16/12/2025
वेरिकोज वेन्स क्या है?
वेरिकोज वेन्स ज्यादातर पैरों में देखने को मिलती हैं हाथों में उतनी आम नहीं है लेकिन कभी कभी हो जाती हैं।
उभरी हुई मूडी हुई और नीली/ बैंगनी नसें होती हैं जो खराब रक्त संचार के कारण बनती हैं जब नसों के वाल्व ठीक से काम नहीं करते और खून जमा होने लगता है जिससे दर्द खुजली और जलन हो सकती है और ये अक्सर पैरों में दिखती है या कभी कभी हाथों में भी दिखती हैं।
वेरिकोज वेन्स के कारण
वेरिकोज वेन्स के कुछ सामान्य कारण
• मोटापा
•आनुवांशिकी
• लंबे समय तक खड़े रहने
से
• बढ़ती हुई उम्र
• हार्मोनल परिवर्तन
• गर्भावस्था
वेरिकोज वेन्स के लक्षण
• त्वचा के नीचे उभरी हुई मूडी हुई नीले और बैंगनी रंग की नसे
• नसों के आसपास खुजली जलन और भारीपन महसूस होता है।
• ज्यादा खुजलाने पर घाव बन जाते हैं।
वेरिकोज वेन्स का होम्योपैथी उपचार
एसिड फ्लोर -
लंबे समय से मौजूद वेरिकोज वेन्स जिसमें खुजली, जलन और अल्सर बनने की प्रवृत्ति हो।
पल्सेटिला -
इस दवा का उपयोग ज्यादातर महिलाओं में गर्भावस्था के समय होने वाली वेरिकोज वेन्स में किया जाता है वेन्स सूजी हुई होती है गर्मी से बैठने से दिक्कत बढ़ जाती है खुली हवा या ठंडी हवा में बेहतर महसूस होता है।
हैमामेलिस -
नसों में सूजन भारीपन जलन के साथ साथ रक्तस्राव होने पर उपयोग की जाती है।
कैल्केरिया फ्लोरिका -
गांठदार सूजी हुई नीले रंग की नसे जो lbe समय से मौजूद है।
आर्निका -
इस दवा का उपयोग तब किया जाता है जबकि उस जगह पर चोट दर्द और जकड़न की शिकायत हो।
होम्योपैथी चिकित्सा में केवल वेरिकोज वेन्स का इलाज नहीं किया जाता बल्कि रोगी का इतिहास उसकी जीवनशैली और लक्षणों के आधार पर दवा का सिलेक्शन किया जाता है जिससे रक्त संचार में सुधार होता है साथ ही नसे मजबूत होती हैं।
नोट:- यह पोस्ट केवल सामान्य जानकारी के लिए है कोई भी होम्योपैथी मेडिसिन लेने से पहले अपने आस पास के किसी होम्योपैथ से कंसल्ट जरूर करें। स्वयं से दवा न लें।