Ayurvedic Cures - आयुर्वेदिक नुस्खे

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Ayurvedic Cures - आयुर्वेदिक नुस्खे india's first ayurveda page with lots of healthy and useful informations regarding our holy ancient pathy; added the new gen helping health informations too..

29/08/2018

*शयन के नियम*
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1. सूने घर में अकेला नहीं सोना चाहिए। देवमन्दिर और श्मशान में भी नहीं सोना चाहिए। *(मनुस्मृति)*
2. किसी सोए हुए मनुष्य को अचानक नहीं जगाना चाहिए। *(विष्णुस्मृति)*
3. विद्यार्थी, नौकर औऱ द्वारपाल, ये ज्यादा देर तक सोए हुए हों तो, इन्हें जगा देना चाहिए। *(चाणक्यनीति)*
4. स्वस्थ मनुष्य को आयुरक्षा हेतु ब्रह्ममुहुर्त में उठना चाहिए। *(देवीभागवत)*
बिल्कुल अंधेरे कमरे में नहीं सोना चाहिए। *(पद्मपुराण)*
5. भीगे पैर नहीं सोना चाहिए। सूखे पैर सोने से लक्ष्मी (धन) की प्राप्ति होती है। *(अत्रिस्मृति)*
टूटी खाट पर तथा जूठे मुंह सोना वर्जित है। *(महाभारत)*
6. नग्न होकर नहीं सोना चाहिए। *(गौतमधर्मसूत्र)*
7. पूर्व की तरफ सिर करके सोने से विद्या, पश्चिम की ओर सिर करके सोने से प्रबल चिन्ता, उत्तर की ओर सिर करके सोने से हानि व मृत्यु, तथा दक्षिण की तरफ सिर करके सोने से धन व आयु की प्राप्ति होती है। *(आचारमय़ूख)*
8. दिन में कभी नही सोना चाहिए। परन्तु ज्येष्ठ मास मे दोपहर के समय एक मुहूर्त (48 मिनट) के लिए सोया जा सकता है। *(जो दिन मे सोता है उसका नसीब फुटा है)*
9. दिन में तथा सुर्योदय एवं सुर्यास्त के समय सोने वाला रोगी और दरिद्र हो जाता है। *(ब्रह्मवैवर्तपुराण)*
10. सूर्यास्त के एक प्रहर (लगभग 3 घंटे) के बाद ही शयन करना चाहिए।
11. बायीं करवट सोना स्वास्थ्य के लिये हितकर हैं।
12. दक्षिण दिशा में पाँव करके कभी नही सोना चाहिए। यम और दुष्टदेवों का निवास रहता है। कान में हवा भरती है। मस्तिष्क में रक्त का संचार कम को जाता है स्मृति- भ्रंश, मौत व असंख्य बीमारियाँ होती है।
13. ह्रदय पर हाथ रखकर, छत के पाट या बीम के नीचें और पाँव पर पाँव चढ़ाकर निद्रा न लें।
14. शय्या पर बैठकर खाना-पीना अशुभ है।
15. सोते सोते पढना नही चाहिए।
16. ललाट पर तिलक लगाकर सोना अशुभ है। इसलिये सोते वक्त तिलक हटा दें।

अगर कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो कभी बीमार नहीं पड़ेंगे !
28/08/2018

अगर कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो कभी बीमार नहीं पड़ेंगे !

दो शानदार और आसान नुस्खे... ==========================(1) भोजन करने से दस पनद्रह मिनट पहले अदरक के छोटे से पतले टुकडे को...
28/08/2018

दो शानदार और आसान नुस्खे...
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(1) भोजन करने से दस पनद्रह मिनट पहले अदरक के छोटे से पतले टुकडे को नीबू के रस में डुबोएं और एक चुटकी सेंधा नमक डाल कर अच्छी तरह से चबा कर खा लें. आप ऐसा दोनों समय के भोजन के पूर्व कर सकते हैं

लाभ---- भूख खुलकर लगेगी क्योंकि जठराग्नि प्रबल हो जाती है. खाया हुआ बहुत जल्दी पचेगा. इस प्रयोग से हृदय भी मजबूत और स्वस्थ बना रहेगा, और निराशा व अवसाद से छुटकारा पाने में सहायता मिलेगी. जिन्हें भोजन के बाद घबराहट की समस्या होती है उनके लिए बहुत अच्छा उपाय है ध्यान रखें शुद्ध सेंधा नमक ही इस्तेमाल करना है

(2) पान का एक स्वस्थ पत्ता लेकर उसमे जरा सा शहद लगायें और पांच दाने काली मिर्च डालकर लपेट लें और चबाकर रस निगलें. यह प्रयोग सुबह खाली पेट करें और इसके एक घंटे तक कुछ भी न खाएं पियें. अधिक गर्मियों में यह प्रयोग न करें .

लाभ----- यह प्रयोग वजन कम करने में चमत्कारिक प्रभाव दिखाता है. ऐसे लोग जिनका कफ दूषित होने के कारण वजन बढ़ा है उनके लिए तो रामबाण है. यह प्रयोग शरीर से विषैले तत्त्वों को निकाल फेकता है. कंठ और फेफड़ों को भी साफ़ करता है. जिन्हें खांसी बलगम आदि की समस्या है वो भी इस प्रयोग को करें. जमा बलगम को निकालने में बहुत प्रभावी है...

गुप्त रोगी इस पोस्ट को बिना पढ़े ना छोड़े, ये चूर्ण खाकर 60 साल का बूढ़ा भी कहे की अभी तो में जवान हूँ, शरीर का पूरा काया...
04/08/2018

गुप्त रोगी इस पोस्ट को बिना पढ़े ना छोड़े, ये चूर्ण खाकर 60 साल का बूढ़ा भी कहे की अभी तो में जवान हूँ, शरीर का पूरा कायाकल्प करने वाला सदाबहार चूर्ण
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दोस्तों इस पोस्ट के माध्यम से आज हम आपको ayurveda का सबसे अचूक नुस्खा बताने जा रहे हैं, वियाग्रा टैबलेट्स hert को व gurde को तकलीफ देने वाली गोलियाँ लेने वाले भाईयो , कृपया ध्यान दें, कि आयुर्वेद मे जल्दी पतन जैसी नामुराद समस्या को भी जड़ से खत्म करने के लिये आप एक बार महारसेंद्र चूड़ामणि योग, खुद तैयार करके इस्तेमाल जरूर करके देखें। मेरा यह योग हजारों लोगों पर आजमाया हुआ योग है, यह योग इतना कारगर है की दोबारा आपको किसी और योग को अपनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी

★ महा चूड़ामणि योग इतना प्रभावशाली है, कि इसका सेवन करने से रोम – रोम नाचने लगता है, मस्ती से भरा हुआ मर्द जब जनानी के साथ सेज साँझी करता है, तो दोनों की रूह एक दूसरे में इस तरह समा जाती है, जैसे तुम और मैं का भेद समाप्त हो जाता है। इसके कुछ दिन उपयोग के बाद अंदरुनी पावर आ जाती है,

महा काम चूड़ामणि का उपयोग एक दूसरे से बहुत प्यार करने वाले जोड़ों को जरूर करना चाहिए, वही इसकी सही उपयोग करके एक दूसरे के हो सकते हैं। क्योंकि संबंध प्यार को बढ़ाता है और यह आपको संबंध का राजा बना देगा I कम से कम इस को एक बार अपनी लाइफ में प्रयोग करके देखें मैं आपको निश्चित तौर पर कह सकता हूं कि दोबारा आपको शर्मिंदगी का सामना कभी नहीं करना पड़ेगा

★महा काम चूडामणि को अति विलासी राजे- महाराजे इस्तेमाल करते थे। क्योंकि उनके पास कई कई रानियां होती थी, इसलिए वह इसका प्रयोग करते थे, इसके 45 दिन उपयोग करने से बीज बहुत गाढा हो जाता है।और बीज की गुणवत्ता बहुत अधिक मात्रा में सुधर जाती है,इसके कुछ दिनों के इसतेमाल से नाड़ीतंत्र को ताकत मिलती है।

नासमझी मैं बचपन में की गई गलतियों से जो भी शारीरिक मजोरी आई हुई है, उन सभी कमियों को दूर करके आपकी लिं की नसों की रिपेयर कर के और आप के मसल्स को टाइट करके आपके शिशन में में खून को दोबारा से स्टार्ट करता है जिससे की आपके यंत्र में भरपूर कड़क पन आता है, या नी आप के यंत्र पत्थर की तरह मजबूत हो जाता है, शिशन का का पतलापन, छोटापन, टेढ़ापन, पतन क्रा-णुओं की कमी वह अन्य इन सारी समस्याओं को जड़ से खत्म कर देता है

★महा चूड़ामणि का इस्तेमाल करने वाला इंसान जिस, भी जनानी के साथ एक बार संबंध बना लेता है, जीवन भर उसी की दासी बन जाती है

ताकतवर समझकर कभी भी बताई गई मात्रा से जयादा इस्तेमाल न करें, कयोंकि जयादा मात्रा में सेवन करने से कामो त्तेजना बहुत बढ जाती है। चूड़ामणि का प्रमाणिक वैद्य के अनुसार बताई गई मात्रा में ही सेवन करें, ज्यादा मात्रा में सेवन करने से उत्ते जना ज्यादा हो सकती है I

➡️ काम चूड़ामणि योग बनाने की सही विधी

★ स्वर्ण भस्म 1 ग्राम।
★ नाग भस्म 300 पुटी 20 ग्राम।
★ अभ्रक भस्म 20 ग्राम।
★ वंग भस्म 15 ग्राम।
★ अतुल शकतिदाता योग (खुद तैयार किया) 40 ग्राम।
★ चाँदी भस्म 2 ग्राम।
★ स्वर्ण माक्षिक भस्म 5 ग्राम।
★ सफेद मूसली -80ग्राम
★ सालम पंजा -20ग्राम
★ सालम मिश्री -40 ग्राम
★ शुद्ध कौंच बीज -15 ग्राम
★ बीज बंद -10 ग्राम
★ अस्वगंधा -20 ग्राम
★ उंटंगन बीज -150 ग्राम
★ सालम गत्ता -30 ग्राम

सबकोमिलाकर पीपल के पतों के रस और भंग के पतों के रस में तीन दिन खरल । फिर मघाँ, गिलोय, भड़िंगी, अंबरबेल, खस, नागरमोथा, शुद बचनाग, मुलठी, शतावर, कौंच के रस जा काड़े की सात- सात भावना देवें। जब सारी जड़ी बूटियां सूख जाये तो इसके 10 gm फीम मिलाकर तुलसी के रस में घोटकर 1-1 रती की गोली बनाकर छाया में सुखा लें I अब आप का महाशक्तिशाली रसेंद्रचूड़ामणि तैयार है

➡ गर्मियों में ही इसका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें क्योंकि यह गर्मियों के लिए एक बेहतरीन तोहफा है इसका इस्तेमाल फरवरी से लेकर अगस्त तक ही करें और गुप्त समस्याओं से ग्रसित सभी समस्याओं से समाधान पाएं!

➡ ऐसी तमाम कारण है, जिनके कारण वैवाहिक जीवन का सत्यानाश होता रहता ह? और कई बार तो साथी के कदम बहक जाने से परिवार तक टूट जाते हैं। ऐसे में पति बाजारू दवाओं का सेवन करके या नीम-हकीमों के चक्कर में अपनी मेहनत का पैसा लुटाते रहते हैं I लेकिन स्थायी समाधान हाथ नहीं आकर बस कुछ देर के लाभ का छलावा महसूस होता है, इसमें पैसा और मेहनत सब कुछ व्यर्थ हो जाता है! महा काम चूड़ामणि योग इतना कामयाब सिद्ध हुआ है, कि इसे पुरे भारत वर्ष में लगभग 45000 लोग प्रयोग कर रहे हैं

आम तौर पर देखा गया है, आज के नौजवानों को घ्रपतन की शिकायत रहती है I और बहुत से भाई बचपन में नासमझी के कारण गलतियां कर देते हैंI जिसका खामियाजा उनको जवानी में यानी शादी के बाद उठाना पड़ता है I जो लोग बचपन में गलतियां करके अपने आप को अपने ही हाथों से बर्बाद कर चुके हैं, उनके लिये यह वरदान के रूप में है। जबकि दूसरी बाजीकरक सतंभक आयुर्वेदिक योग 70-80 दिनों बाद अपना असर दिखाना शुरू करती हैं, वहीं यह योग तुरंत प्रभाव दिखाता है, व इसका प्रभाव भी काफी समय तक रहता है। क्योंकि जो उसके अंदर जड़ी बूटियां शामिल हैं उनकी तासीर बहुत ठंडी है, तो इसलिए इसका साइड इफेक्ट का तो कोई चांस ही नहीं है, क्योंकि यह शत-प्रतिशत प्योर आयुर्वेदिक है, उच्च क्वालिटी की जड़ी बूटी होने के कारण इसका असर बहुत बहुत लंबे समय तक रहता है

★ काम चूड़ामणि का 45 दिन का उपयोग आपको स्थाई प्रभाव देता है, यानी इसका असर बहुत-बहुत समय तक रहेगा यानी इसका काम बिल्कुल सही रहेगा, चूड़ामणि से पुरानी गलतियों को सुधार सकते हैं, और नए जीवन की सफलता से शुरूआत कर सकते हैं I

यह आपकी इंद्रियों को खोल देता है, और आपकी इंद्री को पत्थर की तरह मजबूत करता है ,और आपके बीज को मक्खन की तरह गाढ़ा कर देता है,और वैवाहिक जीवन का आनंद उठा पाओगे महा काम चूड़ामणि योग के प्रयोग के बाद आप आराम से जीवन भर 20 से 25 मिनट तक पिच पर टिक पाओगे

➡ ध्यान रहे : जब भी अगर आप इसे बनाए तो बनाते समय उच्च क्वालिटी की जड़ी बूटियों का ही उपयोग करें, जितनी ज्यादा उच्च क्वालिटी की शुद्ध जड़ी बूटियों का उपयोग करेंगे उतना ही ज्यादा फायदा आपको मिलेगा

Ayurvedic Cures ने गहन अध्ययन और अनुभव करके एक नुस्खा तैयार किया है जिसका नाम है” महा चूड़ामणि जो कि कामशरीर की समस्त आवश्यकताओं को पूरा कर सिर्फ़ कमजोरी दूर करता है, बल्कि अतिरिक्त काम-क्षमता ( अंदरुनी पावर) भी प्रदान करता है। Hindi आयुर्वेद चूंकि इन के परचारों के ऊपर लाखों रुपये दिखावा करने वाले विज्ञापनों में खर्च नहीं करता है, इसलिये लागत मूल्य में हमें बाजारू नुस्खे से अत्यंत कम दाम पर इसे तैयार करने का मौका मिलता है।

➡ #कृपया ध्यान दें इसका उपयोग डेढ़ महीने से ज्यादा ना करें क्योंकि यह बहुत ज्यादा पावरफुल जड़ी बूटियां होती है इसलिए इसका सेवन मात्र डेढ़ महीने ही करें इससे ज्यादा इसके सेवन की आपको आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी

➡ महा काम चूड़ामणि को आप अपने शहर के किसी अच्छे प्रमाणिक आयुर्वेदिक वेद से भी बनवा सकते हैं,
या फिर अगर आप इसे अपने शहर में नहीं बनवा सकते हैं, तो आप हमसे बाइ कुरियर अपने घर पर मंगवा सकते हो है।

किसी भी अन्य जानकारी के लिए या अपनी समस्या के समाधान के लिए आप दिए गए हमारे संस्था के नंबर पर कांटेक्ट कर सकते हैं, अगर आप हर जगह से दवाइयां खाकर निराश हो गए हैं और आप हार मान चुके हैं तो आप नीचे दिए गए कांटेक्ट पर अपनी समस्या का समाधान ले सकते हैं,

➡️ संपर्क सूत्र :Ayurvedic Cures Centre
: +917056824130
: +Call& what's app
: सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक

➡️ कृपया ध्यान दे : कृपया आप चूड़ामणि अपने नजदीकी प्रमाणीकृत वैद्य की सहायता से ही बनवाये गलत तरीके से बनाया गया योग नुकसान दायक साबित हो सकता है

★ क्योंकि हम जो मेडिसन तैयार करते हैं! वह पेशंट की उम्र हाइट वेट और उसकी समस्या को समझकर करते हैं! इसलिए payment advance! आप इस बात को लेकर निश्चिन्त रहे की पैसे पहले देंगे तो हमें दवाई मिलेगी या नही? हम इस क्षेत्र में विगत 3-4 वर्षों से काम कर रहे है ! और एक भी व्यक्ति को हमसे कोई शिकायत भी नही है। हम पैसे लेते है! तो दवाई भी समय पर उपलब्ध करवाते है, !! और हमारी सभी औष!धियाँ # 100%( प्रतिशत) शुद्ध है!

➡ >🚹 Ayurvedic Cure Centre परिवार चूंकि इन दवा!ओं पर लाखों रुपये दिखावा करने वाले विज्ञापनों में खर्च नहीं करता है !इसलिये मूल्य में हमें बा!जारू द!वाओं से अत्यंत कम दाम पर औ!षधि तैयार करने का मौका मिलता है। Ayurvedic Cure Centre सिर्फ़ मरीजों की जरूरत भर की दवा!इयां बनाता है |हम कोई व्यापारिक उत्पादन नहीं करते हैं !! इसलिये सिर्फ़ आवश्यकता पर ही दवा मंगवाएं न कि बेचने के लिये। हम सिर्फ़ उतना ही पैसा लेते हैं !
➡️ कृपया ध्यान दे : रोज हमे हज़ारो की संख्या में कॉल और सन्देश आते है तो आपसे निवेदन की समय की नजाकत को समझ कर कम से कम समय में अपनी समस्या से हमे अवगत करवाये। ताकि अन्य लोगो को भी हम समय दे सके!!
Call& WhatsApp+917056824130

➡ हमारा उद्देश्य उन नौजवानों को पाखंडी नीम हकीमों से बचाना है जो, इन समस्याओं के नाम पर नौजवानों से हजारों लाखों रुपए लूटते हैं
What's app for Medicine +917056824130

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31/07/2018

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आँखों से उतर जायेगा चश्मा, Try kare yeh Tips
30/07/2018

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Press THIS Point For 1 Minute And See What Happens To Your BodyDon't forget to Hit Like !!
30/07/2018

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सेंधा नमक : भारत से कैसे गायब कर दिया गया, शरीर के लिए Best Alkalizer है :-आप सोच रहे होंगे की ये सेंधा नमक बनता कैसे है...
30/07/2018

सेंधा नमक : भारत से कैसे गायब कर दिया गया, शरीर के लिए Best Alkalizer है :-
आप सोच रहे होंगे की ये सेंधा नमक बनता कैसे है ?? आइये आज हम आपको बताते हैं कि नमक मुख्य कितने प्रकार होते हैं। एक होता है समुद्री नमक दूसरा होता है सेंधा नमक (rock salt) । सेंधा नमक बनता नहीं है पहले से ही बना बनाया है। पूरे उत्तर भारतीय उपमहाद्वीप में खनिज पत्थर के नमक को ‘सेंधा नमक’ या ‘सैन्धव नमक’, लाहोरी नमक आदि आदि नाम से जाना जाता है । जिसका मतलब है ‘सिंध या सिन्धु के इलाक़े से आया हुआ’। वहाँ नमक के बड़े बड़े पहाड़ है सुरंगे है । वहाँ से ये नमक आता है। मोटे मोटे टुकड़ो मे होता है आजकल पीसा हुआ भी आने लगा है यह ह्रदय के लिये उत्तम, दीपन और पाचन मे मदद रूप, त्रिदोष शामक, शीतवीर्य अर्थात ठंडी तासीर वाला, पचने मे हल्का है । इससे पाचक रस बढ़्ते हैं। तों अंत आप ये समुद्री नमक के चक्कर से बाहर निकले। काला नमक ,सेंधा नमक प्रयोग करे, क्यूंकि ये प्रकर्ति का बनाया है ईश्वर का बनाया हुआ है। और सदैव याद रखे इंसान जरूर शैतान हो सकता है लेकिन भगवान कभी शैतान नहीं होता।

भारत मे 1930 से पहले कोई भी समुद्री नमक नहीं खाता था विदेशी कंपनीया भारत मे नमक के व्यापार मे आज़ादी के पहले से उतरी हुई है , उनके कहने पर ही भारत के अँग्रेजी प्रशासन द्वारा भारत की भोली भली जनता को आयोडिन मिलाकर समुद्री नमक खिलाया जा रहा है,
हुआ ये कि जब ग्लोबलाईसेशन के बाद बहुत सी विदेशी कंपनियो (अनपूर्णा,कैपटन कुक ) ने नमक बेचना शुरू किया तब ये सारा खेल शुरू हुआ ! अब समझिए खेल क्या था ?? खेल ये था कि विदेशी कंपनियो को नमक बेचना है और बहुत मोटा लाभ कमाना है और लूट मचानी है तो पूरे भारत मे एक नई बात फैलाई गई कि आओडीन युक्त नामक खाओ , आओडीन युक्त नमक खाओ ! आप सबको आओडीन की कमी हो गई है। ये सेहत के लिए बहुत अच्छा है आदि आदि बातें पूरे देश मे प्रायोजित ढंग से फैलाई गई । और जो नमक किसी जमाने मे 2 से 3 रूपये किलो मे बिकता था । उसकी जगह आओडीन नमक के नाम पर सीधा भाव पहुँच गया 8 रूपये प्रति किलो और आज तो 20 रूपये को भी पार कर गया है।

दुनिया के 56 देशों ने अतिरिक्त आओडीन युक्त नमक 40 साल पहले ban कर दिया अमेरिका मे नहीं है जर्मनी मे नहीं है फ्रांस मे नहीं ,डेन्मार्क मे नहीं , डेन्मार्क की सरकार ने 1956 मे आओडीन युक्त नमक बैन कर दिया क्यों ?? उनकी सरकार ने कहा हमने मे आओडीन युक्त नमक खिलाया !(1940 से 1956 तक ) अधिकांश लोग नपुंसक हो गए ! जनसंख्या इतनी कम हो गई कि देश के खत्म होने का खतरा हो गया ! उनके वैज्ञानिको ने कहा कि आओडीन युक्त नमक बंद करवाओ तो उन्होने बैन लगाया। और शुरू के दिनो मे जब हमारे देश मे ये आओडीन का खेल शुरू हुआ इस देश के बेशर्म नेताओ ने कानून बना दिया कि बिना आओडीन युक्त नमक भारत मे बिक नहीं सकता । वो कुछ समय पूर्व किसी ने कोर्ट मे मुकदमा दाखिल किया और ये बैन हटाया गया।

आज से कुछ वर्ष पहले कोई भी समुद्री नमक नहीं खाता था सब सेंधा नमक ही खाते थे ।

सेंधा नमक के फ़ायदे:-

सेंधा नमक के उपयोग से रक्तचाप और बहुत ही गंभीर बीमारियों पर नियन्त्रण रहता है । क्योंकि ये अम्लीय नहीं ये क्षारीय है (alkaline) क्षारीय चीज जब अमल मे मिलती है तो वो न्यूटल हो जाता है और रक्त अमलता खत्म होते ही शरीर के 48 रोग ठीक हो जाते हैं ।

ये नमक शरीर मे पूरी तरह से घुलनशील है । और सेंधा नमक की शुद्धता के कारण आप एक और बात से पहचान सकते हैं कि उपवास ,व्रत मे सब सेंधा नमक ही खाते है। तो आप सोचिए जो समुंदरी नमक आपके उपवास को अपवित्र कर सकता है वो आपके शरीर के लिए कैसे लाभकारी हो सकता है ??

सेंधा नमक शरीर मे 97 पोषक तत्वो की कमी को पूरा करता है ! इन पोषक तत्वो की कमी ना पूरी होने के कारण ही लकवे (paralysis) का अटैक आने का सबसे बढ़ा जोखिम होता है सेंधा नमक के बारे में आयुर्वेद में बोला गया है कि यह आपको इसलिये खाना चाहिए क्योंकि सेंधा नमक वात, पित्त और कफ को दूर करता है।

यह पाचन में सहायक होता है और साथ ही इसमें पोटैशियम और मैग्नीशियम पाया जाता है जो हृदय के लिए लाभकारी होता है। यही नहीं आयुर्वेदिक औषधियों में जैसे लवण भाष्कर, पाचन चूर्ण आदि में भी प्रयोग किया जाता है।

समुद्री नमक के भयंकर नुकसान :-

ये जो समुद्री नमक है आयुर्वेद के अनुसार ये तो अपने आप मे ही बहुत खतरनाक है ! क्योंकि कंपनियाँ इसमे अतिरिक्त आओडीन डाल रही है। अब आओडीन भी दो तरह का होता है एक तो भगवान का बनाया हुआ जो पहले से नमक मे होता है । दूसरा होता है “industrial iodine” ये बहुत ही खतरनाक है। तो समुद्री नमक जो पहले से ही खतरनाक है उसमे कंपनिया अतिरिक्त industrial iodine डाल को पूरे देश को बेच रही है। जिससे बहुत सी गंभीर बीमरिया हम लोगो को आ रही है । ये नमक मानव द्वारा फ़ैक्टरियों मे निर्मित है।

आम तौर से उपयोग मे लाये जाने वाले समुद्री नमक से उच्च रक्तचाप (high BP ) ,डाइबिटीज़, आदि गंभीर बीमारियो का भी कारण बनता है । इसका एक कारण ये है कि ये नमक अम्लीय (acidic) होता है । जिससे रक्त अम्लता बढ़ती है और रक्त अमलता बढ्ने से ये सब 48 रोग आते है । ये नमक पानी कभी पूरी तरह नहीं घुलता हीरे (diamond ) की तरह चमकता रहता है इसी प्रकार शरीर के अंदर जाकर भी नहीं घुलता और अंत इसी प्रकार किडनी से भी नहीं निकल पाता और पथरी का भी कारण बनता है ।

ये नमक नपुंसकता और लकवा (paralysis ) का बहुत बड़ा कारण है समुद्री नमक से सिर्फ शरीर को 4 पोषक तत्व मिलते है ! और बीमारिया जरूर साथ मे मिल जाती है !

रिफाइण्ड नमक में 98% सोडियम क्लोराइड ही है शरीर इसे विजातीय पदार्थ के रुप में रखता है। यह शरीर में घुलता नही है। इस नमक में आयोडीन को बनाये रखने के लिए Tricalcium Phosphate, Magnesium Carbonate, Sodium Alumino Silicate जैसे रसायन मिलाये जाते हैं जो सीमेंट बनाने में भी इस्तेमाल होते है। विज्ञान के अनुसार यह रसायन शरीर में रक्त वाहिनियों को कड़ा बनाते हैं

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