21/12/2022
प्रभु से प्रतिदिन प्रार्थना किये जाने के महत्व और ज़रूरत पर आप सभी ने अनेक पोस्ट पढ़ी होंगी, और पास्टर के प्रवचन भी सुनें होंगे। लेकिन किसी दूसरे के लिए प्रार्थना करने के महत्व पर बहुत कम लिखा और बताया गया है। इस पोस्ट में हम आपके लिए इस कम प्रचलित और ध्यान दिए गए विषय पर आपसे बात करेंगे।
किसी दूसरे के लिए प्रार्थना करने से दो काम एक साथ ही हो जाते है।
1. पहला प्रार्थना करना और ईश्वर की निकटता को अनुभव करना / प्राप्त करना।
2. दूसरा भलाई का कार्य करना।
हम सब में से ज़्यादातर प्रतिदिन प्रार्थना तो बिना भूले कर लेते हैं लेकिन प्रतिदिन हम कोई न कोई भलाई का कार्य भी करें, इसमें अक्सर चूक हो ही जाती है।
जब हम किसी दूसरे की ज़रूरतों को पूरी करने के लिए, उसके दुखों को दूर करने के लिए परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं, तो हम एक बहुत बड़ी भलाई का कार्य भी करते हैं और अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के सच्चे अनुयायी और आज्ञाकारी बन जाते हैं।
किसी दूसरे के लिए मन से, हृदय की गहराइयों में उतर कर प्रार्थना करने से हम भलाई का एक बहुत बड़ा काम करते हैं। भलाई के इस काम को करने में हमें कुछ भी धन खर्च नहीं पड़ता, जबकि भलाई के कामों को करने में अक्सर धन खर्च करने की ज़रूरत पड़ती है।
भलाई का यह काम करने के लिए हमें केवल थोड़ा सा समय ही खर्च करना पड़ता है। लेकिन यह काम तब ही भलाई के कामों में गिना जाएगा, जब हम अपना पूरा मन इस प्रार्थना मे लगाएंगे। भलाई की यह प्रार्थना भावपूर्ण होनी चाहिये।
शुरू में आपको यह अजीब सा लग सकता है। पर कुछ बार ऐसी प्रार्थनाएं करने पर आपकी सारी हिचकिचाहट जाती रहेगी और फिर आपको इसमें कुछ भी अजीब नहीं लगेगा बल्कि आपको इसमें अत्यंत आनंद का अनुभव होगा और यह कार्य आपके मन को असीम शांति भी प्रदान करेगा।
अगर आप ऐसी प्रार्थनाओं (दूसरों के लिए की जाने वाली) को अपने प्रतिदिन के जीवन में शामिल करते हैं, तो स्वर्गीय आशीषों का खजाना, निसंदेह आप पर खुल जायेगा, यह प्रभु परमेश्वर का वचन (Promise) है।