21/04/2026
🌟 डॉ. बसंत गोयल जी (CEO & Founder, Goel Medicos) के प्रेरणादायक इंटरव्यू से एक गहरी और सोच बदल देने वाली सीख सामने आई।
उन्होंने सनातन संस्कृति, आस्था और सामाजिक बदलाव पर बात करते हुए बताया कि कैसे परंपराओं को केवल निभाना ही नहीं, बल्कि उनके पीछे के वास्तविक अर्थ को समझना भी जरूरी है। दीपावली, गणेश चतुर्थी जैसे पर्वों से लेकर मूर्ति विसर्जन और पूजा-पद्धतियों तक—हर चीज़ के पीछे एक गहरी सोच और समाज को जोड़ने का संदेश छिपा है।
इंटरव्यू में उन्होंने युवाओं के लिए चल रहे Divya Jyoti Jagrati Sansthan के प्रकल्प SAM (Self Assessment & Management) का भी उल्लेख किया, जो नशा मुक्ति, काउंसलिंग और आत्म-जागरूकता के माध्यम से युवाओं को सही दिशा देने का कार्य कर रहा है। साथ ही “Know Thyself” यानी स्वयं को जानने के संदेश पर भी जोर दिया गया—क्योंकि जब इंसान खुद को पहचान लेता है, तभी वह समाज और राष्ट्र के लिए सही योगदान दे सकता है।
उन्होंने सनातन, गौ सेवा, माता-पिता के सम्मान और भारतीय संस्कृति की जड़ों को मजबूत करने की बात रखते हुए यह संदेश दिया कि बदलाव ऊपर से नहीं, बल्कि व्यक्ति के भीतर से शुरू होता है।