24/04/2026
एचपीवी वैक्सीनेशन बढाने के लिए विशेष अभियान आज से
- सभी बीसीएमओ को निर्देश जारी
दौसा, 24 अप्रैल। जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करने तथा स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 24 अप्रैल से 31 अप्रैल तक अभियान चलाकर सात दिवसीय विशेष एचपीवी वैक्सीनेशन सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान के माध्यम से 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र बालिकाओं को निःशुल्क टीकाकरण कर सुरक्षा कवच प्रदान किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ सीताराम मीणा ने बताया कि जिले में 28 फरवरी से एचपीवी टीकाकरण शुरू किया गया था। अब अभियान के संबंध में भी सभी बीसीएमओ को निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि यह सत्र पूर्व निर्धारित वैक्सीनेशन केन्द्रों पर होंगे।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीएल मीणा ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन बालिकाओं को भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु प्रभावी सुरक्षा प्रदान करती है। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसकी रोकथाम समय पर टीकाकरण से संभव है। अभियान के तहत जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा निर्धारित टीकाकरण सत्र स्थलों पर वैक्सीनेशन किया जाएगा। इसके लिए सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में अध्ययनरत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं की सूची तैयार कर उन्हें टीकाकरण हेतु प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा समुदाय स्तर पर पात्र बालिकाओं को टीकाकरण केंद्रों तक लाने के लिए जागरूकता एवं मोबिलाइजेशन कार्य किया गया है।
सीएमएचओ डाॅ मीणा ने बताया कि अभियान के सफल संचालन हेतु सभी चिकित्सा संस्थानों पर आवश्यक दवाइयों, प्रशिक्षित स्टाफ, एईएफआई किट एवं एनाफाईलेक्सिस किट की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों को निर्धारित सत्र स्थल पर भेजकर एचपीवी टीका अवश्य लगवाएं, ताकि उन्हें गंभीर बीमारी से सुरक्षित भविष्य मिल सके। अभियान में सीबीईओ, प्रधानाचार्य और जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी लिया जाएगा। उन्होंने सभी बीसीएमओ को निर्देशित किया है कि वे अपने अधिनस्थ सभी सीएचओ, एएनएम और आशा सहयोगनियों को लक्ष्य आवंटित कर वैक्सीनेशन कराना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि प्रत्येक सत्र पर कम से कम 50 बालिकाओं को वैक्सीनेशन का लाभ मिले।