24/03/2026
“किडनी स्टोन के ‘हर्बल इलाज’ — सच या सिर्फ भरोसा?”
मैं, डॉ. अरिफ अख्तर, रोज ऐसे मरीज देखता हूँ जो महीनों तक काढ़ा, जड़ी-बूटी या घरेलू नुस्खों पर भरोसा करते रहते हैं… और जब आते हैं, तब तक स्टोन बड़ा हो चुका होता है या किडनी प्रभावित होने लगती है।
सच क्या है? चलिए साफ समझते हैं।
आज की रिसर्च बताती है कि कुछ हर्बल चीजें जैसे Phyllanthus niruri (स्टोन ब्रेकर) या कुछ पौधों के एक्सट्रैक्ट, लैब और छोटे क्लिनिकल ट्रायल में स्टोन बनने की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं या छोटे स्टोन के निकलने में मदद कर सकते हैं।
लेकिन यहाँ एक बड़ी बात है—
इनका प्रभाव सीमित, अनिश्चित और हर मरीज में अलग होता है।
कई स्टडीज़ की क्वालिटी कमजोर है और पुख्ता सबूत अभी भी कम हैं।
यानी हकीकत यह है:
हर्बल इलाज सपोर्टिव हो सकता है, लेकिन मेन ट्रीटमेंट नहीं।
अब दूसरी तरफ देखिए—
10–12% लोगों को जीवन में कभी न कभी किडनी स्टोन होता है
और लगभग 50% में यह दोबारा हो सकता है
अगर आप सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहे, तो
❌ स्टोन बड़ा हो सकता है
❌ इन्फेक्शन या किडनी डैमेज का खतरा बढ़ सकता है
❌ सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है
तो सही रास्ता क्या है?
✔ पानी ज्यादा पिएँ
✔ सही डाइट लें (नींबू, फल, सब्जियां)
✔ डॉक्टर से स्टोन का प्रकार और साइज जांचें
✔ जरूरत पड़े तो मेडिकल या सर्जिकल इलाज करवाएं
याद रखिए:
“नेचुरल” हमेशा “सुरक्षित” या “काफी” नहीं होता।
अपनी किडनी को प्रयोगशाला मत बनाइए — सही समय पर सही इलाज कराइए।
Dr. Arif Akhtar
Centre for Advance Urology and Renal Transplant
www.drarifakhtarurology.com
📞 +918130131982