया। चिकित्सकीय दृष्टि से यह एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन परिजनों के विश्वास और हमारी टीम के संकल्प ने इस चुनौती को संजीवनी बना दिया। हर क्षण की सतत निगरानी, समय पर लिए गए निर्णायक निर्णय और टीमवर्क के साथ उपचार आगे बढ़ाया गया।
क्रिटिकल केयर टीम ने पूरे साहस और निष्ठा के साथ उपचार की बागडोर संभाली। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और सपोर्ट टीम के समन्वित प्रयासों ने यह सिद्ध कर दिया कि जब सेवा और समर्पण साथ हों, तो असंभव भी संभव हो जाता है।
आज हमें यह बताते हुए अत्यंत हर्ष और गर्व का अनुभव हो रहा है कि— वही मरीज अब पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने घर लौट रहे हैं।
यह सफलता केवल चिकित्सा की नहीं,यह विश्वास, साहस और अथक परिश्रम की विजय है।
इस पूरे उपचार अभियान के पीछे हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक सह समाजसेवी डॉ विकास पांडे जी का स्पष्ट, दृढ़ और मानवीय नेतृत्व रहा। उनका मानना है—
“चिकित्सा केवल तकनीक नहीं, यह करुणा, उत्तरदायित्व और धर्म का समन्वय है।”
डॉ. पांडेय जी के मार्गदर्शन में अस्पताल की पूरी टीम इस सिद्धांत पर कार्य करती है—
“न हि धर्मात् परो लाभः”
(धर्म से बढ़कर कोई लाभ नहीं)
उन्होंने पुनः दोहराया कि मरीज के इलाज में किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं है और बोकारो जैसे शहर में भी महानगरों के समकक्ष उन्नत, नैतिक एवं संवेदनशील चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराना ही के एम मेमोरियल हॉस्पिटल का संकल्प है।
के एम मेमोरियल हॉस्पिटल -
जहाँ इलाज केवल प्रक्रिया नहीं, उम्मीद को जीवन में बदलने का संकल्प है !!
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