28/02/2026
रंगोत्सव की वास्तविक शुरुआत केवल रंगों के स्पर्श से नहीं, बल्कि हृदयों के मिलन, आपसी सौहार्द, प्रेम और सामाजिक समरसता की भावना से होती है |
होली केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक एकात्मता का प्रतीक है—जहाँ वैमनस्य मिटता है, संवाद सशक्त होता है और समाज एक नई सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लेता है |
इस पुनीत अवसर पर बक्सर सदर के गोलंबर स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित होली मिलन समारोह में सम्मिलित होकर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित किया |