02/01/2026
तुला राशि संतुलन के लिए जानी जाती है।
वायु तत्व होने से बुद्धि तीव्र होती है,
और शुक्र की प्रधानता इसे रचनात्मक, आकर्षक और कलात्मक बनाती है।
चर स्वभाव होने के कारण, तुला जहाँ भी हो—
वहाँ नए इनिशिएटिव और क्रिएटिव अप्रोच अनिवार्य
🎬 तुला राशि सभी 12 भावों में
1️⃣ पहला भाव (स्वयं)
क्रिएटिव पर्सनालिटी बनाएं, लुक और व्यवहार पर काम करें।
2️⃣ दूसरा भाव (धन-वाणी)
वाणी से कमाएं, डिज़ाइन, आर्ट, कंसल्टिंग से धन आएगा।
3️⃣ तीसरा भाव (पराक्रम)
नए आइडिया, मीडिया, सोशल प्लेटफॉर्म पर एक्टिव रहें।
4️⃣ चौथा भाव (सुख-घर)
घर को सुंदर बनाएं, इंटीरियर या प्रॉपर्टी में क्रिएटिव सोच रखें।
5️⃣ पाँचवाँ भाव (बुद्धि-संतान)
क्रिएटिव एजुकेशन, आर्ट, फैशन, म्यूजिक में लाभ।
6️⃣ छठा भाव (सेवा-शत्रु)
डिप्लोमेसी से जीतें, झगड़े से नहीं संतुलन से आगे बढ़ें।
7️⃣ सातवाँ भाव (विवाह-व्यवसाय)
पार्टनरशिप में ग्रोथ, बिज़नेस में ब्रांड वैल्यू बनाएं।
8️⃣ आठवाँ भाव (रहस्य-परिवर्तन)
क्रिएटिव रिसर्च करें, बदलाव से डरें नहीं।
9️⃣ नौवाँ भाव (भाग्य-धर्म)
धर्म में भी सौंदर्य और संतुलन रखें, गुरु से सीखें।
🔟 दसवाँ भाव (कर्म)
क्रिएटिव प्रोफेशन—फैशन, मीडिया, लॉ, HR में सफलता।
1️⃣1️⃣ ग्यारहवाँ भाव (लाभ)
नेटवर्किंग से लाभ, सही लोगों से जुड़ें।
1️⃣2️⃣ बारहवाँ भाव (विदेश-मोक्ष)
विदेश, डिजाइन, आर्ट, स्पिरिचुअल क्रिएशन से जुड़ें।
वायु तत्व की तीव्र बुद्धि,
शुक्र की रचनात्मक शक्ति
और चर स्वभाव का साहस—
तुला राशि जहाँ भी हो,
वहाँ संतुलन के साथ
नए इनिशिएटिव ही सफलता की कुंजी हैं।
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