26/10/2025
घुटनों का दर्द कैसा होता है, ये मुझसे बेहतर कौन जानेगा। 😥 एक-एक कदम उठाना पहाड़ जैसा लगता था, ज़िंदगी जैसे रुक सी गई थी। चलना-फिरना तो बस एक सपना बनकर रह गया था।
लेकिन आज मैं उस दर्द से आज़ाद हूँ। ये सब में डॉ. अतुल मल्होत्रा सर की वजह से हुआ है। आपकी 'नी रिसर्फेसिंग' सर्जरी ने मुझे नई ज़िंदगी दी है। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!🙏