14/01/2026
rahu(rahu) - एक काल्पनिक दुनिया- अचानक से बढ़ाना और फिर अचानक से खत्म हो जाना-
दिल्ली के ट्रैफिक- ऐसा कि शायद बीएमडब्ल्यू से पहले आपको ऑटो रिक्शा वाले पहुंचा दे, cars इतनी हो गई कि शायद हर car वालों को ही नफरत हो गई होगी इस ट्रैफिक से, एक भाई साहब इंजीनियर है अकेले ही जाएंगे और car से जाएंगे, डॉक्टर हो या जज सभी जाएंगे तो car से वह भी अकेले आधा रोड तो यही लोग ghere पड़े हैं, सब्जी भी लेने जाना है तो दूर मार्केट से लाना है बराबर की सैलरी वाले भी बस में फ्री चल रहे हैं, ऑफिस से thak kar व्यक्ति अगर लंगड़ा भी है और सीट मिल जाए तो शायद वह उसका सबसे भाग्यशाली din hoga, वह सब तो ठीक है भाई साहब एक व्यक्ति का ₹200 काट लिया क्योंकि यह फ्री की टिकट लेने के चक्कर में पीछे रह गया, भाई इतनी ठोस तोसी करने की क्या जरूरत है जब कोई चीज फ्री है तो उसे पर टिकट देने का क्या मतलब है मतलब टिकट लेना भी जी का जंजाल है, और ऑनलाइन लेने का तो वह हाल है की bas तो ऐसे चलती है कि भाई साहब अपनों को संभालने तो बहुत बड़ी बात है ऑनलाइन टिकट क्या करें..chhodo काम की बातें करते हैं,
अक्सर राहु का काम ही है कंफ्यूज करना अब चाहे ज्योतिष शास्त्र हो चाहे दिमाग हो कोई व्यक्ति को आप शांत नहीं देखोगे हरदम उसके दिमाग में कुछ ना कुछ चीज चल रही है परेशान है कि कहां से पैसा laye,har takat लगा दिया fir bhi paisa hai ki aa hi nahi raha, ऐसा लगता है ऐसा खत्म हो जाए तो कहानी सही हो जाए लेकिन कहां जाओगे फंसे हो उसे जाल में की जहां से निकलना बहुत मुश्किल है, rahu juld marne bhi nahi deta, bas dusre grah khurapat na kare jab app sabse bure daur me ho, राहु अक्सर आपको अचानक से बिजनेस माइंड दे सकता है और देता भी है आप सोचते होंगे कि आपके अंदर क्वालिटी है लेकिन कुछ kar नहीं रहे हैं राहु आपको achanak se soch देता है, डिपेंड करता है कि दूसरे ग्रह साथ है कि नहीं है डिपेंड करता है कि शुक्र अच्छा है कि नहीं है डिपेंड करता है की मंगल अच्छे हैं कि नहीं है क्योंकि आपको अगर सब कुछ पाना है तो सारे ग्रहों को ठीक करना होगा एडरवाइज आप कुछ ना कुछ परेशानी में रहेंगे भले ही आपके पास सब कुछ ही क्यों ना हो, और ऐसा कभी हो नहीं सकता है क्योंकि चार ग्रह दोस्त हैं पॉजिटिव हैं तो चार ग्रह नेगेटिव है और एक ग्रह दोनों के बीच का...