19/02/2026
🧠⚡ जब माइंड अचानक शरीर को “स्विच-ऑफ” कर दे… बिना चेतावनी के
क्या आपने कभी ऐसा देखा है?
👉 किसी को सदमे या झगड़े के बाद गला रुँध जाए या आवाज ही चली जाए।
… आपने ऐसा कोई जोर से चिल्लाया भी नहीं … लेकिन आवाज़ रुँध गई
👉 कोई महिला शांत बैठी है, फिर भी उसका हाथ अपने-आप कांप रहा है… और वह कहती है, “मैं नहीं कर रही।”
👉 किसी को तनाव के बाद अचानक पैरों में कमजोरी महसूस हो जाए… जबकि रिपोर्ट्स नॉर्मल हों।
ये सारा कुछ Conversion Disorder हो सकता है।
🤔 Conversion Disorder क्या है? (आसान शब्दों में)
जब बहुत ज़्यादा तनाव, ट्रॉमा या भावनात्मक बोझ शरीर में ... convert होकर .. भौतिक लक्षणों या physical symptoms के रूप में सामने आ जाए, तो उसे Conversion Disorder कहा जाता है।
❌ यह नाटक नहीं है।
❌ यह कमजोरी नहीं है।
❌ यह कल्पना नहीं है।
👉 यह नर्वस सिस्टम का ओवरलोड रिएक्शन है।
⚠️ इसके लक्षण कैसे दिख सकते हैं?
• गला रुँध जाना या आवाज़ बंद हो जाना या हकलाना
• अचानक मांसपेशियों में खिंचाव आना या स्प्रेन
• अचानक एसिडिटी या हेडेक शुरू हो जाना
• अचानक हाथ-पैर में कमजोरी या लकवा
• मिर्गी जैसे दौरे, लेकिन epilepsy नहीं
• सुन्नपन, धुंधला दिखना
• तनाव में कांपना या गिर जाना
टेस्ट नॉर्मल आते हैं।
स्कैन में कुछ नहीं दिखता।
फिर भी लक्षण 100% असली होते हैं।
🧩 ऐसा क्यों होता है?
ये भी हमारे बॉडी का डिफेंस मैकेनिज्म की वजह से होता है। हमारे दिमाग में “survival circuits” होते हैं।
जब भावनाएँ बहुत भारी या असुरक्षित लगती हैं,
तो दिमाग उन्हें सीधे महसूस करने की बजाय
👉 शरीर के रास्ते बाहर निकाल देता है।
इसे ऐसे समझें:
जैसे सिस्टम “इमरजेंसी ब्रेक” खींच दे या यूँ कहें कि बिजली का MCB इलेक्ट्रिसिटी ओवरलोड की स्थिति में ट्रिप-ऑफ हो जाये ...
और ऐसा इसलिए ताकि माइंड को और नुकसान ना पहुँचे।
💚 सबसे ज़रूरी सच
ये लक्षण ठीक हो सकते हैं।
लेकिन:
❌ “कुछ नहीं हुआ” कहकर दबाने से नहीं
❌ बार-बार स्कैन कराने से नहीं
❌ भावनाएँ अनदेखी करने से नहीं
🌿 क्या मदद करता है?
✔️ Nervous system को शांत करना
✔️ Trauma-informed therapy
✔️ हल्की और धीरे-धीरे physical rehab
✔️ क्लींजिंग थेरेपी से बॉडी के टॉक्सिक बिल्डअप को फ्लश आउट करना
✔️ सुरक्षा, भरोसा और धैर्य
✔️ असली तनाव पर काम करना
जैसे-जैसे नर्वस सिस्टम शांत होता है,
शरीर धीरे-धीरे लक्षण छोड़ने लगता है।
✨ याद रखें:
Conversion Disorder शरीर का धोखा नहीं है।
यह शरीर की सुरक्षा की कोशिश है,
जब तनाव के लिए कोई और रास्ता नहीं बचता।
माइंड और बॉडी अलग नहीं हैं।
वे लगातार एक-दूसरे से बात करते हैं।
कभी-कभी… शरीर पहले बोल देता है 🧠💚
💬 डॉ रुपक रंजन, सर्टिफाइड नेचुरोपैथ और क्लींजिंग थेरापी प्रेक्टिसनर 📱8800980344
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