11/05/2024
हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पोषण संस्थान ने करीब 13 साल के अंतराल पर भारतीयों के लिए भोजन संबंधी गाइडलाइंस को संशोधित किया है। NIN ने वैज्ञानिक निष्कर्षों, जीवनशैली में बदलाव, बीमारियों और खान-पान की आदतों को ध्यान में रखते हुए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए है। इसमें लोगों को कम तेल और चीनी व प्रोटीन सप्लीमेंट से बचने की सलाह दी गई है।
NIN ने पहली बार पैकेज्ड फूड लेबल की व्याख्या के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए। ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने संशोधित गाइडलाइंस जारी करते हुए बताया कि खाना पकाने के तेल का इस्तेमाल कम करना बेहद अहम है। भारत में जितने भी कुकिंग आयल मिलते हैं, उन सभी में पाम आयल ब्लेंड किया जाता है, इसलिए तेल का सेवन कम करना होगा।
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को लेकर भी गाइडलाइंस दिए गए हैं। फैक्ट्री में बनने वाले तमाम खाद्य उत्पादों में भी तरह-तरह से पाम आयल इस्तेमाल होता है। भारत की रसोइयों में बेशक खानपान का हम लोगों को जो तरीका है, उसमें हम सरसों, नारियल और मूंगफली का तेल इस्तेमाल करते हैं लेकिन बाजार में जो वेजीटेबल आयल है, उसमें बड़ी मात्रा में पाम आयल मिला होता है। हमारी रोज़ाना की जिंदगी पाम आयल हर ओर है, इसलिए देख-समझकर खाएं।
ICMR ने कहा कि स्वस्थ जीवन शैली अपनाने से समय से पहले होने वाली मृत्यु को रोका जा सकता है। NIN ने भारतियों को ये ख़ास सलाह दी हैं-
1.कम नमक खाना
2.तेल और वसा का कम मात्रा में उपयोग करना
3.उचित व्यायाम करना
4.चीनी और जंक फूड को कम खाना
5.स्वस्थ जीवन शैली अपनाना और पोषक तत्वों से 6.भरपूर भोजन का सेवन करना
7.प्रोटीन सप्लीमेंट से बचना
8.एयर-फ्राइंग और ग्रेनाइट-कोटेड कुकवेयर को बढ़ावा देना
9.पाम आयल से दूर रहना