Ayurved Bhaskar India

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17/03/2026

शीघ्रपतन से परेशान है तो 2 छोटी इलायची और थोड़ी मिश्री पीसकर भोजन के बाद आधा चम्मच लें यह पेट की अतिरिक्त गर्मी को शांत कर वीर्य का जल्दी गिरने से रोकता है।

17/03/2026

Styplon Ke Fayde (Benefits)
Bleeding Control: Agar gums (masoodon) se khoon aa raha ho ya naak se (epistaxis), toh yeh kaafi asardaar hoti hai.
Healing: Ismein natural ingredients hote hain jo tissues ko heal karne mein help karte hain.
Hemorrhoids: Piles ya bawasir mein hone wali bleeding mein bhi doctor ise suggest karte hain.
Savdhani aur Nuksan (Side Effects)
Doctor ki Salah: Bhai, bina doctor se pooche mat lena, kyunki bleeding ke peeche koi serious wajah bhi ho sakti hai.
Pregnancy: Pregnant ladies ko bina consultation ke bilkul nahi chhuna chahiye.
Overdose: Jyada dose lene se pet gadbad ya allergic reaction ho sakta hai.
Dostana Mashwara: Bleeding koi mazaak nahi hoti, isliye isse sirf tabhi lena jab kisi expert ne check-up ke baad bola ho.
Kya tu chahta hai main iska video generate karoon jismein iske uses detail mein samjhaye gaye hon?

17/03/2026

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पित्तपापड़ा आयुर्वेद में सदियों से शरीर की गर्मी और रक्त विकारों को दूर करने के लिए किया जाता रहा है। पित्त और गर्मी का श...
16/03/2026

पित्तपापड़ा आयुर्वेद में सदियों से शरीर की गर्मी और रक्त विकारों को दूर करने के लिए किया जाता रहा है। पित्त और गर्मी का शमन: शरीर में बढ़ी हुई गर्मी, जलन और एसिडिटी को कम करने के लिए यह सबसे बेहतरीन औषधियों में से एक है। यह खून को साफ करता है, जिससे फोड़े-फुंसी, खुजली और सोरायसिस जैसे चर्म रोगों में बहुत लाभ मिलता है। आयुर्वेद के अनुसार, 'षडंग पानीय' (बुखार के लिए विशेष काढ़ा) में पित्तपापड़ा एक मुख्य घटक है। यह प्यास को शांत करता है और बुखार की तपिश कम करता है। यह लिवर को डिटॉक्स करता है और पीलिया (Jaundice) जैसी स्थितियों में सुधार करने में मदद करता है। यह भूख बढ़ाता है और पेट की गैस व अपच में राहत देता है। उपयोग करने के तरीके : ​फाँट (Infusion): रात को एक गिलास पानी में 5-10 ग्राम पित्तपापड़ा का चूर्ण या सूखी घास भिगो दें। सुबह उसे छानकर पीने से शरीर की जलन और पित्त शांत होता है। काढ़ा (Decoction): इसे पानी में उबालकर आधा रहने तक पकाएँ। यह काढ़ा बुखार और लिवर की समस्याओं में असरदार है। चूर्ण: आधा से एक चम्मच चूर्ण शहद या पानी के साथ लिया जा सकता है। 🌿💚🌸🌻💖

         # 🌟💚🌿🏥💊
15/03/2026

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https://youtube.com/shorts/MQhzgS4a1ZE?si=XnponZBFS_311ilJ 📹👀💻
14/03/2026

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"घुटनों में दर्द, कट-कट की आवाज या ग्रीस खत्म होने से परेशान हैं? इस वीडियो में बताए सुपर ईजी घरेलू उपाय से 2-3 दिन में र....

🌿 पुनर्नवारिष्ट के अद्भुत फायदे 🌿अगर शरीर में सूजन, किडनी या लिवर की कमजोरी से परेशान हैं तो पुनर्नवारिष्ट एक असरदार आयु...
14/03/2026

🌿 पुनर्नवारिष्ट के अद्भुत फायदे 🌿
अगर शरीर में सूजन, किडनी या लिवर की कमजोरी से परेशान हैं तो पुनर्नवारिष्ट एक असरदार आयुर्वेदिक औषधि मानी जाती है।
✅ शरीर की सूजन कम करने में सहायक
✅ किडनी को मजबूत बनाने में मददगार
✅ लिवर को स्वस्थ रखने में लाभकारी
✅ खून की कमी (एनीमिया) में सहायक
✅ पेशाब से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद
✅ शरीर की कमजोरी और थकान दूर करने में मदद

मुख्य फायदे
1️⃣ शरीर की सूजन कम करता है
हाथ-पैर, चेहरे या शरीर में पानी भरने (सूजन) की समस्या में लाभदायक।
2️⃣ किडनी को मजबूत बनाता है
किडनी की कार्यक्षमता सुधारने और पेशाब से जुड़ी समस्याओं में मदद करता है।
3️⃣ लिवर को स्वस्थ रखता है
लिवर की कमजोरी, फैटी लिवर और पाचन संबंधी समस्याओं में सहायक।
4️⃣ खून की कमी में मददगार
एनीमिया (खून की कमी) में शरीर को ताकत देता है।
5️⃣ पेशाब साफ लाता है
यूरिन रुक-रुक कर आना, जलन या कम पेशाब आने में फायदा।
6️⃣ शरीर की कमजोरी दूर करता है
शरीर को ताकत देता है और थकान कम करता है।

💊 सेवन विधि:
15–20 ml दवा बराबर पानी मिलाकर दिन में 2 बार भोजन के बाद लें।
⚠️ उपयोग करने से पहले किसी योग्य वैद्य या डॉक्टर की सलाह अवश्य ल
🌿

दमा (अस्थमा) का आयुर्वेदिक फार्मूलामुलेठी पाउडर – 25 ग्राम  सोंठ पाउडर – 20 ग्राम  काली मिर्च पाउडर – 10 ग्राम  पिप्पली ...
14/03/2026

दमा (अस्थमा) का आयुर्वेदिक फार्मूला

मुलेठी पाउडर – 25 ग्राम
सोंठ पाउडर – 20 ग्राम
काली मिर्च पाउडर – 10 ग्राम
पिप्पली पाउडर – 10 ग्राम
तुलसी पत्ते सूखे पाउडर – 20 ग्राम
वासा (अडूसा) पत्ते पाउडर – 15 ग्राम

बनाने की विधि:
सभी औषधियों को अलग-अलग बारीक पीसकर अच्छी तरह मिला लें और कांच की बोतल में भरकर रख लें।

सेवन करने का तरीका:
½ छोटा चम्मच मिश्रण में 1 छोटा चम्मच शहद मिलाकर सुबह खाली पेट लें।
½ छोटा चम्मच मिश्रण रात को सोने से पहले शहद के साथ लें।

साथ में जरूरी उपाय:
• रोज सुबह गुनगुना पानी पिएं
• ठंडी चीजें, आइसक्रीम और धूल-धुएं से बचें
• भाप (स्टीम) लेना लाभकारी होता है
• हल्की प्राणायाम और सांस की एक्सरसाइज करें

लाभ:
यह मिश्रण कफ को ढीला करने, सांस की नलियों की सूजन कम करने और सांस लेने में राहत देने में मदद करता है।

तैयारी का समय: लगभग 5 मिनट
उपयोग अवधि: 30–45 दिन तक नियमित लें।

अगर सांस बहुत ज्यादा फूल रही हो, सीने में जकड़न हो या पुराना अस्थमा हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

साइटीका, नसों के ब्लॉकेज, वेरीकज वेन नसों का दबना, नसों में शून्यपन नसों में दर्द झंझनाहट ये तमाम शिकायत सिर्फ तीन से चा...
14/03/2026

साइटीका, नसों के ब्लॉकेज, वेरीकज वेन नसों का दबना, नसों में शून्यपन नसों में दर्द झंझनाहट ये तमाम शिकायत सिर्फ तीन से चार सप्ताह में ठीक कर देतें है ये गूंज (रत्ती)

इस्तेमाल के तरीका :-

1.गूंज(रत्ती) 250ग्राम
2.लोंग 5ग्राम
3. दालचीनी 10ग्राम
4.लहसुन 20 ग्राम
5.अजवाइन 20 ग्राम
सभी को कुचल कर 1 लीटर घानी सरसों तेल में कोयला के आंच में लोहे के बर्तन से चढ़ा दें रात भर पकाले जब तक चूल्हे की आंच ठंडे ना हो जाये।

तेल को बैगर छाने जले हुये समाग्री के साथ कांच के शीशी में सुरक्षित राख दें। उसी तेल से रोजाना दो बार मालिश करें।

Address

M.M. College
Fatehabad
125050

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