12/08/2025
पार्लर में थ्रेडिंग धागे के रीयूज से हेपेटाइटिस और एचआईवी का खतरा, डॉक्टर ने दी चेतावनी
खूबसूरती के लिए पार्लर में थ्रेडिंग करवाना आम बात है, लेकिन अगर सावधानी न बरती जाए तो यह गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। एमबीबीएस डॉक्टर अदितिज धमीजा ने हाल ही में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कुछ पार्लरों में थ्रेडिंग के लिए एक ही धागे का बार-बार इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे उपयोग से पहले साफ भी नहीं किया जाता। इस प्रक्रिया में त्वचा पर छोटे-छोटे कट लगते हैं, और अगर यह धागा पहले किसी संक्रमित व्यक्ति की त्वचा पर इस्तेमाल हुआ हो, तो यह हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी और यहां तक कि एचआईवी जैसे गंभीर संक्रमण फैला सकता है।
डॉ. धमीजा ने एक 28 वर्षीय महिला का उदाहरण दिया, जो नियमित रूप से एक स्थानीय पार्लर में थ्रेडिंग करवाने जाती थी। वहां रीयूज किए गए धागे के कारण उनकी त्वचा पर हुए कटों से वायरस उनके खून में प्रवेश कर गया, जिसके परिणामस्वरूप उनका लिवर फेल हो गया। डॉ. धमीजा ने चेतावनी दी कि अस्वच्छ परिस्थितियों में थ्रेडिंग से न केवल त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, बल्कि यह लिवर सिरोसिस और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण भी बन सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह: जुपिटर अस्पताल, ठाणे के इंटरनल मेडिसीन डायरेक्टर डॉ. अमित सराफ ने बताया कि थ्रेडिंग अपने आप में खतरनाक नहीं है, लेकिन अस्वच्छ धागे, उपकरणों या अप्रशिक्षित स्टाफ के कारण संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि थ्रेडिंग करवाने से पहले सुनिश्चित करें कि पार्लर में नया और डिस्पोजेबल धागा इस्तेमाल हो, स्टाफ के हाथ सैनिटाइज हों, और प्रक्रिया से पहले और बाद में त्वचा को अच्छी तरह साफ किया जाए।
बचाव के उपाय:
हमेशा ऐसे पार्लर चुनें जो स्वच्छता मानकों का पालन करते हों।
नया और डिस्पोजेबल धागा उपयोग करने की मांग करें।
त्वचा पर पहले से कट, घाव या इंफेक्शन होने पर थ्रेडिंग से बचें।
हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाएं और असामान्य लक्षण जैसे थकान, पीलिया या गहरे रंग का पेशाब दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि खूबसूरती के चक्कर में अपनी सेहत से खिलवाड़ न करें। थोड़ी सी सावधानी आपको गंभीर बीमारियों से बचा सकती है।