22/02/2026
अक्सर लोग सोचते हैं कि मोतियाबिंद सिर्फ 60–65 की उम्र के बाद होता है।
लेकिन आजकल कई मामलों में यह 40–50 साल से पहले भी देखने को मिल रहा है। इसे समय से पहले होने वाला मोतियाबिंद कहा जाता है।
इसमें आंख का लेंस धीरे-धीरे धुंधला होने लगता है। शुरुआत में हल्की धुंधलाहट होती है, लेकिन समय के साथ पढ़ना, मोबाइल देखना या ड्राइविंग करना मुश्किल हो सकता है।
कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है —
जैसे डायबिटीज़ के मरीज, ज्यादा धूप में काम करने वाले, धूम्रपान करने वाले या जिनके परिवार में पहले किसी को मोतियाबिंद रहा हो।
अच्छी बात यह है कि समय पर पहचान और सही इलाज से नज़र दोबारा साफ़ हो सकती है।
इसलिए अगर नज़र में बदलाव महसूस हो, तो इंतज़ार न करें।
समय पर जांच ही सबसे बड़ा बचाव है।
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